कन्हैया की ज़मानत पर आज सुनवाई नहीं, सुप्रीम कोर्ट का इनकार

By: | Last Updated: Friday, 19 February 2016 7:29 PM
SC to hear Kanhaiya Kumar’s bail plea today

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद जमानत के लिए कन्हैया ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी लगाई लेकिन फिर अर्जी वापस भी ले ली. अब माना जा रहा है कि कन्हैया की जमानत अर्जी पर सोमवार या मंगलवार को सुनवाई हो सकती है.

LIVE UPDATE: 

# हाईकोर्ट रजिस्ट्रार ने फाइल को कुछ संशोधन के लिए लौटाया. ऐसे में आज सुनवाई की उम्मीद बेहद कम. सोमवार तक टल सकता है मामला

# हाईकोर्ट में कन्हैया के वकीलों ने अर्जी दी है.

# कन्हैया की जमानत के लिए उनके वकील हाईकोर्ट जाएंगे, थोड़ी देर में कन्हैया के वकील हाईकोर्ट पहुंचने वाले हैं. हाईकोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई…

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि हाईकोर्ट परिसर में कन्हैया कुमार के लिए मुनासिब सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएं.

याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत की अर्जी खारिज नहीं की है, बल्कि लंबित रखा है. इसका सीधा मतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ जमानत की अर्जी की सुनवाई करने से मना किया है. और अगर मान लिया जाए कि कन्हैया को निचली अदालत और हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलती है तो कन्हैया के वकील एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकते हैं.

सुरक्षा के आधार पर सीधे सुप्रीम कोर्ट में जमानत की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वे इसके लिए तैयार हो जाते हैं तो फिर सुप्रीम कोर्ट में ऐसे मामलों की छड़ी लग जाएगी.

इस सुनवाई का दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में ये कहकर विरोध किया था कि सीधे सुप्रीम कोर्ट में जमानत की सुनवाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि नियमों का पालय किया जाए.

आपको बता दें कि नियम है जब किसी आरोपी को निचली अदालत से जमानत नहीं मिलती है तो हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकता है और हाईकोर्ट से भी जमानत नहीं मिलती तो सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी जा सकती है. लेकिन कन्हैया के वकीलों ने सुरक्षा के आधार सीधे सुप्रीम कोर्ट से जमानत की अर्जी सुनने की गुहार लगाई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इससे मना कर दिया.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ये जरूर माना कि पटियाला हाउस में सुरक्षा ठीक नहीं थी.

कन्हैया की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में राजू रामचंद्रन ने जिरह की.

अब क्या होगा?

अब कन्हैया के पास ज़मानत के लिए निचली अदालत या  हाईकोर्ट जाने का विकल्प है. कन्हैया के वकीलों ने कहा कि वे आज ही हाईकोर्ट में अर्जी देंगे.

सुप्रीम कोर्ट जाने के क्या थे कन्हैया के तर्क 

कन्हैया ने अपनी अर्जी में कहा था कि मामले को असाधारण मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ही उनकी जमानत पर विचार करे.

पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान कन्हैया पर जिस तरह हमले की कोशिश हुई थी उसी को आधार बनाकर कन्हैया ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी जमानत याचिका में कहा था कि वो बेगुनाह है, फिर भी कोर्ट परिसर में मौजूद भीड़ उसे इस तरह मारने के लिए तैयार थी जैसे वो दोषी साबित हो चुका हो.  ऐसे में इस बात की संभावना है कि जेल में भी उन पर हमले की कोशिश की जाए.

कन्हैया ने अपनी याचिका में ये भी कहा है कि पुलिस को अब उसकी हिरासत की जरूरत नहीं है और रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिले हैं. इसलिए उसे जमानत दी जानी चाहिए.

kanhaiya

कौन है कन्हैया कुमार और क्या हैं आरोप

कन्हैया कुमार जेएनयू छात्रसंघ के नेता है और उसपर देशद्रोह का केस है. कन्हैया पर आरोप है कि जेएनयू में 9 फरवरी को अफजल गुरू की बरसी पर एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें कन्हैया भी शामिल था. उसकी मौजूदी में देश विरोधी नारे लगे. उसमें कन्हैया भी शामिल है. लेकिन कन्हैया ने इससे इनकार किया है.

जानें क्या है जेएनयू विवाद?

9 फरवरी के कार्यक्रम और उसके बाद के कार्यक्रम के मिले वीडियो में कहीं भी कन्हैया देश विरोधी नारे लगाता नहीं दिख रहा है.

नई दिल्ली : नौ फरवरी को जेएनयू में डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन की तरफ से अफ़ज़ल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. सांस्कृतिक संध्या के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में कश्मीर की आजादी पर चर्चा होनी थी और अफजल गुरु से जुड़ी एक फिल्म भी दिखाई जानी थी. सांस्कृतिक संध्या के लिए के लिए पहले यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इजाजत दी थी लेकिन कार्यक्रम शुरु होने से बीस मिनट पहले उसे रद्द कर दिया गया. बावजूद इसके डीएसयू के उमर खालिद की अगुवाई में कार्यक्रम हुआ और उसमें देश विरोधी नारे लगे. वहां मौजूद ABVP के लोगों ने इसका विरोध किया और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन के खिलाफ नारेबाजी की.

आपको बता दें कि 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में हुए इसी कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगे थे.

आपको बता दें कि 9 फरवरी को जेएनयू कैंपस में हुए इसी कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगे थे.

कार्यक्रम के दौरान वहां पुलिस मौजूद थी लेकिन वो मूकदर्शक बनी रही.

ABVP ने अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज करवाई और यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. ग्यारह फरवरी को बीजेपी सांसद महेश गिरी ने वसंतकुंज थाने जाकर FIR दर्ज करवाई. पुलिस ने अज्ञात लोगों पर धारा 124 A के तहत केस दर्ज किया. बारह फरवरी को जांच के लिए पुलिस जेएनयू पहुंची और छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार कर लिया.

कन्हैया के अलावा FIR में कार्यक्रम के आयोजक उमर खालिद समेत पांच और लोगों के नाम हैं. दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि कन्हैया ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे.

15 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में कन्हैया की पेशी के दौरान वकीलों ने पत्रकारों और कोर्ट में मौजूद जेएनयू के छात्रों के साथ मारपीट की. कोर्ट में कन्हैया की पेशी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा निर्देश के बावजूद 17 फरवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में फिर हंगामा हुआ. वकीलों ने पेशी के दौरान कन्हैया पर हमला किया. पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी हुई.

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