सुप्रीम कोर्ट के जजों, वकीलों के संगठन ने सुप्रीम कोर्ट संकट पर बातचीत की-Supreme Court judges, lawyers' association talks on crisis in Supreme Court

SC के दो जजों, बार काउंसिल ने सुप्रीम संकट पर जस्टिस चेलामेश्वर से बातचीत की

सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दो जजों - जस्टिस एसए बोबदे और एल नागेश्वर राव - ने जस्टिस जे चेलामेश्वर से मुलाकात की, जिन्होंने यहां अपने आधिकारिक आवास में अभूतपूर्व संवाददाता सम्मेलन में चार जजों का नेतृत्व किया था.

By: | Updated: 14 Jan 2018 07:47 PM
Supreme Court judges, lawyers’ association talks on crisis in Supreme Court

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों के प्रधान जज के खिलाफ सार्वजनिक रूप से उतरने के चलते पैदा हुए संकट पर सुप्रीम कोर्ट के जजों के बीच रविवार को  विचार विमर्श चल रहा है.


सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दो जजों - जस्टिस एसए बोबदे और एल नागेश्वर राव - ने जस्टिस जे चेलामेश्वर से मुलाकात की, जिन्होंने यहां अपने आधिकारिक आवास में अभूतपूर्व संवाददाता सम्मेलन में चार जजों का नेतृत्व किया था.


न्यायपालिका को प्रभावित करने वाले संकट पर चर्चा करने के लिए ‘बार काउंसिल ऑफ इंडिया’ (बीसीआई) के सात सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा जस्टिस चेलामेश्वर से उनके आवास पर मुलाकात करने के शीघ्र बाद इन जजों की बैठक हुई.


बीसीआई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इसके अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा ने किया. मुद्दे पर चर्चा करने के लिए यह रविवार को  सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों से मुलाकात कर रहा है.


सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जस्टिस आरके अग्रवाल सहित सुप्रीम कोर्ट के कई जजों से पहले ही मुलाकात कर चुका है. साथ ही, इसने रविवार को  शाम प्रधान जज (सीजेआई) दीपक मिश्रा से मिलने का भी समय मांगा है.


बीसीआई में मौजूद एक सूत्र ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की जजों से देर शाम तक मुलाकात चलेगी क्योंकि कुछ जज दिल्ली से दूर हैं और उनके शाम में लौटने की उम्मीद है. इस बीच, दिल्ली के सभी बार एसोसिएशनों की एक समन्वयक समिति ने हालिया घटनाक्रम पर अपने विचार जाहिर करने के लिए शाम में संवाददाता सम्मेलन बुलाया है.


वहीं, वकीलों के सुप्रीम संगठन ने 12 जनवरी के संवाददाता सम्मेलन के बाद के घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए कल एक बैठक की थी. यह संवाददाता सम्मेलन सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने किया था.


बीसीआई ने चार जजों के संवाददाता सम्मेलन को दुर्भाग्यपूर्ण कदम बताया था और कहा, ‘‘जजों के पत्र से ऐसा प्रतीत होता है कि रोस्टर और कुछ मामलों को सूचीबद्ध किए जाने से जुड़े मुद्दों पर सीजेआई और इन जजों के बीच मतभेद हैं.’’ बीसीआई ने एक प्रेस बयान में कहा कि प्रतिनिधिमंडल जजों से यथाशीघ्र मुद्दे का हल करने का अनुरोध करेगा. बार काउंसिल का यह आमराय से विचार है कि यह सुप्रीम कोर्ट का एक आंतरिक मामला है.


इसने राजनीतिक दलों और नेताओं को न्यायपालिका की आलोचना करने या इसे मुद्दा बनाने के प्रति आगाह किया है क्योंकि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करेगा जो देश के लोकतंत्र का संरक्षक है.


काउंसिल ने यह आशा भी जताई कि सुप्रीम कोर्ट के जज मुद्दे की गंभीरता को महसूस करेंगे और भविष्य में वे ऐसे हालात से बचने की कोशिश करेंगे, जिसका नेता या राजनीतिक दल फायदा उठा सकते हों या जो हमारी न्यायपालिका को नुकसान पहुंचा सकता हो. गौरतलब है कि कल जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था, ‘‘कोई संकट नहीं है,’’ जबकि जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कहा था कि मुद्दे का हल करने के लिए बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नही है.


वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने सीजेआई और चार जजों के बीच मतभेद पर कल गंभीर चिंता प्रकट की थी और कहा था कि मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण पीठ के जरिए फौरन विचार किया जाना चाहिए.


 

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Supreme Court judges, lawyers’ association talks on crisis in Supreme Court
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story बैसाखी पर पाकिस्तान गया युवक अमरजीत लापता, 12 अप्रैल को गए 1800 सिख श्रद्धालु भारत लौटे