एबीपी न्यूज का बड़ा खुलासा : मेहर तरार से शादी करना चाहते थे शशि थरूर?

By: | Last Updated: Wednesday, 23 July 2014 4:33 PM
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नई दिल्ली : आज हम बड़ा खुलासा कर रहे हैं. ऐसा खुलासा जो पूरी कहानी को नया मोड़ देता है. कहानी सुनंदा औऱ शशि थरूर की. क्या लव स्टोरी हेट स्टोरी में बदल चुकी थी? और क्या था उसका दुबई कनेक्शन?

 

17 जनवरी 2014, कमरा नंबर 345 , होटेल लीला पैलेस, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली. उस दिन इस कमरे में जो हुआ उसने देश को चौंका दिया था. सत्ता के गलियारों तक में सनसनी फैला दी थी. क्योंकि होटेल के कमरे में मंत्री की पत्नी का शव मिला था.

 

मौत से दो दिन पहले ही पति-पत्नी के बीच का झगड़ा दुनिया के सामने आया था . झगड़ा एक पाकिस्तानी महिला को लेकर था. वह पाकिस्तानी पत्रकार, मेहर तरार हैं.

 

क्या वाकई शशि थरूर औऱ मेहर तरार के बीच कोई रिश्ता था? कितना गहरा रिश्ता था? ऐसा क्या होने वाला था जिसने सुनंदा को हिला कर रख दिया था? कब होने वाला था? क्या बताया था सुनंदा ने अपने दोस्तों को? जांच रिपोर्ट में सब बयान दर्ज हैं.

 

ये वो कहानी है जो जांच अधिकारियों को दिए बयानात से निकल कर आ रही है. ऑन रिकॉर्ड दर्ज किए बयान जिनपर मैजिस्ट्रेट की मुहर लगी है. खुद शशि थरूर से हमने उनका पक्ष जानने के लिए भी संपर्क किया. जो बयान जांच अधिकारियों के सामने दिए गए हैं उन्हीं के आधार पर ये सवाल खड़े किए जा रहे हैं. इन पर शशि थरूर का पक्ष जानने के लिए जब उनसे संपर्क किया गया तो उनकी तरफ से जवाब दिया गया कि वो अपने 2 जुलाई 2014 के बयान पर कायम हैं. जिसमें उन्होंने कहा था कि

 

“अपनी पत्नी की दुखद मौत पर, और शुरू से ही, मैंने गुजारिश की है कि इसकी संपूर्ण जांच होने चाहिए और जांच पारदर्शी और जल्दी खत्म होनी चाहिए. पुष्कर परिवार का भी यही मत है और हम सबने अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग किया है. मैं इस लंबी चल रही जांच को एक स्पष्ट और निर्णायक परिणाम तक पहुंचाने की गुजारिश दोहराता हूं, ताकि सभी अटकलों को विराम दिया जा सके.”

 

थरूर अपने 2 जुलाई के बयान पर कायम हैं कि जांच जल्द पूरी हो ताकि तमाम अटकलों पर विराम लग सके. लेकिन कैसी अटकलें? बाकी लोगों ने ऐसे क्या बयान दिए? औऱ उन बयानों में क्या है जो सनसनीखेज है?

 

जांच टीम ने उन सब लोगों से बात की जिनसे  सुनंदा ने आपने आखिरी दिनों में बात की थी. जो सुनंदा के करीबी थे. उन सब बयानों में सबसे चौंकाने वाली बात जो जांच टीम को लोगों ने बताई, और बताई ही नहीं, ऑन रिकॉर्ड दर्ज करवाई. वो ये थी कि कांग्रेस के पूर्व मंत्री शशि थरूर, अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर थरूर को तलाक देना चाहते थे. और तलाक देकर शादी करना चाहते थे पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से.

 

ये सुनंदा को पता चल चुका था. शशि औऱ सुनंदा के झगडे होते थे. और मेहर ही नहीं, सुनंदा को  जाननेवाले लोगों ने तो जांच अधिकारियों को ये भी दावा किया है कि मेहर तरार के अलावा भी एक महिला थी. एक और महिला थी जिसको लेकर दोनों के बीच झगड़े होते थे. लेकिन कहानी तेजी से 17 जनवरी 2014 के खतरनाक अंजाम की तरफ तब बढ़ी जब सुनंदा को पता चला कि शशि थरूर और मेहर तरार के बीच दुबई में क्या हुआ था?

