'संकट' में शरद यादव की राज्यसभा सदस्यता, कहा- पहाड़ से लड़ रहे हैं तो चोट तो लगेगी ही

राज्य सभा की सदस्यता जाने के खतरे के सवाल पर शरद यादव ने कहा कि हम पहाड़ से लड़ रहे हैं तो यह सोच कर ही लड़ रहे हैं कि चोट तो लगेगी ही.

By: | Last Updated: Wednesday, 13 September 2017 5:19 PM
Sharad Yadav on Rajya Sabha membership, said- If you are fighting with the mountain, you will feel hurt

नई दिल्ली: जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने पार्टी और राज्य सभा की अपनी सदस्यता पर मंडराते संकट पर अपना पक्ष रखा. अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा है कि उनकी लड़ाई पद की नहीं सिद्धांत और संविधान बचाने की है. शरद यादव ने आज कहा कि उन्हें राज्य सभा से सदस्यता खत्म करने को लेकर नोटिस मिला है जिसका वह माकूल जवाब देंगे.

हम पहाड़ से लड़ रहे हैं तो यह सोच कर ही लड़ रहे हैं कि चोट तो लगेगी ही: शरद यादव

शरद यादव ने मंगलवार को चुनाव आयोग की तरफ से पार्टी पर यादव गुट के दावे पर संज्ञान नहीं लेने और राज्य सभा का नोटिस मिलने के बाद अपना पक्ष रखते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि इन कानूनी पहलुओं को उनके वकील देख रहे हैं, वह देश की साझी विरासत पर आधारित संविधान को बचाने की बड़ी लड़ाई के निकल पड़े हैं. राज्य सभा की सदस्यता जाने के खतरे के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘हम पहाड़ से लड़ रहे हैं तो यह सोच कर ही लड़ रहे हैं कि चोट तो लगेगी ही. राज्य सभा की सदस्यता बचाना बहुत छोटी बात है, हमारी लड़ाई साझी विरासत बचाने की है. सिद्धांत के लिये हम पहले भी संसद की सदस्यता से दो बार इस्तीफा दे चुके हैं.’’

शरद यादव ने साफ किया कि चुनाव आयोग में उन्होंने नहीं बल्कि जेडीयू से निकाले गये महासचिवों ने अपना दावा पेश किया है, इसमें वह महासचिवों के साथ हैं. जेडीयू के भविष्य के सवाल पर उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को पार्टी कार्यकारिणी और आठ अक्टूबर को राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद जेडीयू बड़े रुप में सामने आएगी.

हम सिद्धांत और संविधान के साथ खड़े हैं: शरद यादव

अपनी भविष्य की रणनीति के बारे में शरद यादव ने कहा कि वह सिद्धांत और संविधान को बचाने की राह पर है और उनके विरोधी इसकी उलट राह पर हैं. उन्होंने जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि हमारे ‘मुख्यमंत्री मित्र’ ने खुद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद से जब महागठबंधन बनाने की पहल की थी तब भी वह भ्रष्टाचार के आरोपों से बाहर नहीं थे. जबकि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद अचानक शुचिता के नाम पर गठजोड़ तोड़ दिया. उन्होंने ने कहा कि यह बिहार के 11 करोड़ मतदाताओं के साथ धोखा है, हमने सिद्धांत के आधार पर ही इसका विरोध किया. उन्होंने कहा कि हम सिद्धांत और संविधान के साथ खड़े हैं और साझी विरासत के मंच से इसे लड़ा जाएगा.

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Web Title: Sharad Yadav on Rajya Sabha membership, said- If you are fighting with the mountain, you will feel hurt
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