भगवान के घर में भेदभाव क्यों?

By: | Last Updated: Wednesday, 27 January 2016 4:29 PM
Shani Temple Board

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर रोक को लेकर विवाद जारी है . इस विवाद को खत्म करने के लिए महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि दोनों पक्षों से बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता है . लेकिन अगर मुख्यमंत्री फडणवीस वाकई महिलाओं को हक दिलाना चाहते हैं, तो ये उनके अधिकार में है . हिंदुओं की धार्मिक संस्था अखाड़ा परिषद ने कहा कि शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को पूजा से रोकना गलत है.

महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में आज भले ही सामान्य दिनों की तरह दर्शन हो रहा है, लेकिन मंदिर में महिलाओं के पूजा करने को लेकर जो विवाद है, उसकी गूंज अब महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली और इलाहाबाद तक सुनाई दे रही है . धार्मिक संगठन से लेकर नेता तक महिलाओं के समर्थन में आ गए हैं .

4pm stingकल रणरागिनी भूमाता ब्रिगेड की मुखिया तृप्ति देसाई के नेतृत्व में 400 से ज्यादा महिलाएं शनि शिंगणापुर मंदिर में शनि देव की पूजा करने के लिए जा रही थीं, जिन्हें मंदिर से करीब 70 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया था. भूमाता ब्रिगेड की मुखिया और उनकी कुछ कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया था . पुलिस और महिलाओं के बीच संघर्ष के बाद महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी इस विवाद को सुलझाने की पहल की है .

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भारतीय परंपरा और हिंदू धर्म में महिलाओं को हमेशा उपासना करने की आजादी मिली है . भगवान के दर्शन में भेदभाव ये हमारी संस्कृति नहीं है. मंदिर प्रशासन को इन मामलों में पहल करके ऐसे मुद्दों को सुलझाना चाहिए

भूमाता ब्रिगेड अभी भी इस मांग पर अड़ी है कि राज्य सरकार नियमों में बदलाव कर महिलाओं को पूजा का हक दिलाएं. राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पूर्व नेता एम जी वैद्य ने भी मंदिर में महिलाओं को पूजा करने का अधिकार देने का समर्थन कर दिया है.

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भले ही मुद्दे को मिलकर सुलझाने की बात कर रहे हैं, लेकिन सीएम चाहें तो ये विवाद आसानी से खत्म हो सकता है .

शनि शिंगणापुर मंदिर का संचालन एक ट्रस्ट करता है . ट्रस्ट के वकील सायाराम बानकर के मुताबिक मंदिर का संचालन बॉम्बे पब्लिक ट्र्स्ट एक्ट 1950 के नियम 53 के तहत होता है . चूंकि महाराष्ट्र का विधि और न्याय विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है . ऐसे में फडणवीस चाहें तो विशेष एक्ट पास कराकर मंदिर के नियमों में बदलाव कर सकते हैं .

दरअसल पिछले साल 28 नवंबर को शनि शिंगणापुर मंदिर में एक युवती ने 400 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए शनि देव के चबूतरे पर चढ़कर तेल चढ़ाया था, जिस पर विवाद हुआ था . अगले दिन मंदिर प्रशासन ने बकायदा शनि मूर्ति का शुद्धिकरण करवाया था .

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