शिवसेना के निशाने पर शोभा डे, कहा- कार्यकर्ता वडा पाव और मिसल लेकर उनके घर पहुंचे

By: | Last Updated: Thursday, 9 April 2015 7:37 AM

मुंबई/नई दिल्ली: मराठी फिल्में दिखाना अनिवार्य किए जाने का विरोध करने वाली लेखिका शोभा डे पर शिवसेना ने तीखा हमला करते हुए आज कहा कि यदि बाल ठाकरे ने मराठी संस्कृति को बचाने के लिए ‘‘दादागीरी’’ नहीं की होती तो शोभा के पूर्वज ‘‘पाकिस्तान में पैदा हुए होते’’ और वह ‘‘पेज-3 पार्टियों में बुर्के में शामिल होतीं.’’

 

आज शोभा डे के घर के बाहर शिवसेना कार्यकर्ता आज वड़ा पाव लेकर पहुंचे थे और उनके ट्वीट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है. शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ”आपको मराठी सिनेमा, मराठी संस्कृति से परेशानी है तो यहां रहते क्यों हो? शोभा डे ने अपने ट्वीट से मराठी भाषा की बेइज्जती की है. हम उन्हें वडा पाव खिलाएंगे.”

इस विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए  शोभा डे ने एबीपी न्यूज़ से कहा है कि उन्हें वड़ा पाव बहुत पसंद है औऱ वे इसके लिए शिवसेना को धऩ्यवाद देती हैं.

 

शोभा डे ने एबीपी न्यज़ से बातचीत में कहा, ”मैंने कुछ पर्सनल ट्वीट नहीं किया है. सामना में मेरे लिए जिस भाषा का प्रयोग किया गया है वह चिंताजनक है.”

 

शिवसेना ने कहा है कि शोभा डे चाहें तो मुंबई छोड़कर जा सकती हैं. इस शोभा डे ने कहा, “मैं मुंबई नहीं छोड़ रही. शिवसेना की धमकी पर किसी को भी ध्यान देने की जरूररत नहीं है.”

 

जब शोभा डे से संजय राउत की बातें सुनने को कहा गया तो उऩ्होंने सुनने से भी इंकार कर दिया.

 

मल्टीप्लेक्सों में प्राइम टाइम में मराठी फिल्में दिखाना अनिवार्य करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए शोभा ने ट्वीट किया था, ‘‘मैं मराठी फिल्मों से प्यार करती हूं . यह मुझे निर्णय करने दीजिए कि मैं कब और कहां उन्हें देखूं, देवेंद्र फडणवीस . यह कुछ और नहीं, बल्कि दादागीरी है .’’

 

सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी ने महाराष्ट्र सरकार के फैसले पर जानी मानी उपन्यासकार के ट्वीट पर कल आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की मांग की थी .

 

शिवसेना ने यहां अपने मुखपत्र सामना में आज एक संपादकीय में कहा, ‘‘आपने मराठी भूमि के लिए बड़ी सेवा की है जिसमें आप पैदा हुईं . महाराष्ट्र के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह की टिप्पणियां एक मराठी महिला ने कीं .’’

 

लेखिका पर तीखा हमला बोलते हुए संपादकीय में कहा गया, ‘‘क्योंकि आपने राज्य सरकार के निर्णय को दादागीरी करार दिया है, हम आपको बताना चाहते हैं..यदि छत्रपति शिवाजी ने अपने समय में और बालासाहब ठाकरे ने ‘दादागीरी’ नहीं की होती तो तब आपके पूर्वज और बच्चे पाकिस्तान में पैदा हुए होते और आप पेज 3 पार्टियों में बुर्का पहनकर शामिल होतीं .’’

 

शिवसेना ने कहा, ‘‘मराठी संस्कृति और भोजन पर शोभा ने जो टिप्पणी की है, वह मराठी लोगों का अपमान करने के समान है . उन्होंने हमारी संस्कृति का भी अपमान किया है .’’ संपादकीय में पाकिस्तान शब्द के संदर्भ के बारे में पूछे जाने पर पार्टी ने स्पष्ट किया कि टिप्पणियां मराठी लोगों पर ‘‘अन्याय के खिलाफ’’ शिवाजी और बाल ठाकरे की लड़ाई को रेखांकित करने के लिए हैं .

 

शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने कल कहा था कि शोभा डे ने सदन की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाना चाहिए . उन्होंने कहा कि शोभा ने अपने ट्वीट में कहा कि मल्टीप्लेक्सों में अब पॉपकॉर्न की जगह (मराठी भोजन) ‘दही मिसल’ और ‘वड़ा पाव’ मिलेगा .

 

मराठी फिल्मों के प्रदर्शन विवाद में कूदे आमिर खान

महाराष्ट्र में प्राइम टाइम में मराठी फिल्में दिखाने के विवाद में अभिनेता आमिर खान भी कूद पड़े हैं. मुंबई में एक कार्यक्रम में आमिर ने कहा, ”इसके लिए कानून बनाने की जरूरत क्यों है. अगर किसी फिल्म को दर्शक पसंद करेंगे तो खुद-ब-खुद थिएटर्स तक आएंगे.”

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Web Title: Sena steps up attack on author Shobha De
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