separatist leader Masarat Alam

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By: | Updated: 16 Apr 2015 02:58 PM
नई दिल्ली: मसरत आलम के देशद्रोही नारों के खिलाफ आज देशभर में लोगों का गुस्सा फूटा अलग-अलग जगहों पर मसरत के खिलाफ प्रदर्शन हुए. मसरत पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई. कार्रवाई में ढिलाई राज्य सरकार पर सवाल खड़े कर रही है.

 

मसरत आलम के देशद्रोही नारों के खिलाफ देशभर में लोगों का गुस्सा फूटा. मसरत पर एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई. कार्रवाई में ढिलाई राज्य सरकार पर सवाल खड़े कर रही है.

 

लोगों में गुस्सा अलगाववादी नेता मसरत आलम के खिलाफ है. जम्मू समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में मसरत आलम के खिलाफ प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों की सिर्फ एक ही मांग थी कि देशद्रोही मसरत की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो.

 

बुधवार को कश्मीर में हुर्रियत क़ॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी की सभा से पहले मसरत आलम ने भारत के सबसे बड़े दुश्मन हाफिज सईद और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए. आलम के साथ खड़े लोगों ने भी नारे लगाए.

 

बुधवार को ही मसरत के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी. लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि मसरत पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी.

 

सूत्रों के मुताबिक मसरत के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार मुख्यमंत्री के रवैये से नाखुश है. केंद्र ने पूरे मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है.

 

सवाल खड़ा होता है कि देश के खिलाफ जहर उगलने वाले. और देश के दुश्मन के हक में नारे लगाने वाले को गिरफ्तार करने में राज्य सरकार देर क्यों लगा रही है?

 

मसरत आलम जम्मू कश्मीर का अलगाववादी नेता है और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से जुड़ा हुआ है. जम्मू कश्मीर में मुफ्ती मोहम्मद सईद के मुख्यमंत्री बनने के बाद इसे रिहा कर दिया गया था.

 

श्रीनगर में सुरक्षा बलों के खिलाफ पत्थरबाजी के आंदोलन को मसरत आलम ने ही शुरू किया था. मसरत पर 2008 से 2010 में भारत विरोधी मुहिम चलाने का आरोप है, उसने भारत विरोधी मुहिम- गो इंडिया गो चलाई थी, मसरत को 2010 में भारत विरोधी हिंसा भड़काने के आरोप में पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था.

 

मसरत की गिरफ्तारी के बाद पत्थरबाजी की घटनाएं भी बंद हो गई थीं. गिरफ्तारी के बाद से ही मसरत जेल में बंद था लेकिन पीडीपी-बीजेपी सरकार बनते ही मसरत की रिहाई हो गई. आजाद होते ही मसरत आलम भारत विरोधी गतिविधियों में फिर से जुड़ गया. सैयद अली शाह गिलानी के बाद मसरत को हुर्रियत कांफ्रेंस का अगला चीफ माना जा रहा है.

 

कब गिरफ्तार होगा 'मेरी जान.. मेरी जान.. पाकिस्तान.. पाकिस्तान..' के नारे लगाने वाला मसरत? 

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