शिवसेना का दावा, पीएम मोदी ने शरद पवार की बेटी को दिया था मंत्री पद का ऑफर

शिवसेना का दावा, पीएम मोदी ने शरद पवार की बेटी को दिया था मंत्री पद का ऑफर

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में रविवार को एक हस्ताक्षरित लेख में संजय राउत ने दावा किया कि पवार ने एक बार उनसे कहा था कि उनकी बेटी को पीएम मोदी की तरफ से मंत्रिमंडल में शामिल करने की पेशकश की गई है.

By: | Updated: 11 Sep 2017 09:21 PM

मुंबई: शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार की पुत्री और सांसद सुप्रिया सुले को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करने की पेशकश की थी. हालांकि एनसीपी और बीजेपी ने आज इस दावे को खारिज किया.


शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में रविवार को एक हस्ताक्षरित लेख में संजय राउत ने दावा किया कि पवार ने एक बार उनसे कहा था कि उनकी बेटी को पीएम मोदी की तरफ से मंत्रिमंडल में शामिल करने की पेशकश की गई है. शरद पवार ने मीडिया में आई इन खबरों को खारिज किया था कि वह खुद एनडीए सरकार में शामिल हो सकते हैं.


राज्यसभा सदस्य राउत ने लिखा, ‘‘पवार ने मुझसे कहा कि मीडिया में आई उनके मोदी कैबिनेट में शामिल होने की इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने इस तरह की खबरों को मूर्खता की हद करार दिया.’’ उन्होंने दावा किया कि पवार ने उनसे कहा, ‘‘मेरी पार्टी के बारे में अफवाह फैलाई जा रही हैं. पीएम मोदी ने एक बार मुझसे कहा था कि वह सुप्रिया को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं. उस बैठक में मौजूद सुप्रिया ने मोदी से कहा था कि उनका मंत्रिमंडल में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है.’’ शिवसेना सांसद ने यह भी कहा कि पवार ने उन्हें बताया कि एनसीपी का रुख स्पष्ट है, फिर भी भ्रम पैदा करने के लिए अफवाह फैलाई जा रही हैं.


राउत ने कहा, ‘‘शरद पवार यह कहते हैं. लेकिन एनसीपी के ऐसे वरिष्ठ नेता भी हैं जो (महाराष्ट्र के) मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के संपर्क में हैं. शिवसेना के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है, चाहे एनसीपी फड़णवीस मंत्रिमंडल में शामिल होना चाहे या मुख्यमंत्री एनसीपी नेताओं के साथ गुप्त बैठकें करें.’’ शिवसेना नेता के दावों का जवाब देते हुए बीजेपी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पवार और राउत की कोई राजनीतिक विश्वसनीयता नहीं बची है.


उधर, एनसीपी ने कहा कि पार्टी वैचारिक मतभेदों के कारण कभी भी बीजेपी से हाथ नहीं मिलाएगी. बीजेपी प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा, ‘‘क्या संजय राउत और शरद पवार की कोई राजनीतिक विश्वसनीयता बची है? इन खबरों पर भरोसा करने से पहले एक चीज ध्यान में रखनी चाहिए कि उनकी कोई विश्वसनीयता नहीं है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘एक और संभावना भी हो सकती है. एनसीपी कैबिनेट में जगह चाहती हो लेकिन उसे प्रधानमंत्री मोदी से मनचाहा जवाब नहीं मिला. इसलिए हंगामा मचाया गया. राउत और पवार को उनके बीच भाईचारे के कारण बताने चाहिए. ’’


शरद पवार से संपर्क करने की कोशिश की गई तो एनसीपी प्रमुख के एक करीबी सहयोगी ने कहा कि वह अपने गृहनगर बारामती में हैं और सही समय पर सामना के लेख का जवाब देंगे. हालांकि एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के कारण भविष्य में भी उनकी पार्टी के बीजेपी में शामिल होने का कोई सवाल नहीं है. उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल ने भी साफ किया था कि खबरों में कोई सच्चाई नहीं है.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story गुजरात: दूसरे चरण में दांव पर लगी है नितिन पटेल, अल्पेश ठाकुर सहित इन दिग्गज़ों की किस्मत