वतन को मां का दर्जा देना इस्लामी तालीम का हिस्सा है: ताहिर उल कादरी

By: | Last Updated: Thursday, 17 March 2016 1:46 PM
TAHIR UL QADRI REACTS ON BHARAT MATA KI JAI CONTROVERSY

नई दिल्ली: देश में ‘भारत माता की जय’ बोलने और नहीं बोलने को लेकर कोहराम मचा हुआ है. MIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि गर्दन पर छुरी रख दो लेकिन ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलेंगे, तो बीजेपी के एक नेता ने ओवैसी की जुबान काटने वाले के लिए एक करोड़ रुपये के इनाम का एलान किया है.

इस बीच पाकिस्तान के मशहूर इस्लामिक स्कॉलर और राजनेता ताहिर उल कादरी ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि वतन को मां का दर्जा देना इस्लाम की तालीम और उसके इतिहास का हिस्सा हैं.

ताहिर उल कादरी ने एबीपी न्यूज़ से कहा, ”वतन की सरजमीन को मां का दर्जा देना, वतन की सरजमीन से मोहब्बत करना, वतन की सरजमीन से प्यार करना, वतन की सरजमीन के लिए जान भी दे देना, ये हरगिज़ इस्लाम के खिलाफ नहीं है. ये इस्लामी तालीम में शामिल है. जो वतन से प्यार के खिलाफ बात करता है उसे चाहिए कि कुरान को पढ़े. इस्लामी इतिहास को पढ़े.”

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आपको बता दें कि ताहिर उल कादरी आतंकवाद के खिलाफ 20 मार्च को होने वाले इंटरनेशनल सूफी कॉन्फ्रेंस में शरीक होन के लिए भारत आए हैं. दिलचस्प पहलू ये है कि इस्लाम के जिस संप्रदाय को असदुद्दीन ओवैसी का संबंध है, ताहिर उल कादरी उसी संप्रदाय के दुनिया के बड़े विद्वानों में शामिल हैं. साल 2012 में ओवैसी और ताहिर उल कादरी को मंच साझा करते हुए भी देखा गया था.

आतंकवाद के मुद्दे पर ताहिर उल कादरी ने कहा, ”आतंकवाद से इस्लाम का कोई ताल्लुक नहीं है और हम इसकी भरपूर निंदा करते हैं. दहशतगर्द इंसानियत के कातिल (हत्यारे) हैं. भारत और पाकिस्तान के दुश्मन हैं. उन्हें आड़े हाथों लिया जाना चाहिए, लेकिन ये कि उसके पीछे आईएसआई या किसी और ऐजेंसी का हाथ है, इसका समर्थन मैं नहीं कर सकता. ये बिना जांच लगाया गया आरोप है.”

ताहिर उल कादरी का कहना है कि जो आतंकवाद के पीछ हैं उन्हें बेनकाब किया जाए, उनके खिलाफ सबूत पेश किए जाएं. उन्हें किसी तरह की रियायत नहीं मिलनी चाहिए.

मशहूर इस्लामिक स्कॉलर ने कहा कि वो दोनों देशों के किसी भी आरोप का समर्थन नहीं करेंगे. ताहिर उल कादरी ने कहा, “क्या दोनों देशों ने ये फैसला कर लिया है कि वे हमेशा एक दूसरे के दुश्मन रहेंगे और अगर ऐसा है तो ये दोनों देश अपनी नस्लों के दुश्मन हैं.”

कश्मीर मसले के हल पर ताहिर उल कादरी की राय थी कि इसे बातचीत से हल किया जाए और इस मामले का हल होना चाहिए.

आतंकवाद पर आम अवाम क्यों नहीं बोलता?

इस सवाल पर ताहिर उल कादरी ने कहा, “अगर ये कहा जाता है कि आम मुसलमान आतंकवाद के खिलाफ खुलकर नहीं बोलता तो ग़लत है. जब आम आदमी आतंकवाद के खिलाफ बोलता है तो मीडिया के लिए ख़बर नहीं होती, जबकि जब आतकंवादी कत्ल करता है, बम फोड़ता है, गर्दन उड़ता है बड़ी खबर बनती है. इससे ऐसा रुझान पैदा हुआ है.”

खुदा की कसम भारत में पाक से कम प्यार नहीं मिला
पाक क्रिकेट टीम के कप्तान शाहिद आफरीदी के भारत से प्यार मिलने वाले बयान से जुड़ा जब सवाल ताहिर उल कादरी से किया गया तो उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने पूरी ज़िंदगी मुझे जितना प्यार दिया है, खुदा की कसम खाकर मैं कहता हूं कि भारत में मुझे उससे कम मुहब्बत नहीं मिली है.”

आपको बता दें कि दिल्ली में विश्व सूफी मंच (डब्ल्यूएसएफ) का आयोजन किया जा रहा है. इसका उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस कार्यक्रम में पाकिस्तान समेत 20 देशों के 200 से भी अधिक मशहूर सूफी विद्वान समारोह में भाग लेंगे.

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Web Title: TAHIR UL QADRI REACTS ON BHARAT MATA KI JAI CONTROVERSY
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