 

कब हुआ था? लव स्टोरी कैसे बनी हेट स्टोरी और क्या था हेट स्टोरी का दुबई कनेक्शन? मेहर तरार से शादी करना चाहते थे शशि?

 

बयानों में दर्ज है ये बड़ा खुलासा कि जिस पाकिस्तानी पत्रकार के शशि थरूर के साथ रिशतों को लेकर सुनंदा के आखिरी दिनों में इतना बड़ा विवाद हुआ था, वो विवाद, वो अटकलें, वो सवाल निराधार नहीं थे. बयान तो ये  तक दिए गए कि शशि मेहर तरार से शादी करना चाहते थे. और कहानी पहुंचती है 2013 में, दुबई.

 

जांच टीम को शशि की मेहर तरार से शादी के इरादे की बात बताई सुनंदा की दोस्त और जानी-मानी पत्रकार नलिनी सिंह ने. जांच रिपोर्ट में दर्ज है कि 17 जनवरी 2014, यानी जब सुनंदा का शव होटेल के कमरे में मिला, उससे ठीक एक दिन पहले सुनंदा ने अपनी दोस्त नलिनी सिंह को फोन पर बताया कि शशि थरूर का इरादा मेहर तरार से शादी करने का है.

 

जांच अधिकारियों को दिए गए बयानो में बताया गया है कि शशि थरूर औऱ पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के संबंध इस कदर आपस में बढ गए थे कि दोनो एक दूसरे से शादी करने पर आमादा थे.

 

इतना ही नहीं, बयान में यहां तक दावा किया है कि दोनों की शादी 2014 के आम चुनाव के बाद होने वाली थी. दस्तावेजो में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि सुनंदा ने खुद मरने वाली रात से एक दिन पहले इस बात को अपनी दोस्त नलिनी सिंह को फोन पर बताया था.

 

और सुनंदा ने नलिनी को ये भी कहा कि उसने तरार औऱ थरूर के बीच एक मैसेज ऐसा भी देखा है जिसमे तरार ने कहा था कि वो अब थरूर के बिना नहीं रह सकती.

 

सबसे चौंकाने वाली बात तो ये कि बयानों में आरोप लगाया गया है कि मेहर तरार से इस अफेयर को शशि थरूर के परिवार की तरफ से भी शह मिल रही थी. और सुनंदा को पता चल चुका था कि मेहर तरार शशि थरूर के बहुत करीब आ चुकी थी.

 

दस्तावेजो के मुताबिक सुनंदा को दुबई में मौजूद उसके करीबी लोगों ने बताया था कि जून 2013 में मेहर तरार औऱ शशि थरूर ने तीन दिन दुबई में साथ-साथ बिताये थे और इसके कुछ अहम सबूत भी सुनंदा को मुहैया कराए गए थे औऱ तब से दोनों के बीच झगडा बढ गया था.

 

जून 2013. यानी मौत से 6 महीने पहले. बयानों के मुताबिक सुनंदा को पता था कि 6 महीने पहले उसके पति पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ दुबई में तीन दिन बिता चुके थे. दुबई में मौजूद सुनंदा के दोस्तों ने ये बात सुनंदा को बताई थी. सबूत भी दिए थे. सुनंदा दुबई में काफी लोगों को जानती थीं. आखिर वहीं रही थीं, काम करती थी. 1988 में अपने पहले पति से तलाक होने के बाद सुनंदा 1989 के बाद से दुबई में ही तो बस गई थीं. 1991 में सुजीत मेनन से वहीं सुनंदा ने दूसरी शादी की थी. सूजीत की मौत के बाद दिल्ली और कैनडा रहने के बाद सुनंदा फिर दुबई में ही काम करने चली गईं थीं और इत्तफाक से शशि थरूर से भी सुनंदा की मुलाकात दुबई में ही हुई थी.

 

इसलिए उसी दुबई में जब शशि और मेहर तरार ने तीन दिन एक साथ बिताए तो सुनंदा को ये पता चलना कोई मुश्किल काम नहीं था.

 

बयानों के मुताबिक रिश्तों में खटास तो काफी पहले से आनी शुरू हो चुकी थी लेकिन जून 2103 यानी मौत से 6 महीने पहले दुबई में शशि का मेहर के साथ तीन दिन बिताने के बाद से झगड़े बढ़ते गए. और आखिर सुनंदा को पता चल ही गया कि शशि उसे भी तलाक देकर मेहर तरार को अपनी चौथी बीवी बनाना चाहते हैं. 2014 के चुनावों के बाद.

