पैसे नहीं, पर रियो में पदक का भरोसा: सीमा पूनिया

By: | Last Updated: Tuesday, 14 October 2014 3:45 PM

नई दिल्लीः दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुए 17वें एशियाई खेलों में देश को गोल्ड मेडल दिलाने वाली चक्का फेंक एथलीट सीमा पूनिया ने सोमवार को कहा कि वह रियो ओलम्पिक-2016 में भी देश के लिए पदक जीतना चाहती हैं, लेकिन तैयारी के लिए उनके पास पर्याप्त धनराशि तक नहीं है.

 

पूनिया हालांकि इसके बावजूद रियो में पदक जीतने को लेकर दृढ़ नजर आती हैं. गौरतलब है कि इंचियोन से पहले सीमा ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में देश को सिल्वर मेडल दिलाया था.

 

एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को आयोजित एक समारोह से इतर सीमा ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय स्तर की किसी प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए तैयारी पर कम से कम चार करोड़ रुपयों की जरूरत होती है, लेकिन इतनी राशि हम नहीं जुटा सकते.”

 

हरियाणा की होने के बावजूद सीमा मेरठ की ओर से खेल रही हैं, तथा राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर और एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने पर उप्र सरकार ने उन्हें क्रमश: 30 लाख रुपये और 50 लाख रुपये देने की घोषणा की है.

 

रियो ओलम्पिक को लेकर सीमा का हौसला हालांकि काफी बुलंद है और वह इस इनामी राशि से ही रियो ओलम्पिक की तैयारी करने का मन बना चुकी हैं.

 

सीमा ने कहा, “कोई प्रायोजक नहीं है. इसलिए इसी राशि को बैंक में जमा कराकर रियो ओलम्पिक की तैयारी करूंगी. रियो में देश को पदक दिलाना ही मेरी अगली तमन्ना है. अब चाहे पदक मिले या न मिले, खेल तो नहीं छोड़ना है.”

 

हरियाणा सरकार की ओर से पुरस्कार न दिए जाने पर सीमा ने बताया कि पुरस्कार तो दूर बल्कि दो अधिकारी उनके घर उनके हरियाणावासी होने का प्रमाण मांगने आए थे.

 

सीमा ने चौंकाने वाले तथ्य का खुलासा करते हुए कहा कि इंचियोन एशियाई खेलों की तैयारी के लिए उन्हें अपने वेतन पर 30,000 रुपये का कर्ज लेना पड़ा, जिसे वह अब तक चुका नहीं पाई हैं.

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Web Title: seeam punia
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