मेरे ऑफिस में ताला जड़ा गया, नेमप्लेट हटाया गया: स्वाति मालीवाल

By: | Last Updated: Thursday, 23 July 2015 8:24 AM

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग प्रमुख की नियुक्ति को लेकर दिल्ली में केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल के बीच पैदा हुए ताजा टकराव के मद्देनजर स्वाति मालीवाल ने आज आरोप लगाया कि आयोग के कार्यालय पर ताला लगा दिया गया है और उनकी नेम प्लेट हटा दी गई है.

 

आयोग प्रमुख के तौर पर स्वाति मालीवाल की नियुक्ति को लेकर आप सरकार और उपराज्यपाल नजीब जंग फिर से आमने सामने आ गए हैं. स्वाति ने यह भी दावा किया कि उनके कार्यालय से सभी फाइलें भी हटा दी गई हैं.

 

तीस वर्षीय कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘ मेरे कार्यालय पर ताला क्यों लगाया गया है और दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) कार्यालय से मेरी और अन्य सदस्यों की नेम प्लेट क्यों हटाई गई है. मैं कहीं नहीं जा रही… मुझे अधिकार वातानुकूलित कमरों में बैठने से नहीं मिलता. मैं महिलाओं की भलाई के लिए काम करूंगी और डीसीडब्ल्यू को विश्व में सबसे मजबूत बनाउंगी.’’

 

स्वाति मालीवाल ने कल एक ट्वीट कर दावा किया था कि उपराज्यपाल नजीब जंग ने उन्हें फोन किया था और कहा था कि उन्हें आज से कार्यालय नहीं आना चाहिए और उनकी सभी फाइलें वापस ली जा रही हैं.

 

हालांकि उन्होंने ट्वीट में किए अपने दावों के विपरीत बाद में कहा था कि ‘‘जंग नहीं बल्कि उपराज्यपाल सचिवालय’’ ने उनके कार्यालय को बताया था कि उन्हें पद पर बने नहीं रहना चाहिए.

 

जंग के कार्यालय ने स्वाति के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि उपराज्यपाल ऐसे निराधार आरोपों से दु:खी हैं. स्वाति ने ट्वीट किया था, ‘‘ उपराज्यपाल ने मुझे फोन किया और कहा कि मैं कल से कार्यालय नहीं आउं और मेरी सभी फाइलें वापस ली जा रही हैं. डीसीडब्ल्यू कार्यालय में ताला लगाया जाएगा.’’

 

स्वाति आम आदमी पार्टी के नेता नवीन जयहिंद की पत्नी हैं. वह लोक शिकायत मामलों में केजरीवाल की सलाहकार रही हैं और उनके जनता संवाद को संभालती हैं. वह इंडिया अगेंस्ट करप्शन के समय से ही आप प्रमुख से जुड़ी हुई हैं.

 

जंग ने गत मंगलवार को स्वाति की नियुक्ति रद्द करते हुए कहा था कि इस संबंध में उनसे मंजूरी नहीं ली गई थी. इस पद के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वाति को चुना था.

 

उपराज्यपाल कार्यालय से उन्हें कथित रूप से फोन करने वाले व्यक्ति का नाम पूछे जाने पर स्वाति ने कहा कि वह इस बारे में उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को बताएंगी.

 

उन्होंने कहा कि उनसे किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करने को कहा गया है और डीसीडब्ल्यू में सबसे वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनके कार्यालय पर ताला लगा दिया गया है.

 

कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती अधिकारियों के व्यवहार के कारण डीसीडब्ल्यू ‘‘किट्टी पार्टी आयोग’’ बन गया है. उन्होंने कहा कि वह यहां गंभीर काम करने आई हैं.

 

मालीवाल ने कहा, ‘‘ इस मामले में हम डरने वाले नहीं हैं और न ही हम उच्च अधिकारियों से भीख मांगेंगे. मैं यहां गंभीर काम करने आई हूं. . मैं विभिन्न मामलों पर बात करने के लिए पिछले तीन दिनों से उपराज्यपाल से मिलने की कोशिश कर रही हूं.’’

 

इस बीच उपराज्यपाल के कार्यालय में सूत्रों ने स्वाति के उन दावों को सिरे से खारिज किया कि जंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था. उन्होंने जोर देकर कहा कि सचिवालय से किसी भी कर्मी ने उनसे बात तक नहीं की.

 

उन्होंने कहा, ‘‘ उपराज्यपाल पर जिस तरह ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं, वह उनसे बहुत दु:खी हैं.’’

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Web Title: swati maliwal
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