करीब 17 घंटे बाद सिडनी में बंधकों की रिहाई का ऑपरेशन खत्म, मारा गया हारून मुनिस

By: | Last Updated: Tuesday, 16 December 2014 1:44 AM
Sydney hostage crisis ends after police storm cafe

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के मुख्य शहर सिडनी के लिंट कैफे में एक बंदूकधारी द्वारा 17 लोगों को बंधक बनाए जाने से जुड़ा संकट आखिरकार 17 घंटों के बाद पुलिस की कार्रवाई के साथ खत्म हो गया. इस घटना में तीन लोग मारे गए, हालांकि दो भारतीय सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. सिडनी की घनी आबादी वाले इलाके में स्थित लिंट चॉकलेट कैफे में पुलिसकर्मियों ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार तडके ढाई बजे (भारतीय समयानुयार आज रात नौ बजे) प्रवेश किया और बाद में इस संकट के खत्म होने का एलान किया गया.

 

न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त एंड्रयू पी स्किपियोन ने प्रांतीय प्रीमियर माइक बेयर्ड के साथ साझा संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 50 साल के बंदूकधारी हारून मोनिस और दो बंधक मारे गए हैं इसके अलावा चार लोग घायल भी हुए हैं. पुलिस ने एक बयान में कहा कि बंदूकधारी को गोली मारी गई और एक स्थानीय अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया. उसने कहा कि दो बंधकों- 34 वर्षीय एक पुरूष और 38 वर्षीय एक महिला को भी अस्पताल में मृत घोषित किया गया.

 

सिडनी में आतंकी हमले की पीछे कौन, क्या हम तैयार हैं?

 

इस घटना में एक पुलिस अधिकारी सहित चार लोग घायल हुए हैं. कैफे में बंधक बनाए गए दो भारतीय नागरिक- विश्वकांत अंकित रेड्डी और पुष्पेंदु घोष सुरक्षित बाहर निकल गए. रेड्डी आईटी कंपनी इंफोसिस के कर्मचारी हैं, लेकिन घोष के बारे में ब्यौरा नहीं मिला है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली में कहा कि दोनों भारतीयों की चिकित्सा जांच चल रही है. दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिडनी संकट के संदर्भ में कहा कि इम्तहान की इस घड़ी में भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है.

 

सिडनी संकट: ईरान का है बंदूकधारी हारून मोनिस

सिडनी के कैफे में कोहराम मचाने वाले बंदूकधारी के पूर्व वकील ने 50 साल के इस शख्स को अलग थलग रहने वाला व्यक्ति बताया है, जो अकेले इस घटना को अंजाम दे रहा था. यह बंदूकधारी 1996 में शरणार्थी के तौर पर ऑस्ट्रेलिया आया था. वह अफगानिस्तान में अपनी जान गंवाने वाले ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों के परिवारों को चिट्ठियां लिखकर चर्चा में आया, जिन्हें वह हत्यारा कहा करता था.

 

सिडनी का दरिंदा 7 महिलाओं से रेप का आरोपी है?

पिछले साल नवंबर में उसपर अपनी पूर्व पत्नी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा, जिसे उसके घर में चाकू मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. मार्च में उसपर एक युवती के यौन शोषण और उसपर अभद्र तरीके से हमला करने का आरोप लगा. विश्वकांत सिडनी व्यवसायिक जिले के बीचों-बीच स्थित मार्टिन प्लेस के लिंट चॉकलेट कैफे में था, जब बंदूकधारी ने कैफे में प्रवेश किया और वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया.

 

ब्रिसबेन में भारतीय क्रिकेटरों की सुरक्षा बढाई गई  

 

हालांकि भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल ब्रिस्बेन में है और यह स्थान सिडनी से करीब 700 किलोमीटर के फासले पर है, लेकिन यहां के संकट को देखते हुए वहां भारतीय टीम की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने भारत सरकार को बताया है कि भारतीय टीम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. न्यूसाउथ वेल्स के इस राजधानी शहर में लोगों को बंधक बनाए जाने के बारे में सूचना मिलते ही अधिकारियों ने निकटवर्ती सड़कों को सील कर दिया.

 

आसपास की इमारतों को खाली करा लिया और रेल सेवाएं रद्द कर दीं. पुलिस ने क्रिसमस से ऐन पहले हुई इस घटना से निपटने के लिए टास्क फोर्स पायनियर को सक्रिय कर दिया, जिसका इस्तेमाल आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में किया जाता है. पुलिस ने आरोप लगाया है कि मोनिस स्वयंभू ‘मुस्लिम तांत्रिक’ था और वेंटवर्थविल में स्टेशन स्ट्रीट परिसरों में सक्रिय रहता था. आरोप है कि वह स्थानीय अख़बारों में विज्ञापन देकर लोगों को ‘आध्यात्मिक सलाह’ देने की पेशकश करता था.

 

उसका दावा था कि वह ज्योतिष, अंकशास्त्र, ध्यान और काले जादू का माहिर है. शहर के बीचोंबीच स्थित मार्टिन प्लेस एक व्यस्त इलाका है, जो संसदीय, कानूनी और खुदरा परिसरों को जोड़ता है…सिडनी ओपेरा हाउस, स्टेट लायब्रेरी, अमेरिका वाणिज्य दूतावास और तमाम अदालते यहीं हैं, जिन्हें घटना के बाद खाली करा लिया गया. टेलीविजन फुटेज में यह दिख रहा था कि कैफे की खिड़की पर हाथ टिकाए लोग काला झंडा लिए खड़े हैं, जिसपर अरबी लिपि शहादा में मस्जिद में रोज पढ़ी जाने वाली नमाज का मजमून लिखा है. दिखाया गया झंडा ‘इस्लामिक स्टेट’ का नहीं है.

