स्मृति ईरानी के सर्कुलर से विवाद, पांच सितंबर को पीएम का भाषण सुनने के लिए स्कूलों को आदेश

By: | Last Updated: Monday, 1 September 2014 9:31 AM
Smriti irani on teachers day

फ़ाइल फ़ोटो: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी

नई दिल्ली/चेन्नई: पांच सितंबर को शिक्षक दिवस को लेकर शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी के सर्कुलर पर विवाद हो गया है. मानव संसाधन मंत्रालय ने स्कूलों को सर्कुलर भेजा है कि 5 सितंबर को बच्चे 3 बजे पीएम का भाषण सुनें.

 

केंद्र सरकार के आदेश के बाद दिल्ली सरकार की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि पीएम का भाषण शुरू होने से पहले स्कूल में मौजूद बच्चों की संख्या बताना जरूरी है. पांच सितंबर को शाम 3 बजे से 5 बजे तक बच्चों और स्टाफ का स्कूल में रहना जरूरी है.

स्मृति ईरानी के मंत्रालय के सर्कुलर पर गैर बीजेपी राज्यों में विरोध हो रहा है.विरोध के बाद स्मृति इरानी ने सफाई देते हुए कहा है कि स्कूलों में मोदी का भाषण दिखाना अनिवार्य नहीं होगा. ईरानी यह  भी कहा है कि ये बच्चों और स्कूलों की इच्छा पर निर्भर है, किसी बच्चे को भाषण सुनने के लिए दोपहर तीन बजे तक स्कूल में रुकना जरूरी नहीं. लेकिन उनके मंत्रालय के निर्देश पर कई राज्य सरकारों ने जो सर्कुलर जारी किए हैं उनमें साफ तौर पर इसे अनिवार्य बताया गया है.

 

दिल्ली सरकार के सर्कुलर के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों का दौरा करेंगे. अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई होगी.

 

पांच सितंबर को पीएम मोदी का भाषण सुनाने के लिए जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में भी तैयारी हो रही है. गैर बीजेपी शासित राज्य होने के बावजूद यहां की सरकार का विरोध नहीं है.

 

गैर-बीजेपी राज्यों में इसका विरोध शुरू हो गया है.  स्मृति ईरानी का कहना है कि अध्यापकों को समर्पित इस दिन पर कोई राजनीति ना हो.

 

तमिलनाडु में भाजपा सहयोगी टीचर्स डे को ‘गुरूउत्सव’ घोषित करने के खिलाफ

पीएमके और एमडीएमके के नेताओं क्रमश: एस रामदास और वाइको ने कहा कि केंद्र तुरंत टीचर्स डे को ‘गुरू उत्सव’ घोषित करने के आदेश को वापस ले.

 

पांच सितंबर को छात्रों से चर्चा करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले का तो रामदास ने स्वागत किया लेकिन इस दिवस को ‘गुरू उत्सव’ कहे जाने पर आपत्ति जतायी.

 

रामदास और वाइको ने हाल ही में सीबीएसई स्कूलों में संस्कृत सप्ताह मनाए जाने का विरोध किया था. रामदास ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र सरकार के लिए इसका नाम बदलकर ‘गुरू उत्सव’ करना उचित नहीं है . यह संस्कृत थोपने का गोपनीय प्रयास है, जो स्वीकार्य नहीं है.’’

 

वाइको ने भी छात्रों के साथ चर्चा करने के मोदी के फैसले का स्वागत किया लेकिन कहा कि पार्टी केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री द्वारा टीचर्स डे का नाम बदलकर ‘गुरू उत्सव’ किए जाने की ‘कड़ी निंदा’ करती है .

 

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार को यह अहसास होना चाहिए कि राष्ट्रीय अखंडता केवल तभी मजबूत होगी जब विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों की पहचान को बेहतर किया जाएगा.’

 

द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि पहले ही इस कदम का विरोध करते हुए आरोप लगा चुके हैं कि यह तमिल भाषा और समाज को नीचा दिखाने की साजिश है .

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Smriti irani on teachers day
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017