एबीपी न्यूज की पड़ताल: शकूर बस्ती में झुग्गियों की संख्या तिगुनी

By: | Last Updated: Thursday, 24 December 2015 6:44 PM
Shakur Basti demolition

नई दिल्ली: दिल्ली की शकूर बस्ती में रेलवे की जमीन पर बनी झुग्गियों को अचानक नोटिस दे के तोड़ने से मची अफरा-तफरी के दौरान नन्ही रूकैया की मौत हो गई थी. दो हफ्ते बाद उसी शकूरबस्ती में एबीपी न्यूज ने पड़ताल की है तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. शकूरबस्ती में झुग्गियों की संख्या अब करीब तिगुनी हो गई है.

 

हाड़ कंपाने वाली ठंड में पन्नी और तिरपाल में रहने को मजबूर बुजुर्ग शकूर बस्ती में उसी जगह रहते हैं जहां रेलवे ने अतिक्रमण हटाने के तहत इनकी झुग्गियों को हटा दिया था.

 

बिना किसी पुनर्वास योजना के झुग्गियां तोड़े जाने दर्द भुगत रहे दिल्ली की शकूर बस्ती के इन लोगों में से ज्यादातर मज़दूरी करते हैं. घर बचाने की जद्दोजहद के चलते इनके लिए काम पर जाना मुश्किल हो रहा है. बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. झुग्गी तोड़े जाने की वजह से बहुत से बच्चे परीक्षा भी नही दे पाये हैं. ठंड में पन्नी और तिरपाल के नीचे रहना मुश्किल हो रहा है.

 

दूसरी तरफ़ स्कूल न जा पाने से बच्चे खाने की लूट के खूब मज़े ले रहे हैं. इसी महीने 12 तारीख को रेलवे ने अपनी जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए यहां मौजूद झुग्गियों को जबरन गिरा दिया था. इस कार्रवाई से कुछ समय पहले ही 6 महीने की बच्ची रुकैया की मौत हो गई थी. पोस्टमॉर्टम से पता चला कि बच्ची की जान भारी सामान के गिरने की वजह से हुई. रुकैया के परिवार का आज भी वही हाल है.

 

हाईकोर्ट के आदेश के बाद यहां रेलवे की तरफ से उन लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है जिनकी झुग्गियां हटा दी गई थीं. अतिक्रमण के दौरान रेलवे की जमीन पर बनी करीब पांच सौ झुग्गियों को हटाया गया था. दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड और रेलवे के ताजा साझा सर्वे में अब इन झुग्गियों की संख्या बढ़ कर 1363 हो गई है. यहां की आबादी भी पहले से बढ़ गई है. पुनर्वास के लिये हुए सर्वे में अपना नाम शामिल करने के लिये कुछ वो लोग भी वापस आ गये हैं जो झुग्गी छोड़ के जा चुके थे. इसके आलावा एक ही झुग्गी में रह रहे कुछ बड़े परिवारों ने अब एक से अधिक झुग्गी बना ली है.

 

यहां 12 तारीख से 17 तारीख तक एनजीओ के लोग खाना दे रहे थे, लेकिन कोर्ट से आदेश होने के बाद सत्रह तारीख से उन्नीस तारीख तक रेलवे ने यहां एक हज़ार लोगों को दोनों वक्त का भोजन दिया. पर जैसे-जैसे यहां लोगों की संख्या बढ़ती गई खाना न मिल पाने की शिकायतें भी बढ़ने लगीं. रेलवे 20 दिसंबर से लगातर 3500 लोगों के लिये दोनों वक्त का भोजन दे रहा है.

 

इन सब के बीच यहां कुछ दिलचस्प नजारे भी देखने को मिल रहे हैं. झुग्गी गिराये जाने के बाद खूब राजनीति हुई थी. आप, कॉंग्रेस और बीजेपी के नेताओं के यहां दौरे हुए थे. अब यहां बहुजन समाज पार्टी ने चुनावी सभा जैसा माहौल बना दिया है.

 

जैसा कि आप जानते हैं शकूर बस्ती से अतिक्रमण हटाने को लेकर मचे बवाल के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ा रूख अपनाया था. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि झुग्गी के लोगों को और दर्द न दिया जाए और संबधित एजेंसियां तुरंत राहत के इंतजाम करें. कोर्ट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानते हुए लोगों की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा बताया था.

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Web Title: Shakur Basti demolition
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