अफजल की फांसी को दो साल पूरे, कश्मीर में सुरक्षा कड़ी

By: | Last Updated: Monday, 9 February 2015 6:57 AM

श्रीनगर: संसद पर हमला करने के दोषी ठहराए गए अफजल गुरू की फांसी को दो साल पूरे होने के मद्देनजर आज शहर में कई अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया या नजरबंद किया गया है और निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. पुराने शहर में नौहट्टा पुलिस थाना इलाकों, सफकदल, महाराजगंज, खानयार और रैनावाड़ी और लालचौक के मैसूमा पुलिस थाना क्षेत्र में कर्फयू जैसे प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं.

 

श्रीनगर के उपायुक्त फारूक अहमद लोन ने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन इलाकों में आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं.’’ पुलिस ने बताया कि जेकेएलएफ के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक को कल शाम उनके मैसूमा आवास से हिरासत में लेकर कोठीबाग पुलिस थाने में रखा गया.

 

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘मलिक को संपूर्ण चिकित्सकीय जांच के बाद सेंट्रल जेल भेज दिया गया.’’ हुर्रियत नेता शब्बीर अहमद शाह, मोहम्मद अशरफ सेहराई और अय्याज अकबर को नजरबंद रखा गया है ताकि वे किसी प्रकार का प्रदर्शन न करें.

 

पुराने शहर के निवासियों ने बताया कि पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है. अलगाववादी समूहों ने आज और 11 फरवरी को बंद का आह्वान किया है जिसके मद्देनजर शेष कश्मीर घाटी में आज जनजीवन अस्त व्यस्त रहा.

 

जेकेएलएफ संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को और अफजल गुरू को नौ फरवरी 2013 को फांसी की सजा दी गई थी. कट्टपंथी हुर्रियत कांफ्रेंस और जेकेएलएफ ने हड़ताल का आह्वान किया है और दो दिन के धरने की घोषणा की है.

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Web Title: second anniversary of afzal guru’s hanging, security tightened in jammu and kashmir
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