किस कांग्रेसी बड़े नेता ने सुषमा पर बनाया दबाव?

By: | Last Updated: Wednesday, 22 July 2015 1:05 PM
sushma swaraj

नई दिल्ली: संसद में हो रहे हंगामे के बीच सुषमा ने खुलासा किया है कि एक कांग्रेस नेता ने कोयला घोटाले के आरोपी को डिप्लोमैटिक पासपोर्ट दिलवाने के लिए दबाव डाला. सवाल ये है कि क्या कांग्रेस को नाम नहीं बताना चाहिए? क्योंकि कांग्रेस न तो संसद चलने दे रही है ताकि सुषमा नाम बता पाएं और न ही खुद बता रही है.

 

दिन बदला, तारीख बदली लेकिन नहीं बदली तो संसद के भीतर की तस्वीर. लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक सुषमा के इस्तीफे की मांग पर संसद में दिन भर हंगामा होता रहा लेकिन विपक्ष ने चर्चा नहीं होने दी. सरकार सवाल उठा रही है कि विपक्ष के पास तथ्य नहीं है लिहाजा वो चर्चा से भाग रही है.

 

इससे पहले सुबह-सुबह सुषमा स्वराज के एक ट्वीट की वजह से कांग्रेस को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर लिखा कि एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कोयला घोटाले के आरोपी संतोष बागड़ोदिया को डिप्लोमैटिक पासपोर्ट देने के लिए दबाव बनाया. मैं संसद में नेता के नाम का खुलासा करूंगी.

 

सुषमा को संसद में खुलासा करने का मौका तो नहीं मिला लेकिन इस ट्वीट ने खलबली जरूर मचा दी. कांग्रेस को सुबह-सबुह गांधी प्रतिमा के बाहर प्रदर्शन का प्लान रद्द करना पड़ा. अपने ट्वीट में सुषमा ने जिस संतोष बाड़गोदिया का जिक्र किया है वो यूपीए सरकार में कोयला राज्यमंत्री थे और अभी कोयला घोटाले में आरोपी हैं.

 

सुषमा स्वराज ने ट्विटर हैंडल से ‘विदेश मंत्री’ हटाया फिर लिखा! 

अब सुषमा ट्वीट के जरिये ये बताने की कोशिश कर रही हैं कि आप मुझ पर ललित मोदी की मदद का जो आरोप लगा रहे हैं वैसा ही दबाव तो कांग्रेस ने भी मुझ पर डाला लेकिन सवाल ये है कि भ्रष्टाचार का जवाब भ्रष्टाचार कैसे हो सकता है?

 

सुषमा और कांग्रेसी नेता के दबाव में फर्क क्या है? 

 

सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री रहते सरकार को बताए बगैर घोटाले के आरोपी को ट्रैवल डॉक्यूमेंट दिलाने में मदद की जिसके जरिए वो दुनिया घूमता रहा जबकि सुषमा जिस आरोपी के लिए डिप्ल्टोमैटिक पासपोर्ट का जिक्र कर रही हैं उसके जरिये कोई शख्स विदेश में सरकार का प्रतिनिधि माना जाता है. अगर सुषमा का दावा सही है तो फिर कांग्रेस के नेता ऐसा क्यों किया ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है.

 

सामान्य और डिप्लोमैटिक पासपोर्ट में फर्क ?

 

सामान्य पासपोर्ट विदेश मंत्रालय जारी करती है जिससे विदेश यात्रा कोई भी शख्स कर सकता है जबकि डिप्लोमैटिक पासपोर्ट उन लोगों को जारी किया जाता है जो सरकार की तरफ से किसी काम के लिए विदेश जाते हैं.

 

उच्चायोग के अधिकारी या सरकार के प्रतिनिधियों को डिप्लोमैटिक पासपोर्ट जारी किया जाता है. इसे बनवाने के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता है. कई देशों में वीजा की जरूरत नहीं पड़ती और इमीग्रेशन भी सामान्य लोगों की अपेक्षा आसानी से हो जाता है.

 

सुषमा को संसद में बोलने का मौका नहीं मिला इसलिए उनके कहे मुताबिक उस कांग्रेसी नेता का नाम सामने नहीं आया. सुषमा के सवाल पर सड़क से संसद तक हंगामा हुआ. संसद में कांग्रेस के सांसद काली पट्टी बांधकर और नारे लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे थे जिसे लेकर उन्हें स्पीकर से फटकार तक सुननी पड़ी थी. लेकिन अब कांग्रेसी नेता के नाम पर कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है.

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