 

 

दुबई में शशि और मेहर के बीच क्या हुआ?

 

बयान अगर ये कहते हैं कि सुनंदा का मेहर औऱ शशि के रिश्ते के बारे में ये मानना था कि उनका शादी का इरादा है तो सवाल ये कि ऐसा विश्वास किन  घटनाओं के आधार पर हुआ? और क्या बयान कहते हैं सिर्फ मेहर तरार ही थी?

 

एबीपी न्यूज़ संवाददाता ओपी तिवारी के हाथ जो बयान लगे हैं, उनमें मेहर तरार ही नहीं, एक और महिला का नाम है. शशि और सनुंदा के बीच झगड़ा बेशक मेहर तरार को लेकर बढ़ा हो, लेकिन तकरार और महिलाओं को लेकर भी होती रहती थी.

 

और ये बयान सिर्फ सुनंदा की दोस्त मशहूर पत्रकार नलिनी सिंह ने ही नहीं दिया है. दस्तावेजो के मुताबिक इस झगडे की पुष्टि शशि थरूर के एक नौकर ने भी अपने बयान में की है.

 

ये बयान दिया है शशि थरूर के नौकर नारायण सिंह ने. नारायण के बयान के मुताबिक 2013 में एक बार जब वो भी शशि औऱ सुनंदा के साथ दूबई गया था, वहां सुनंदा औऱ शशि के बीच बड़ी लड़ाई हुई थी. पति-पत्नी वाला रोजाना होने वाला जैसा झगड़ा नहीं.

 

बल्कि ऐसी लडाई जो इस कदर बढी कि शशि थरूर के पैर में चोट आ गई थी. नारायण ने अपने बयान में यह भी कहा कि दोनो के बीच झगड़ा 6 महीने से नहीं बल्कि एक साल से जारी था.

 

मेहर के साथ तीन दिन तो शशि थरूर ने जून 2013 में बिताए थे, तो फिर झगड़ा एक साल से क्यों जारी था?

 

शशि थरूर के नौकर नारायण सिंह के मुताबिक, सिर्फ मेहर ही नहीं थी. और भी थीं.. एक महिला का तो नारायण ने नाम भी लिया है

 

दस्तावेजो में लिखी बातों पर यकीन किया जाए तो पता चलता है कि लडाई केवल तरार को लेकर ही नही होती थी खुद सुनंदा ने नलिनी सिंह से कहा कि शशि थरूर के कुछ औऱ महिलाओ से भी रोमांटिक संबंध रहे हैं और नौकर नारायण ने तो अपने बयानों में ऐसी एक महिला का नाम भी लिखा हुआ है.

 

इन बयानों में तो इल्जाम सीधा शशि थरूर पर है कि सुनंदा से शादी निभाते वक्त वो महिलाओं के करीब जाने से हिचकते नहीं थे. सुनंदा की भी ये तीसरी शादी थी और शशि की भी. लेकिन सुनंदा के दूसरे पति का 1997 में देहांत हुआ था और उसके 13 साल बाद 2010 में सुनंदा ने शशि से शादी की थी. जबकि यहां तक कहा जाता है कि शशि थरूर की जब सुनंदा से दुबई में पहली मुलाकात हुई थी तब वो शादीशुदा थे. और यहां तक कहा जाता है कि उनकी दूसरी पत्नी कैनडा की राजनयिक क्रिस्टा जाइल्स उस ट्रिप में दुबई में उनके साथ थीं जब शशि की सुनंदा से मुलाकात हुई.

 

और अब जांच टीम को ये बयान दिए गए हैं कि सुनंदा से शादी के बाद भी महिलाओं से शशि थरूर की ऐसी मेल-मुलाकात जारी थी जिसकी वजह से दोनों के बीच साल भर झगड़ा चला. एक महिला का नाम भी बयान में दर्ज कराया है नौकर नारायण सिंह ने.

 

और बयानों के मुताबिक पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार से तो रिश्ता इतना बढ़ गया कि उससे तो शशि चौथी शादी रचाने का इरादा रखते थे.

 

मेहर के अलावा भी कोई महिला थी?

