व्यापम घोटाले और मौत से जुड़े सारे केस की जांच CBI करेगी: सुप्रीम कोर्ट

By: | Last Updated: Thursday, 9 July 2015 3:34 AM

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आदेश दिया है कि व्यापम घोटाले और मौत से जुड़े सारे केस की जांच सीबीआई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट में व्यापम घोटाले से जुड़ी अर्जियों की जैसे ही सुनवाई शुरू हुई, सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने से पहले उसका रुख जानना चाहा, सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार को सीबीआई जांच से एतराज नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट ने उस वक़्त सारे केस की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश जारी किया.

 

अब सोमवार से सीबीआई इस केस की जांच शुरू करेगी.

 

अब सवाल उठता है कि क्या सीबीआई की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी. इसका फैसला 25 जुलाई को होगी. सुप्रीम कोर्ट सीबीआई की रिपोर्ट के बाद इस पर फैसला करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को अपनी रिपोर्ट देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. सीबीआई 24 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगा. इस केस की अगली सुनवाई 25 जुलाई को होनी है.

 

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने व्यापम घोटाले पर संजय शुक्ला की याचिका पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव और मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. चार हफ्ते में जवाब मांगा. शुक्ला ने अपनी अर्जी में राज्यपाल से पूछताछ मांग की है.

 

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इस केस से जुड़ी कुछ अन्य अर्जियों पर बाद में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने ब्हिसलब्लोअर की याचिकाओं पर कहा कि वे उन्हें तफसील से सुनेंगे.

 

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में व्यापम से संबंधित 6 याचिकाएं हैं. इन अर्जियों में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की अर्जी भी शामिल है. इसके अलावा आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी, फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर आनंद राय और सायबर एक्सपर्ट प्रशांत पांडेय की अर्जियां हैं.

 

फैसले पर शिवराज का बयान

 

व्यापम की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा है कि वे राहत महसूस कर रहे हैं और सीबीआई से अनुरोध है कि जल्दी से जल्दी जांच हो ताकि सारा सच सामने आए और इंसाफ मिल सके.

 

शिवराज ने कहा कि कांग्रेस ने घटिया आरोप लगाए हैं और राज्य में संदेह का माहौल बनाया.

 

दिग्विजय खुश

 

व्यापम की जांच सीबीआई को सौंपे जाने पर दिग्विजय सिंह ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से देश में न्यायपालिका पर लोगों का विश्वास बढ़ा है. मैं सुप्रीम कोर्ट का अभारी हूं.”

 

मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह पर हमला करते हुए दिग्विजय ने कहा कि अगर उन्हें यही सदबुद्धि दो साल पहले आ जाती तो ये दिन नहीं देखने पड़ते.

 

दिग्विजय ने कहा कि इस घोटाले के संबंध में जो बच्चे जेल में बंद हैं उन्हें सरकारी गवाह बनाना चाहिए, ताकि जो अधिकारी, राजनेता और दलाल के नेक्सेस ने ये सब किया है उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए.

 

कांग्रेस नेता का कहना है कि ये 2जी से बड़ा घोटाला है और पीएम से अनुरोध किया कि वे खुद इसकी जांच की मॉनिटरिंग करें.

 

बीजेपी का पक्ष

 

बीजेपी नेता संबित पात्रा का कहना है कि मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह ने जो बात कही थी, और आज सुप्रीम कोर्ट ने उसपर मुहर लगा दी है. पात्रा ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का शुक्रगुजार हैं.”

 

आपको बता दें कि मंगलवार को ही शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से अनुरोध किया था कि इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी जाए.

 

 

क्या है मामला?

व्यापम घोटाले से जुड़े लोगों की मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है. अब तक 45 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. इसी वजह से इस घोटाले और हो रही मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की जा रही थी.

 

 

जबलपुर पुलिस ने नम्रता दामोर की फाइल फिर की बंद

इंदौर की मेडिकल छात्रा नम्रता दामोर की मौत की जांच की फाइल पुलिस ने बंद कर दी है. कल ही खबर आई थी कि उज्जैन के एसपी ने नम्रता दामोर की मौत से जुड़े केस की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं. लेकिन अब खबर ये है कि पुलिस को इस मामले में नया कुछ सबूत नहीं मिला है लिहाजा फाइल बंद कर दी गई है. दूसरी बार भी जांच होकर जांच बंद कर गदी गई है.

 

व्यापम घोटाले को लेकर चर्चाओं में आई नम्रता दामोर की केस फाइल एक बार फिर खुलने की कल ही खबर आई थी. पुलिस ने इस मामले में पहले हत्या का केस दर्ज किया था और बाद में इसे दुर्घटना बताकर केस खत्म कर दिया था. लेकिन उज्जैन के एसपी मनोहर सिंह वर्मा ने एसडीओपी को नए सिरे से केस रिव्यू करने के निर्देश दिए थे.

 

क्या है व्यापम घोटाला?

 

मध्य प्रदेश का व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापम घोटाले में अब तक 45 लोगों की मौत हो चुकी है. आखिर ये घोटाला है क्या? –आइये समझने की कोशिश करते हैं –

 

 

 

व्यापम के तहत सरकारी नौकरियों और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए हुआ था एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा.

 

55 केस, 2,530 आरोपियों और 1,980 गिरफ्तारियों के साथ इसे खूनी घोटाला भी कहा जाने लगा है.

 

इस घोटाले से सबसे पहले पर्दा तब उठा जब 7 जुलाई, 2013 को मध्य प्रदेश के इंदौर में पीएमटी की प्रवेश परीक्षा में कुछ छात्र फर्जी नाम पर परीक्षा देते पकड़े गए.

 

दो हिस्सो में बंटा है व्यापम घोटाला

 

उच्च शिक्षा मंत्री के तहत काम करने वाला व्यावसायिक परीक्षा मंडल मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरी व्यावसायिक पढ़ाई के साथ सरकारी नौकरियों के लिए प्रवेश परीक्षाएं करवाने और छात्रों के चयन का काम करता है. व्यापम घोटाला दो हिस्सों में बंटा हुआ है. पहला तो ये कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाओं में धांधली हुई. वहीं दूसरा सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करके नाकाबिल लोगों को नौकरी दी गई.

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Web Title: Supreme Court to Take a Call on CBI Probe Into Vyapam Scam Today
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