कैसे रुका केजरीवाल का 'तालिबानी' फरमान ?

By: | Last Updated: Thursday, 14 May 2015 12:48 PM
SC stays Delhi government order initiating defamation cases against media

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार के उस तालिबानी फरमान पर रोक लगा दी है जिसमें उन्होंने अफसरों से कहा था कि छवि खराब करने की खबरों को लेकर वे मानहानि का केस दर्ज कराएं. सुप्रीम कोर्ट अरविंद केजरीवाल के इस फरमान पर रोक लगाते हुए कहा कि केजरीवाल खुद ही पीड़ित हैं. दूसरी तरफ दूसरों पर कार्रवाई की कोशिश करते हैं. ये दोनो चीजें एक साथ नहीं चल सकती हैं. केजरीवाल सरकार ने 6 मई को सर्कुलर जारी किया था.

केजरीवाल ने कहा था कि जिस तरह नेताओं को सबक सिखाया मीडिया को सबक सिखाने में पीछे नहीं हटेगी. मीडिया को सबक सिखाने के लिए फरमान जारी करने वाले केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने बड़का झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस सर्कुलर पर रोक लगा दी है जिसमें सरकार के खिलाफ खबर पर मीडिया पर कार्रवाई की बात कही गई थी.

 

कैसे रुका ‘तालिबानी’ फरमान ?

 

इस फरमान को जारी करने से पहले खुद केजरीवाल आपराधिक मानहानि के कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे चुके हैं. केजरीवाल की इस याचिका की वजह से उन पर चल रहे मानहानि के चार मुकदमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी.

 

जिन चार मुकदमों पर रोक लगाई गई थी उनमें एक पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल की मानहानि से जुड़ा है. इसी पर अमित सिब्बल की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया कि खुद पर चल रहे मामलों पर रोक लगवाने वाले केजरीवाल मीडिया पर अंकुश लगाना चाहते हैं.

 

जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने ही पहले केजरीवाल को राहत दी थी. नए सर्कुलर से नाराजगी जाहिर करते हुए जस्टिस मिश्रा ने कहा कि आपने ऐसा सर्कुलर क्यों जारी किया. एक तरफ आप खुद को पीड़ित की तरह पेश करते हैं, दूसरी तरफ मीडिया पर मानहानि की कार्रवाई करना चाहते हैं. ये दोनों बातें एक साथ नहीं चल सकतीं.

 

इस टिप्पणी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार के सर्कुलर पर रोक लगा दी. अदालत ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके छह हफ्तों में जवाब मांगा है.

 

मीडिया पर हमला करने से पहले केजरीवाल आरोप लगा चुके हैं मीडिया ने ही उनकी सुपारी ले रखी है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ये साफ हो गया कि केजरीवाल न सिर्फ दोहरा रवैया रखते हैं बल्कि मीडिया से खुन्नस निकालने की उनकी कोशिश भी अब नाकाम हो चुकी है.

 

क्या था मीडिया के खिलाफ सर्कुलर?

आपको बता दें कि  दिल्ली सरकार ने अपने सभी अधिकारियों से कहा था कि यदि वे कोई ऐसी खबर पाते हैं जिससे मुख्यमंत्री या सरकार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है तो वे प्रधान सचिव (गृह) के पास शिकायत दर्ज कराएं, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.

 

सूचना एवं प्रचार विभाग निदेशालय द्वारा जारी एक सर्कुलर के अनुसार यदि दिल्ली सरकार से जुड़ा कोई अधिकारी महसूस करता है कि कोई प्रकाशित या प्रसारित समाचार उसकी या सरकार की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है तो उसे प्रधान सचिव (गृह) के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए.

 

एक अधिकारी के अनुसार प्रधान सचिव (गृह) तब मामले को देखेंगे और निदेशक (अभियोजन) की राय मांगेंगे कि क्या भादंसं की धारा 499..500 के तहत अभियोजन शुरू किया जा सकता है.

 

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