 

जांच टीम ये जानना चाह रही थी कि सुनंदा की मौत से पहले के आखिरी 48 घंटों में क्या हुआ. इसलिए उन सब से बात की जिनसे सुनंदा ने बात की या जो उन 48 घंटों में सुनंदा के संपर्क में आए. उन्हीं 48 घंटों में वो ट्विटर वाला विवाद भी हुआ था जिससे सवाल उठे कि शशि औऱ सुनंदा की शादी में सब ठीक तो है न?

 

जांच टीम को दिए बयान में दर्ज है कि मरने से पहली वाली रात, सुनंदा ने अपनी दोस्त पत्रकार नलिनी सिंह से एक मदद मांगी थी.

 

क्या थी वो मदद? ये जानने से पहले याद कर लेते हैं उऩ दिनों क्या चल रहा था सुनंदा की जिंदगी में. और क्या छप रहा था अखबारों में. क्यों बनी हुई थीं मीडिया की सुर्खियों में सुनंदा?

 

17 जनवरी 2014 को सुनंदा की मौत हुई. उससे दो दिन पहले यानी 15 जनवरी को शशि थरूर के ट्विटर अकाउंट पर कुछ संदेश देखकर लोग हैरत में आ गए. आखिर 20 लाख से ज्यादा लोग शशि थरूर को ट्विटर पर फॉलो करते हैं. लेकिन इन संदेशों ने सबको चौंका दिया था. ये संदेश शशि के साथ करीब का रिश्ता होने के संकेत दे रहे थे. और ये संदेश कथित तौर पर भेजे थे पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार ने. इन संदेशों में मेहर शशि के लिए अपना प्यार जता रही थीं. तूफान सा आ गया. शशि ने ये कहकर तूफान को थामने की कोशिश की कि उनका ट्विटर अकाउंट किसी ने हैक कर लिया है. यानी वो ये कहना चाह रहे थे कि किसी ने उनको बदनाम करने के लिए उनके ट्विटर अकाउंट पर उनकी तरफ से ये संदश डाल दिये हैं. इस तूफान के आने के अगले दिन यानी 16 जनवरी को शशि और सुनंदा की तरफ से एक साझा बयान भी जारी किया गया कि कुछ निजी संदेश गलत तरीके से सामने आए हैं लेकिन दोनों अपनी शादी में खुश है.

 

 

दस्तावेजों के मुताबिक सुनंदा ने कहा था कि तरार औऱ थरूर वाले मेल उनके एक शुभचितंक ने सोशल साइट पर डाले थे और उसे य़े भी तंज था कि गंभीर रूप से बीमार होने की आंशका के वावजूद शशि थरूर उसे खुद कभी किसी डाक्टर के पास नही ले गए फिलहाल इस तमाम मामले की सच्चाई क्या है दिल्ली पुलिस इसकी जांच कर रही है.

 

अब जांच टीम को दिए बयानों में ये साफ हो रहा है कि ये वही संदेश थे जो बीबीएम यानी ब्लैकबेरी फोन की खास मैसेज सेवा के जरिये मेहर तरार ने शशि थरूर को भेजे थे. और सुनंदा को शक था कि कुछ अहम मैसेज शशि थरूर के ब्लैकबेरी फोन से डिलीट किए जा चुके थे.

 

इसीलिए चाहिए थी सुनंदा को नलिनी सिंह की मदद. नलिनी सिंह के ऑन रिकॉर्ड दर्ज बयान में साफ लिखा है कि सुनंदा शशि थरूर के बीबीएम एकाउंट से डिलीट किए गए कुछ मैसेजो को रिट्रीव करने के लिए नलिनी की मदद चाहती थी. औऱ इसके लिए शशि थरूर के फोन को खुद उसने नलिनी सिंह के पास पहुंचाना था.

 

तो फिर दोनों की तरफ से साझा बयान क्यों देने दिया सुनंदा ने.

 

इस अहम सवाल पर बयानों में दर्ज है कि शशि औऱ सुनंदा के ज्वाइंट स्टेटमेंट जिसमें उन्होने शादी से खुश रहने की बात कही थी के बारे में मरने से पहले वाली रात सुनंदा ने खुद खुलासा किया था कि ऐसा साझा बयान थरूर साहब चाहते थे औऱ उसने गुस्से में कह दिया कि वो जो करना चाहते है करें. और इसीलिए वो बयान जारी किया गया. लेकिन बयान के मुताबिक असल में शादीशुदा जिंदगी में खुशी खत्म हो रही थी. क्योंकि शादी ही खत्म हो रही थी.

