सिडनी में बंधकों की रिहाई का ऑपरेशन खत्म, मारा गया हारून मुनिस

By: | Last Updated: Monday, 15 December 2014 3:27 PM
Sydney hostage crisis ends after police storm cafe

नई दिल्ली : आस्ट्रेलिया के सिडनी के लिंट कैफे में बंधक बनाने वाले बंदूकधारी और आंतकी के बीच गोलीबारी के बाद अब ऑपरेशन खत्म हो गया है. कम से कम इस ऑपरेशन में चार लोगों को चोटें आई हैं.

सिडनी संकट: ईरान का है बंदूकधारी हारून मोनिस

आस्ट्रेलिया के चैनल 7 के मुताबिक ईरानी शरणार्थी हमलावर हारून मुनिस मारा गया.

 

# आस्ट्रेलिया के चैनल 7 के मुताबिक एक बंधक भी मारा गया.

 

दोनों भारतीय बंधक सुरक्षित: सैयद अकबरुद्दीन

 

# ऑस्ट्रेलिया मीडिया के मुताबिक दो लोगों की इस ऑपरेशन में मौत हो गई है.

 

# हारुन मुनिस पर काबू पा लिया गया है. माना जा रहा है कि ऑपरेशन खत्म हो गया है. पुलिस ने पुष्टि कर दी है.

 

# रोबोट को कैफे के अंदर भेजा गया है. जो बम को निष्क्रिय करेगा.

 

# भारतीय बंधक अंकित सुरक्षित हैं. अंकित ने फोन पर अपने परिवार को जानकारी दी.

 

# कैफे के बाहर धमाका और फायरिंग

 

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# बम निरोधक दस्ता घुस चुका है. लोग छुड़ाए जा चुके हैं.

 

# एंबुलेंस से घायल बंधकों को बाहर लाया जा रहा है. लोग धीरे-धीरे बाहर लाया जा रहा है.

 

#  सिडनी में जोरदार आवाज आई. गोलियां चलीं. आतंकी-सुरक्षाबल के बीच गोलीबारी. अभी कुछ और लोग बाहर कैफे से निकाले गए.

 

# सोलह घंटे से सिडनी के कैफे में लोगों को बंधक बनाने वाले की पहचान हो गई है. ईरानी शरणार्थी हारुन मुनिस ने बंधक बनाकर रखा है. कई लोग अब बाहर आ गए हैं.

 

कैफे में मौजूद तमाम लोगों को कर्मचारियों समेत हमलावर ने बंधक बना लिया था. सबसे पहले सामने आईं तस्वीरें जिसमें कैफे की खिड़की पर बंधक बनाए गए लोग नजर आए.. उनके हाथ ऊपर थे. हाथों के सहारे काले रंग का वो झंडा था जो हमलावर अपने साथ लेकर आया था इस झंडे पर सफेद रंग से अरबी भाषा में लिखा था कि अल्लाह के सिवाय कोई भगवान नहीं है.. मुहम्मद भगवान के दूत हैं.

 

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कब क्या हुआ?  

सुबह चार बजे

 

भारतीय समय के मुताबिक सुबह के करीब चार बजे. एक हमलावर सिडनी के मार्टिन प्लेस स्ट्रीट पर बने मशहूर लिंट कैफे में घुसा और उसने वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया. रशिया टुडे के हवाले से खबर आई कि बंदूकधारी ने सुसाइड बेल्ट बांध रखी है और. वो रेडियो पर पीएम टोनी एबट से बात करना चाहता है.

 

 

सुबह 4.15 बजे

 

करीब पंद्रह मिनट बाद हमलावर ने कैफे की खिड़की से काला झंडा दिखाया. झंडे से उकसे जेहादी होने के संकेत मिल रहे हैं. कैफे के भीरत लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर जैसे ही फैली सिडनी पुलिस हरकत में आ गई. कैफे के पास बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स पहुंच गई. पुलिस वालों ने कैफे को घेर लिया गया.

 

सुबह 5 बजे

सुबह करीब पांच बजे ऑस्टेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट को पूरी घटना की जानकारी दी गई. लेकिन सबको एहसास हो चुका था कि एक छोटी सी भी चूक कई बेगुनाहों की जान ले सकती है. सरकार और पुलिस के अधिकारी इस मुसीबत से निपटने की रणनीति बनाने में जुट गए.

 

सुबह- 5.30 बजे

कैफे के भीतर मौजूद हमलावर हथियारों से लैस है और वो कुछ भी कर सकता है. सुरक्षाबलों को इस बात का एहसास था. इसलिए सबसे पहले इलाके को खाली कराने का काम शुरू हआ. मार्टिन प्लेस स्ट्रीट को सील कर दिया गया. इसके बाद शुरू हुआ कैफे के आसपस की इमारतों को खाली कराने का काम. कैफे के ठीक सामने मौजूद चैनल सेवन के दफ्तर को भी खाली करा लिया गया.

 

सुबह 7.30 बजे

 

सुबह साढ़े सात बजे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट मीडिया के सामने आए और बंधक संकट को लेकर लोगों को जानकारी दी.

 

 

सुबह 10 बजे

 

खाली करा लिया गया. पुलिस कैफे के भीतर हो रही हर हलचल पर नजर बनाए हुए थी. ये साफ हो चुका था कि हमलावर के इरादे बेहद खतरनाक हैं. पुलिस कोई खून खराबा नहीं चाहती थी. पुलिस हमलावर से बात करने की कोशिश कर रही थी कि आखिर वो चाहता क्या है.

 

 

सुबह 10.15 बजे

 

सुबह करीब सवा दस बजे हमलावर ने तीन बंधकों को रिहा किया. जिन तीन लोगों को रिहा किया गया उनमें दो ग्राहक और एक कैफे का कर्मचारी है.

 

 

सुबह 11.30 बजे

 

करीब सवा घंटे बाद सुबह साढ़े ग्यारह बजे दो महिलाएं कैफे से भागती हुई बाहर निकलीं.

 

दोपहर 1 बजे

 

सुबह से यही जानकारी थी कि सिडनी के कैफे में बंधक बनाए गए लोगों में कोई भारतीय नहीं है लेकिन दोपहर एक बजे अचानक खबर आई कि बंधक बनाए गए लोगों में एक भारतीय भी है. सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने भी इसकी पुष्टि की.

 

दोपहर 2 बजे

 

लेकिन घंटे भर बाद ही वेंकैया नायडू बयान से पलट गए. कहा कि सिडनी के कैफे में भारतीय के बंधक होनी की बात कन्फर्म नहीं है.

 

दोपहर 2.30 बजे

 

इसके बाद दोपहर ढाई बजे सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने बयान जारी कर कहा कि सिडनी के कैफे में बंधक बनाए लोगों में उनका एक भारतीय कर्मचारी भी है.

 

कंपनी की तरफ से कहा गया कि सिडनी के लिंट कैफे में एक भारतीय के बंधक होने की हम पुष्टि कर सकते हैं. हम शहर में मौजूग कर्मचारियों की जानकारी ले रहे हैं. हम स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क में हैं.

 

 

दोपहर 2.35 बजे

 

दोपहर दो बजकर पैंतीस मिनट पर चैनल सेवन के पत्रकार क्रिस रिजन ने खबर दी कि कैफे के भीतर बत्ती गुल हो गई है और वहां अंधेरा छाया हुआ है.

 

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