आर्थिक-सामाजिक जनगणऩा आंकड़े पेश, नहीं दिए जातिगत आंकड़े

By: | Last Updated: Friday, 3 July 2015 6:28 AM

नई दिल्ली : मोदी सरकार ने आज सामाजिक-आर्थिक जनगणना के आंकड़े पेश किए और जातिगण जनगणना के आकड़ो को सार्वजनिक नहीं किया. इससे पहले माना जा रहा था कि सरकार जातिगत आधारित सामाजिक-आर्थिक जनगणना के आंकड़े पेश किए जाएंगे, लेकिन सरकार ने औन मौके पर जातिगत आधारित आंकड़े पेश नहीं किए.

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली व ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने सामाजिक-आर्थिक जनगणना पेश किया. आंकड़ा पेश करते हुए अरुण जेटली ने दावा किया कि यह एक शानदार दस्तावेज होगा. इससे भारत की हकीकत पता चलेगी.

 

चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सोशल इकनॉमिक कास्ट सेंसस का काम कई मंत्रालय एक साथ देख रहे हैं. जातिगत जनगणना का काम रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया देख रहे हैं. वो तय करेंगे कि वो कब जारी किया जाएगा. मेरे अधीन ग्रामीण विकास मंत्रालय है इसलिए उसके आंकड़े मैंने जारी किए हैं.

 

आपको बता दें कि 1929 के बाद पहली बार इस तरह की जनगणना की गई.    

व्यापम घोटाले की जांच कर रहे दो STF अधिकारियों को मिली ‘देख लेंगे’ धमकी

आंतक और तनाव बढ़ाने वाली थ्योरी पर काम कर रही है मोदी सरकार: गोविंदाचार्य

वाजपेयी ने गुजरात दंगे को एक ‘गलती’ बताया था: पूर्व रॉ चीफ 

 

 

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Socio-Economic and Caste Census will reflect the Realities of India,
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: caste census l reflect Socio-Economic
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017