 

जांच अधिकारियों के सामने दर्ज किये बयानों के मुताबिक जिनपर खुद एसडीएम की मुहर लगी है. सुनंदा ने बताया था कि चुनावों के बाद शशि थरूर उसे तलाक देकर मेहर से शादी करना चाहते थे.

 

 

नलिनी सिंह से सुनंदा ने क्या मदद मांगी?

 

अब सुनंदा पुष्कर थरूर की जिंदगी के आखिरी दो दिनों को इन बयानों के आधार पर देखिए. मौत हुई 17 जनवरी  को. दिल्ली में. और दिल्ली से पहले सुनंदा तिरुवनंतपुरम में इलाज करवा रही थीं. शशि औऱ सुनंदा दिल्ली लौटे घटना से दो दिन पहले, 15 जनवरी को.

 

अब सवाल ये है कि सुनंदा को जानने वाले अगर अपने बयानों में ये दावा कर रहे हैं कि सुनंदा ने उन्हें बताया था कि शशि उससे तलाक लेकर मेहर से शादी करना चाहते हैं, तो शशि थरूर ने क्या बताया है?

 

उससे पहले ये भी समझना जरूरी है कि जांच एजेंसियो के लिए सुनंदा थरूर के आखिरी 48 घंटे बेहद मह्त्वपूर्ण क्यों थे? क्योकि दस्तावेजो के मुताबिक इन बीते 48 घंटो में सुनंदा शायद अपने जीवन के कई अहम फैसले लेने जा रही थी जिसमें कथित रूप से शशि थरूर औऱ उसके जीवन का कोई बडा खुलासा शामिल था. और अपने यही अहम फैसले ले रही सुनंदा सोई तो फिर सोती ही रह गई.

 

दस्तावेजो के मुताबिक नौकर नारायण ने अपने बयान मे कहा कि घटना से दो दिन पहले 15 जनवरी को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली वापस आते हुए मैडम औऱ साहब के बीच लडाई हुई थी. झगड़े में मैडम ने साहब के सारे फोन छीन के अपने पास रख लिए. ये कहते हुए कि आप मेरी तबियत खराब होने पर भी मेरा ध्यान नहीं रखते और सारा ध्यान फोन पर रहता है. नारायण ने बताया है कि इसके बाद जहाज दिल्ली में रूकने पर दरवाजा खुलने तक मैडम रोती रही और साहब जरूरी मीटिंग में जाना है यह कह कर एयरपोर्ट से चले गए. सुनंदा को जब ये पता चला तो वो बेहद नाराज हुई औऱ लीला होटल चली गई.

 

15 को शशि और सुनंदा दिल्ली लौटे, फिर 16 को  दोनों की तरफ से ट्विटर पर मेहर तरार के मैसेज वाले विवाद पर साझा बयान जारी किया गया. और 17 को सुनंदी की मौत हो गई. तो 16 की रात को क्या हुआ?

 

दस्तावेजो के मुताबिक 15 जनवरी को शाम 6 बजे सुनंदा लीला होटल पहुंची औऱ वहा जा कर फोन पर कुछ संदेश भेजे. नौकर नारायण के मुताबिक इसके बाद सुनंदा ने शशि थरूर को फोन कर के कहा कि थरूर साहब आप खत्म हो गए हैं क्योंकि मैने मीडिया को बता दिया है.

 

बयानों में दर्ज हे कि 16 जनवरी की रात 12 बज कर दस मिनट पर यानी जब कैलेंडर पर ताऱीख 17 जनवरी की पड़ चुकी थी. सुनंदा ने पत्रकार नलिनी सिंह को फोन किया. औऱ लंबी बातचीत करते हुए उसे तमाम हालात बताए औऱ मदद मांगी

 

इस बीच उसने अपने नौकर से यह भी पूछा कि शशि थरूर आ गए है या नही. शशि थरूर रात 12.30 बजे लीला होटेल पहुंते तो दोनों के बीच झगड़ा शुरु हो गया. याद रखिये, रात 12:30 बजे, यानी तारीख 17 हो चुकी थी. जब ये झगड़ा शुरु हुआ. और  सुबह 4.30 बजे तक  दोनो के बीच लडाई होती रही. औऱ फिर आधा घंटा सुनंदा ने किसी पर फोन से बात की.

