LIVE : बंद के दौरान पं. बंगाल में हिंसा, देशभर में ट्रेनें रुकीं, बैंक प्रभावित

By: | Last Updated: Wednesday, 2 September 2015 1:06 AM
Ten central trade unions to go on strike

नई दिल्ली: देश के 10 मजदूर संगठनों ने आज एक दिन की हड़ताल बुलाई है. यह हड़ताल न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने समेत 12 मांगों को लेकर है. बंद का असर देशभर में है और सबसे बुरा असर रेल सेवा पर पड़ा है. जगह-जगह लोगों ने पटरियों पर जाम लगा दिया है.  बैंकों पर भी ताले लटका दिए गए हैं.

ट्रेड यूनियन हड़ताल: बिहार के आरा में रोकी गई ट्रेन 

देश के कई हिस्सों में हिंसा की भी खबरें आ रही हैं. कोलकाता में बंद का असर सबसे ज्यादा है. पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद में तृणमूल और सीपीएम कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई. दोनों पक्षों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई. पुलिस पर भी हमला किया गया.

 

ट्रेड यूनियन ने अपनी 12 सूत्री मांगों को ले आरा में ट्रेन सेवा पूरी तरह से बाधित कर दिया. सुबह से ही सड़कों पर उतर कर आंदोलनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे. आरा स्टेशन पर हिमगिरी एक्सप्रेस को रोक कर ट्रेन के आवगम को पूरी तरह से बाधित कर दिया.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि ट्रेड यूनियनों ने नासमझी में हड़ताल का फैसला लिया था, इसलिए ये सफल नहीं रही. प्रधान ने कहा मजदूर संगठनों की पांच मांगों पर सरकार ने विचार का भरोसा दिया है. इससे पहले राज्यमंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने हड़ताली ट्रेड यूनियनों को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा था. इसमें उन्होंने 9 मांगो पर सरकार के सकारात्मक रुख से अवगत कराया था.

 

ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के तहत दिल्ली में 85 हजार ऑटोरिक्शा और 15 हजार काली-पीली टैक्सियां नहीं चलेंगी. हालांकि बीजेपी समर्थित भारतीय मजदूर संघ और नेशनल फ्रंट आफ इंडियन ट्रेड यूनियंस ने हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला किया है.

 

मजदूर संगठनों के चक्का जाम के एलान के चलते नोएडा में सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं. नोएडा भर में सुरक्षाबल के करीब 4 हजार जवान तैनात किए गए हैं. हड़ताल की वजह से मारुती सुजुकी ने आज छुट्टी का एलान किया है. गुड़गांव, मानेसर के प्लांट और कॉरपोरेट ऑफिस में छुट्टी रहेगी.

 

दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने आज देशव्यापी हड़ताल बुलाई है. इस देशव्यापी हड़ताल से आज आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. श्रम कानूनों में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में इस हडताल का आह्वान किया गया है. इनमें बैंक और बीमा कंपनियां भी शामिल हैं.

 

यूनियन नेताओं का कहना है कि हड़ताल से परिवहन, बिजली गैस और तेल की आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित होंगी. 12 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल का आह्वान किया था. उनकी मांगों में श्रम कानून में प्रस्ताविक श्रमिक विरोधी संशोधन को वापस लेना और सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश व निजीकरण रोकना शामिल है.

 

बीएमएस बाद में इस हडत़ाल से हट गई. उसका कहना है कि सरकार ने कुछ प्रमुख मांगों को पूरा करने का जो आश्वासन दिया है उसके लिए उसे समय दिया जाना चाहिए. नेशनल फ्रंट आफ इंडियन ट्रेड यूनियंस भी हड़ताल में शामिल नहीं होगी. दिल्ली में 85 हजार ऑटोरिक्शा और 15 हजार काली पीली टैक्सी वाले भी हड़ताल में शामिल होंगे.   दिल्ली में ऑटो हड़ताल में बीएमएस शामिल होगी.

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Web Title: Ten central trade unions to go on strike
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