राहुल गांधी में हिम्मत है तो मुझे जेल भेजें- स्मृति ईरानी

By: | Last Updated: Sunday, 20 September 2015 2:54 PM

अमेठी/नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आज राहुल गांधी को चुनौती दी कि वह उन्हें जेल भेज दें. ईरानी ने यह चुनौती कांग्रेस द्वारा राजीव गांधी ट्रस्ट के खिलाफ भूमि पर कब्जा करने के संबंध में उनकी ओर से लगाए आरोपों को लेकर कानूनी नोटिस दिए जाने के एक दिन बाद दी है. उन्होंने अमेठी की जनता के पक्ष में बोलने का भी संकल्प जताया.

 

ईरानी ने कहा, ‘‘कुछ लोग यहां की उनकी यात्रा से परेशान हो जाते हैं.’’ उन्होंने कहा कि वह किसी कानूनी नोटिस से डरने वाली नहीं हैं. ईरानी यहां 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी से हार गई थीं.

 

कांग्रेस उपाध्यक्ष का परोक्ष तौर पर उल्लेख करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, ‘‘कुछ लोग मेरी अमेठी यात्रा से परेशान हो जाते हैं.’’ अमेठी के गूंगवाज गांव में शिवदुलारी महिला महाविद्यालय में पौध वितरण के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर कांग्रेस या राहुल गांधी समझते हैं कि इस देश की महिला ‘अबला’ है तो उन्हें इसे भूल जाना चाहिए. मैं इससे भयभीत होने वाली नहीं हूं और अमेठी की आवाज उठाती रहूंगी.’’ ईरानी ने कहा, ‘‘अगर राहुल या कांग्रेस में साहस है तो वो मुझे सलाखों के पीछे डालें. मैं चुप नहीं रहूंगी. अमेठी से मेरा नाता चुनावों का नहीं है.’’ कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने दिल्ली में ईरानी को कानूनी नोटिस दिया था. ईरानी ने आरोप लगाया था कि राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट ने अमेठी में किसानों की जमीन पर कब्जा किया था. कांग्रेस ने इन आरोपों को ‘गलत और दुर्भावनापूर्ण’ बताया था.

 

केंद्रीय मंत्री से पार्टी के खिलाफ इस तरह का कोई भी लांछन लगाना बंद करने और इससे बचने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहती हैं तो पार्टी के पास उचित कानूनी उपचार–दीवानी और फौजदारी दोनों हासिल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा. ईरानी ने कहा, ‘‘कल एक अधिवक्ता मेरे दिल्ली आवास पर आया जब मैं बैठक में व्यस्त थी. उसने मुझे नोटिस दिया है कि अगर मैं राहुल गांधी या नेहरू-गांधी परिवार के खिलाफ अमेठी में कोई टिप्पणी करती हूं तो वह मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा.’’ राहुल के खिलाफ कार्यक्रम स्थल पर कई बैनर लगाए गए थे लेकिन उन्हें शीघ्र हटा लिया गया.

 

इस बीच, ईरानी के भाषण समाप्त करने के तुरंत बाद सभा में बैठे तकरीबन 150 शिक्षा मित्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी.

 

ईरानी ने मंच से आश्वासन दिया कि उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वह केंद्र को शिक्षा मित्रों से संबंधित ब्योरा दे.

 

उन्होंने कहा कि एक बार ब्योरा मिल जाने के बाद केंद्र उचित कदम उठाएगा.

 

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक राज्य सरकार रिपोर्ट नहीं भेजती है तब तक हम इस मुद्दे पर कुछ भी करने की स्थिति में नहीं हैं. मैं सिर्फ यही कह सकती हूं कि शिक्षा मित्रों के हितों की रक्षा के लिए मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी.’’ हालांकि, आश्वासन के बाद भी शिक्षा मित्रों ने मंत्री का उस वक्त घेराव किया जब वह मंच से नीचे उतरीं.

 

उत्तर प्रदेश में तकरीबन 1.72 लाख शिक्षा मित्र तब से आंदोलन कर रहे हैं जब इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल में ही उनकी नौकरी के नियमितीकरण को निरस्त कर दिया था.

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Web Title: smriti_irani_dares_rahul_to_send_her_jail
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