सरकार चलाने वालों का मन ‘सेल्फी’ में लगता है: मोदी सरकार पर नीतीश

By: | Last Updated: Wednesday, 27 May 2015 4:16 AM

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्र में नरेंद्र मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल की निराशजनक तस्वीर पेश करते हुए कल कहा कि लोगों ने वोट दिया था ‘सेल्फलेस’ नेतृत्व के लिए और उन्हें मिला ‘सेल्फी’ नेतृत्व.

 

एनडीटीवी चैनल के ब्लॉग पर मोदी सरकार के 365 दिन पूरे होने पर अपनी प्रतिक्रिया में नीतीश ने कहा, ‘‘सरकार चलाने वालों का मन सेल्फी लेने में लगता है. लोगों ने वोट दिया था ‘सेल्फलेस’ नेतृत्व के लिए और उन्हें मिला ‘सेल्फी’ नेतृत्व.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘इस एक बरस में प्रधानमंत्री मोदी की इतनी तस्वीरें हो चुकी हैं, जितनी संभवत: अब तक के सारे प्रधानमंत्रियों की मिलाकर नहीं हुई हांेगी. उनके पास इतनी सेल्फी हैं, जितनी उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों की मिलाकर नहीं होंगी. क्या इसी एजेंडे के लिए लोगों ने वोट दिए थे? भारत में किसी और सरकार ने मात्र एक साल में इस तरह भरोसा नहीं खोया.’’
 

उन्होंने कहा कि लोग काले धन, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, बिहार के लिए विशेष मदद और विशेष श्रेणी और युवाओं को रोजगार जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री के वादों वाला ऑडियो टेप सुनते हैं तो हैरान हो जाते हैं.

 

नीतीश कुमार ने देश में कृषि संकट के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों के प्रति दुख जताते हुए कहा कि एक ऐसे समय में जब खराब मौसम से बर्बाद हुई फसल के कारण लाखों किसान कंगाल हो गए हैं वर्तमान केंद्र सरकार अपने एक साल के प्रचार पर सैकड़ों करोड रूपये खर्च करने जा रही है.

 

बिहार में सत्ताधारी पार्टी जदयू ने राजग सरकार का एक साल पूरे होने पर भाजपा और उसके घटक दलों द्वारा गिनाई जा रहीं उपलब्धियांे को मिथ्या प्रचार बताते हुए आज दावा किया कि इस सरकार के पिछले एक साल के क्रियाकलाप पर अगर नजर डालें तो जनता को सिर्फ निराशा हाथ लगी और सरकार से उसका मोहभंग हुआ.

 

बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और श्याम रजक तथा जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने आज यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में संयुक्त रूप से संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने बिहार सहित देश की जनता से लोकसभा चुनाव से पहले जो वादे किए थे उन्हें पूरा नहीं किया. चुनाव परिणाम के बाद मोदी ने जिसे ‘आशा का मतदान’ बताया था वह अब निराशा और मोहभंग में तब्दील हो गया है.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि अंतराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतें घटीं तो मोदी ने देश में पेट्रोल एवं डीजल के दाम कम होने का श्रेय स्वयं को भाग्यशाली बताकर लिया और अब दो बार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को अंतराष्ट्रीय बाजार में उसकी कीमतों से जोड़ा जा रहा है.

 

चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की जो विदेश यात्राएं होती हैं वह स्पष्ट रूप से देश की कीमत पर अपनी निजी छवि चमकाने की कोशिश होती है.

 

चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिहार की जनता से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दो बार नेपाल गए पर कोसी, कमला और गंडक नदियों के जलप्रबंधन को लेकर कोई चर्चा तक नहीं की.

 

बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्याम रजक ने आरोप लगाया कि केंद्र की वर्तमान सरकार अपने पिछले एक साल के कार्यकाल के दौरान ‘कथावाचक’ की भूमिका में रही और उसने सुशासन अधिक और शासन कम के अपने वादे के विपरित काम किया है.

 

रजक ने केंद्र की वर्तमान सरकार को किसान विरोधी और नौजवान विरोधी बताते हुए कहा कि उसने बडे औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने वाले भूमि अधिग्रहण बिल को संसद में लाने में जरा भी देरी नहीं की पर दलितों को प्रोन्नति देने के लिए विधेयक लाने में हिचकिचा रहे हैं.

 

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता और बिहार विधान परिषद में पार्टी के उपमुख्य सचेतक नीरज कुमार ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और प्रधानमंत्री बनने के बाद वे मात्र एक प्रचार मंत्री और शाब्दिक पहलवान बनकर रह गए हैं.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: “Selfie”, not selfless leadership: Nitish on Modi’s 1st year
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017