पत्नी कोई 'वस्तु' नहीं, साथ रखने के लिए नहीं कर सकते मजबूर: सुप्रीम कोर्ट

पत्नी कोई 'वस्तु' नहीं, साथ रखने के लिए नहीं कर सकते मजबूर: सुप्रीम कोर्ट

By: | Updated: 09 Apr 2018 08:32 AM
Supreme Court says Wife Not An Object, You Can't Force Her To Stay With You

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पत्नी कोई ‘‘निजी संपति’’ या ‘‘‘वस्तु’’ नहीं है और यदि पति अपनी पत्नी के साथ रहना भी चाहे तब भी पत्नी को इसके लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.


एक महिला की तरफ से पति पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए दायर आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की. महिला ने अपनी याचिका में कहा था कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती, हालांकि उसका पति साथ रहना चाहता है.


न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अदालत कक्ष में मौजूद पति से कहा, ‘‘वह (पत्नी) कोई निजी संपत्ति नहीं है. आप उसे मजबूर नहीं कर सकते. वह आपके साथ नहीं रहना चाहती है. आप कैसे कह सकते हैं कि आप उसके साथ रहेंगे.’’


महिला ने अपने वकील के जरिए स्पष्ट कहा कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती. पीठ ने महिला के इस बयान के मद्देनजर पति से कहा कि वह पत्नी के साथ रहने के अपने निर्णय पर ‘पुनर्विचार’ करे.


अदालत ने व्यक्ति से कहा, ‘‘बेहतर होगा कि आप इस पर पुनर्विचार करें.’’ पति की ओर से पेश वकील से पीठ ने कहा, ‘‘वह (पति) इतना गैरजिम्मेदार कैसे हो सकते हैं ? वह महिला के साथ निजी संपत्ति की तरह व्यवहार कर रहे हैं. वह कोई वस्तु नहीं है.’’ इस मामले में अगली सुनवाई आठ अगस्त को होगी.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title: Supreme Court says Wife Not An Object, You Can't Force Her To Stay With You
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story सुप्रीम कोर्ट ने संपत्ति कुर्की के खिलाफ दाऊद की मां और बहन की याचिका खारिज की