पोस्टर के जरिए साईं बाबा बनाम हनुमान बनाने की रणनीति!

By: | Last Updated: Friday, 30 October 2015 3:57 PM
Shankaracharya Swarupanand controversial Poster

नई दिल्ली: साईं बाबा बनाम हनुमान? धार्मिक आस्था से जुड़े इन दो नामों को आमने-सामने खड़ा करने की कोशिश हो रही है. शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं बाबा के खिलाफ एक पोस्टर जारी किया है जिसमें साईं बाबा को पीटते नजर आ रहे हैं हनुमान.

 

ये पोस्टर कई नए विवादों को जन्म दे सकता है. पोस्टर में दिखाया गया है कि राम भक्त हनुमान पेड़ लेकर साईं बाबा को भगा रहे हैं. इस पोस्टर को भोपाल में हिंदुओँ के धर्मगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने जारी किया.

 

देश भर की आस्था के केंद्र हैं हनुमान. शक्ति के साथ-साथ राम की भक्ति के अद्भुत प्रतीक हैं. वहीं शिरड़ी के साईं बाबा को भी करोड़ों पूजते हैं. सादगी के साथ साईं बाबा एक ईश्वर होने का संदेश देते हैं. 

 

दिलचस्प ये भी है इंटरनेट पर साईं भक्तों ने साईं बाबा और हनुमान को एक साथ दिखाते हुए कई तस्वीरें बनाई हैं. इन तस्वीरों में किसी किस्म का बैर नहीं दिखाया गया है. शंकराचार्य की तरफ से जारी ये पहली तस्वीर होगी जिसमें हनुमान को सांई के खिलाफ दिखाया गया है.

 

पोस्टर में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने साईं बाबा को सिर्फ मुस्लिम बताया है.  दावा ये भी किया जा रहा है कि साईं बाबा के मंदिर के पास हनुमान मंदिर भी बनाया जाएगा. भोपाल में स्वामी स्वरूपानंद का कहना है कि उनका विरोध साईं बाबा से नहीं बल्कि साईं बाबा के नाम पर फैलाए जा रहे पाखंड से है.

 

शिरडी साईं संस्थान ने इस तरह के बयानों को गलत बताया है. ये पहली बार नहीं है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंदर सरस्वती ने साईं बाबा के खिलाफ मुहिम छेड़ी है. धर्म संसद से लेकर अलग-अलग मंचों से वो ये मामला उठाते रहे हैं. लेकिन शंकराचार्य को कोई बड़ा समर्थन मिलता नजर नहीं आता.

 

इस बारे में हमने साईं बाबा ट्रस्ट से बात करने की कोशिश की. लेकिन साईं बाबा ट्रस्ट ने आज कोई बयान नहीं दिया है. वहीं शंकराचार्य का कहना है कि साईं बाबा के भक्त हिंदू धर्म को बिगाड़ रहे हैं. इसी तर्क को आधार बना कर शंकराचार्य साईँ बाबा के खिलाफ मुहिम पिछले साल ही शुरू की थी.

 

शंकराचार्य का कहना है कि साईं बाबा के भक्त हिंदू धर्म को बिगाड़ रहे हैं. इसी तर्क को आधार बना कर शंकराचार्य साईँ बाबा के खिलाफ मुहिम चला रहे हैं. शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती की मुहिम के बाद ये मुद्दा धर्म संसद में भी उठा और सनातन धर्म के मंदिरों से साईं बाबा की प्रतिमा हटाने का प्रस्ताव पारित हुआ. अब पोस्टर के जरिए इस हमले को और विवादित बना दिया गया है. लेकिन सवाल उठते हैं कि साईं बाबा से नाराजगी क्या है. इसकी वजह इन तस्वीरों में छिपी है.

 

साईं बाबा को यूं तो दुनिया से रुखसत हुए 96 साल गुजर चुके हैं लेकिन आज भी शिरडी में उनकी समाधि पर भक्तों का मेला लगा रहता हैं. पिछले कुछ बरसों में साईं बाबा के मंदिरों की तादाद भी देश और दुनिया में तेजी से बढी है. साईं भक्त उन्हें भगवान मानते हैं और बरसों से उनकी पूजा करते चले आ रहे हैं लेकिन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती साईं भक्तों की भक्ति पर ही बार-बार चोट कर रहे है.

 

शिरडी के इस मंदिर में ही साईं बाबा को समाधि दी गई थी और तब से ही शिरडी साईं बाबा की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है. दरअसल शिरडी का ये मंदिर अपनी अमीरी की वजह से भी चर्चा में रहता है.

 

श्री साईं बाबा संस्थानम ट्रस्ट ने साल 2014-15 के जो आंकडे जारी किए हैं उसके मुताबिक ट्रस्ट के पास 1473 करोड़ के फिक्सड डिपॉजिट हैं. इसका अलावा 100 करो़ड की कीमत का 376 किलो सोना, 14 करोड़ की चांदी और 7 करोड़ के हीरे हैं.

 

हिंदू धर्म में देश के चार हिस्सों में चार मठों की स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी. उन चार मठों के मुखिया ही अब शंकराचार्य कहे जाते हैं. शंकराचार्य हिंदू परंपरा में सबसे बड़ा पद है. साईं बाबा के भक्तों और शंकराचार्य के बीच कानूनी मामले पहले से चल रहे हैं. ऐसे में शंकराचार्य का हमला एक नए विवाद को जन्म दे सकता है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Shankaracharya Swarupanand controversial Poster
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: SAI sai baba Shankaracharya Swarupanand
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017