 

इसके बाद फिर सुबह 17 की सुबह साढे छह बजे तक दोनों मे लडाई होती रही. लेकिन अहम सवाल ये कि इस सब पर शशि थरूर ने अपने बयान में क्या कहा है.

 

शशि थरूर के बयानो के मुताबिक 16 जनवरी की रात सुनंदा से उनका छोटा झगडा हुआ था सुनंदा ने मशरूम का सूप पी लिया था लेकिन कुछ खाया नही था और वो जयपुर नहीं जाना चाहती थी लिहाजा जयपुर के टिकट कैंसिल करा दिए गए.

 

16 की रात को क्या हुआ?

अब कहानी पहुंचती है घटना के दिन. सुनंदा की मौत  के दिन. 17 जनवरी 2014. क्या बताया गया है बयानों में कि 17 जनवरी को सुबह से क्या-क्या हुआ?

 

नौकर के बयान के मुताबिक 17 जनवरी सुबह साढे 6 बजे तक पति पत्नी के बीच झगड़ा होता रहा. उधर शशि थरूर के बयानो के मुताबिक 17 जनवरी की सुबह उनकी अपने एकाउटेंट के साथ बैठक थी लिहाजा वो होटल से घर चले गए .

 

नौकर ने बताया कि शशि थरूर होटल से गए तो सुनंदा ने अपने नौकर से सफेद सूट लाने को कहा. इस सफेद सूट का भी घटनाक्रम में अहम रोल है.

 

सुनंदा क्या खुलासा करना चाहती थी. बयानों के मुताबितक 17 जनवरी की सुबह सुनंदा ने नारायण से कहा कि तुम घर जा कर सो जाओ और मेरा सफेद सूट लेते आना. नारायण सुनंदा के कपडे लाने औऱ आऱाम करने के लिए घर चला गया.

 

दोपहर में नारायण शशि थरूर के पीए राकेश शर्मा के साथ वापस होटल आया तब सुनंदा सो रही थी. उसने सुनंदा के पैरों को हाथ लगा कर उठाने की कोशिश की पर पीए राकेश शर्मा ने कहा कि वो गहरी नींद में सो रही हैं. दोनों ने सुनंदा को सोते रहने दिया.

 

इसके बाद शाम साढे चार बजे सुनंदा के दोस्त सजंय दीवान का फोन आय़ा. नाराय़ण ने फोन उठाया. संजय ने सुनंदा की तबियत का हाल पूछा तो नारायण ने बताया कि मैडम की तबियत ठीक नहीं है संजय दीवान साढे पांच बजे होटल पहुंच गए.

 

फिर सुनंदा को उठाने की कोशिश की लेकिन वो नही उठी. इस बीच 17 जनवरी को शशि थरूर का फोन भी आया औऱ उन्होने भी पूछा कि सुनंदा उठ गई या नहीं तब उन्हें बताया गया कि वो नहीं उठी हैं शशि थरूर खुद पौने आठ बजे होटल पहुंचे तब भी सुनंदा सो रही थी शशि थरुर के बयानो के मुताबिक उन्हे टीवी पर नौ बजे इटंरव्यू के लिए जाना था लिहाजा उन्होंने साढे आठ बजे सुनंदा को उठाने के लिए उसके कमरे में गए.

 

 

शशि थरूर के बयान के मुताबिक उन्होने आवाज दे कर कहा कि डार्लिग how are you feeling? यानी तुम कैसा महसूस कर रही हो. लेकिन सुनंदा की तरफ से कोई जवाब नही आय़ा. शशि ने ये भी बताया कि वो गहरी नींद में नहीं सोती थी. इसलिए शशि के मुकाबिक उन्हें शक हुआ तो बुखार देखने के लिए शशि थरूर ने सनुंदा के माथे पर हाथ रखा. शशि ने बताय माथा बेहद ठंडा था. और सुनंदा के हाथ भी स्थिर थे. तब शशि थरूर ने लोगों को बुलाया औऱ थरूर के बयानों के मुताबिक होटल के डाक्टर को बुलाया गया लेकिन तब तक देर हो चुकी थी.

 

शशि थरूर ने अपने पूरे बयानो में कहीं भी मेहर तरार का नाम नही लिया है साथ ही उनके औऱ उनके सहायको के बयानो में खासा अंतर है.