 

सरकार का कहना है कि यह झंडा जिहादी समूहों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले झंडों जैसा दिख रहा है. काले झंडे पर लिखा है ‘अल्लाह के अलावा और कोई खुदा नहीं है, मोहम्मद उनके दूत हैं.’ न्यू साउथ वेल्स के पुलिस कमिश्नर एंड्रयू साइपियोन का कहना है, ‘‘हम जांच जारी रखेंगे, हम इसकी तह तक जाएंगे और फिलहाल इस वक्त मैं आपको आश्वासन दे सकता हूं कि हम वह सबकुछ कर रहे हैं, जो कर सकते हैं. उन लोगों की सुरक्षित रिहाई के लिए हम हर संभव प्रयास करेंगे.’’ बंधक प्रकरण को देखते हुए सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया गया और सुरक्षा उपाय के मद्देनजर इसे खाली करा लिया गया.

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने बताया कि सिडनी में भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में बना हुआ है और वाणिज्य दूतावास के सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं. अकबरूद्दीन ने कहा, ‘‘हमारा वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है. विदेश मंत्री ने कैनबरा में उच्चायुक्त से फोन पर बात की है. उच्चायुक्त स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं.’’

 

कब क्या हुआ?  

 

सुबह चार बजे

भारतीय समय के मुताबिक सुबह के करीब चार बजे. एक हमलावर सिडनी के मार्टिन प्लेस स्ट्रीट पर बने मशहूर लिंट कैफे में घुसा और उसने वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया. रशिया टुडे के हवाले से खबर आई कि बंदूकधारी ने सुसाइड बेल्ट बांध रखी है और. वो रेडियो पर पीएम टोनी एबट से बात करना चाहता है.

 

 

सुबह 4.15 बजे

करीब पंद्रह मिनट बाद हमलावर ने कैफे की खिड़की से काला झंडा दिखाया. झंडे से उकसे जेहादी होने के संकेत मिल रहे हैं. कैफे के भीरत लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर जैसे ही फैली सिडनी पुलिस हरकत में आ गई. कैफे के पास बड़ी तादाद में पुलिस फोर्स पहुंच गई. पुलिस वालों ने कैफे को घेर लिया गया.

 

सुबह 5 बजे

सुबह करीब पांच बजे ऑस्टेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट को पूरी घटना की जानकारी दी गई. लेकिन सबको एहसास हो चुका था कि एक छोटी सी भी चूक कई बेगुनाहों की जान ले सकती है. सरकार और पुलिस के अधिकारी इस मुसीबत से निपटने की रणनीति बनाने में जुट गए.

 

सुबह- 5.30 बजे

कैफे के भीतर मौजूद हमलावर हथियारों से लैस है और वो कुछ भी कर सकता है. सुरक्षाबलों को इस बात का एहसास था. इसलिए सबसे पहले इलाके को खाली कराने का काम शुरू हआ. मार्टिन प्लेस स्ट्रीट को सील कर दिया गया. इसके बाद शुरू हुआ कैफे के आसपस की इमारतों को खाली कराने का काम. कैफे के ठीक सामने मौजूद चैनल सेवन के दफ्तर को भी खाली करा लिया गया.

 

सुबह 7.30 बजे

सुबह साढ़े सात बजे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट मीडिया के सामने आए और बंधक संकट को लेकर लोगों को जानकारी दी.

 

 

सुबह 10 बजे

खाली करा लिया गया. पुलिस कैफे के भीतर हो रही हर हलचल पर नजर बनाए हुए थी. ये साफ हो चुका था कि हमलावर के इरादे बेहद खतरनाक हैं. पुलिस कोई खून खराबा नहीं चाहती थी. पुलिस हमलावर से बात करने की कोशिश कर रही थी कि आखिर वो चाहता क्या है.

 

 

सुबह 10.15 बजे

सुबह करीब सवा दस बजे हमलावर ने तीन बंधकों को रिहा किया. जिन तीन लोगों को रिहा किया गया उनमें दो ग्राहक और एक कैफे का कर्मचारी है.

 

 

सुबह 11.30 बजे

करीब सवा घंटे बाद सुबह साढ़े ग्यारह बजे दो महिलाएं कैफे से भागती हुई बाहर निकलीं.

 

दोपहर 1 बजे

सुबह से यही जानकारी थी कि सिडनी के कैफे में बंधक बनाए गए लोगों में कोई भारतीय नहीं है लेकिन दोपहर एक बजे अचानक खबर आई कि बंधक बनाए गए लोगों में एक भारतीय भी है. सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने भी इसकी पुष्टि की.

 

दोपहर 2 बजे

लेकिन घंटे भर बाद ही वेंकैया नायडू बयान से पलट गए. कहा कि सिडनी के कैफे में भारतीय के बंधक होनी की बात कन्फर्म नहीं है.

 

दोपहर 2.30 बजे

इसके बाद दोपहर ढाई बजे सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस ने बयान जारी कर कहा कि सिडनी के कैफे में बंधक बनाए लोगों में उनका एक भारतीय कर्मचारी भी है.

 

कंपनी की तरफ से कहा गया कि सिडनी के लिंट कैफे में एक भारतीय के बंधक होने की हम पुष्टि कर सकते हैं. हम शहर में मौजूग कर्मचारियों की जानकारी ले रहे हैं. हम स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क में हैं.

 

 

दोपहर 2.35 बजे

दोपहर दो बजकर पैंतीस मिनट पर चैनल सेवन के पत्रकार क्रिस रिजन ने खबर दी कि कैफे के भीतर बत्ती गुल हो गई है और वहां अंधेरा छाया हुआ है.

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