Supreme Court to hear hearing in eight cases including Aadharcard from Jan 17 । सुप्रीम कोर्ट 17 जनवरी से आधार सहित आठ मामलों में करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 17 जनवरी से आधार सहित आठ मामलों की करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठतम जजों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठें आधार की वैधता से जुड़े मामले सहित आठ महत्वपूर्ण विषयों पर 17 जनवरी से सुनवाई शुरू करेगी.

By: | Updated: 14 Jan 2018 02:41 PM
Supreme Court to hear hearing in eight cases including Aadharcard from Jan 17

नई दिल्ली: मामलों के बंटवारे को लेकर चीफ जस्टिस और चार वरिष्ठतम जजों के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठें आधार की वैधता से जुड़े मामले सहित आठ महत्वपूर्ण विषयों पर 17 जनवरी से सुनवाई शुरू करेगी. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर यह जानकारी दी गयी.


आधार अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती के अलावा संविधान पीठें दो वयस्कों के बीच आपसी रजामंदी से बनने वाले समलैंगिक यौन संबंध को दोबारा अपराध के दायरे में लाने वाले 2013 के अपने एक फैसले को दी गयी चुनौती से भी निपटेगी. संविधान पीठों के सदस्यों की जानकारी अब तक नहीं दी गयी है.


क्या है सुप्रीम कोर्ट के चार जजों से जुड़ा मामला?


12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस कर जजों के बीच चल रहा मतभेद खुल कर सामने जनता के सामने ला दिया. जिससे सभी यह बताना चाहते थे कि न्यायपालिका का काम कैसे चल रहा हैं. जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा - "लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका बहुत ज़रूरी है. हालात ऐसे बन गए थे कि हमारे लिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाना ज़रूरी था." उन्होंने आगे कहा - "हमने आज भी एक ज़रूरी बात के लिए मुलाकात की. लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी. ऐसा काफी अरसे से हो रहा है."


माना जा रहा है कि वरिष्ठ जज खास तौर पर मेडिकल कॉलेज मान्यता मामले में अपनी अनदेखी से नाराज़ हैं. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के मुताबिक यूपी के दो मेडिकल कॉलेजों को दाखिले की अनुमति देने के लिए जजों के नाम पर रिश्वत का लेन-देन हुआ था. जस्टिस चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसकी सुनवाई 5 वरिष्ठतम जजों से कराने का आदेश दिया था. लेकिन उसी दिन चीफ जस्टिस ने इस आदेश को ये कहते हुए बदल दिया कि कोई मामला कौन सी बेंच सुने, ये तय करना चीफ जस्टिस का अधिकार है.

ये मामला दूसरी बेंच के पास भेजा गया, जिसने इसे खारिज कर दिया. चूंकि, मेडिकल कॉलेज मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस कर चुके थे. इसलिए, इस मामले में हुई कथित रिश्वतखोरी पर उनकी तरफ से बेंच बनाने की कानूनी गलियारों में आलोचना भी हुई थी.

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Web Title: Supreme Court to hear hearing in eight cases including Aadharcard from Jan 17
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