पीड़ित महिला के दिमाग में अपने निशान छोड़ देता है रेप: सुप्रीम कोर्ट

By: | Last Updated: Tuesday, 4 August 2015 3:02 AM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग लड़की से गैंग रेप करने के दोषी उसके मामा और चाचा को सुनाई गयी 10 साल कैद की सजा को कम करने से इनकार करते हुए आज कहा कि इस तरह के अपराध पीड़िता के दिमाग में अपनी छाप छोड़ देते हैं.

 

शीर्ष अदालत ने कहा कि रेप ऐसा कृत्य है जो पीड़िता के मानवाधिकारों पर आघात है.

 

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, ‘‘किसी सभ्य समाज में सभी को दूसरों के प्रति सम्मान रखना चाहिए और किसी को भी किसी भर तरह से शरीर से छेड़छाड़ का अधिकार नहीं है.’’

 

शीर्ष अदालत ने हरियाणा के दो निवासियों की अपीलों को खारिज करते हुए उक्त टिप्पणी की. दोनों 16 साल की बच्ची के मामा और चाचा हैं.

 

उन्हें बच्ची से रेप करने के मामले में 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी थी जिसके खिलाफ उन्होंने अपील की थी.

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Web Title: supreme court
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