बच्चों से बलात्कार करने वालों को नपुंसक बनाने का आदेश नहीं दे सकते: सुप्रीम कोर्ट

Should child rapists be castrated: Supreme Court asks Centre

नई दिल्ली: बच्चों से बलात्कार करने वालों को नपुंसक बनाने का आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. हालांकि, अदालत ने संसद को सलाह दी है कि वो बच्चों से बलात्कार के मामलों पर अलग से प्रावधान बनाने पर विचार करे. सुप्रीम कोर्ट की महिला वकीलों की संस्था ने इस बारे में अदालत में याचिका दाखिल की थी. अदालत ने इस बारे में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी के भी विचार सुने और आखिरकार बिना कोई आदेश पारित किये याचिका का निपटारा कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इस बात का ज़िक्र किया कि बलात्कार के लिए लगने वाली आईपीसी की धारा- 376 में नाबालिग के साथ बलात्कार के लिए प्रावधान है लेकिन छोटी बच्चियों के लिए नहीं. अदालत ने कहा कि समाज में अबोध बच्चियों से बलात्कार की कई घटनाएं होती हैं. इनके बारे में जानकर किसी भी संवेदनशील शख्स को ठेस पहुंचती है.

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस दीपक मिश्रा ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, “आपने जिस तरह की सज़ा की मांग की है, वो भावना पर आधारित है. हम किसी खास किस्म की सज़ा का आदेश नहीं दे सकते. हम संसद को सलाह ज़रूर दे सकते हैं कि वो अलग से कानून बनाने पर विचार करे.”

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Web Title: Should child rapists be castrated: Supreme Court asks Centre
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