आत्मा गांव की सुविधा शहर की

By: | Last Updated: Saturday, 8 November 2014 11:41 AM
The soul of the village and facilities of city

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक सांसद आदर्श ग्राम योजना से कितने गाँव की तस्वीर बदलेगी यह एक साल में सामने आएगा. लेकिन मोदी के राज्य गुजरात में एक ऐसा गांव भी है जहाँ आत्मा तो गांव की लेकिन उसमें सुविधा शहर की राज करती है.

 

यह सब हुआ है गैर सरकारी संगठन और स्थानीय लोगों की मेहनत के चलते. गुजरात का बोटाद जिला, राज्य के ग्रामीण अंचल का ऐसा जिला है जो आदर्श गाँव की परिकल्पना में नींव का पत्थर हो सकता है. इस जिले के गढ्डा तहसील के गाँव उगामेडी ने विकास की नयी राह लिख दी है.

 

यह गाँव उस पंक्ति का उदहारण है जिसमें कहा गया है हिम्मते मर्दा मददे खुदा. दो वर्ष पहले उगामेडी गाँव ने सिंचाई की किल्लत को मात देने के लिए बीड़ा उठाया था. इसमें गाँव के संपन्न व्यक्ति लालजी भाई ने सवा करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए दान दिया. बस  क्या था इस दान ने गाँव वालों की हिम्मत को गति दे दी और गाँव  के लोगों ने अपने पास से इतने ही पैसे आपस में जमा कर लिए.

 

गाँव वालों ने मेहनत और पक्के इरादे से पास से गुजरने वाली सोनल नदी पर चेक डैम बना लिया. तीन चेक डैम ने गाँव में  पानी की स्थिति की पूरी तस्वीर को ही बदल दिया. जिस गाँव में सालभर पानी की किल्लत रहती थी वहां नदी पर चेक डैम बनने से ज़मीन का पानी का स्तर ऊपर आ गया, चारो तरफ पानी का स्तर बढ़ने से हरियाली का राज़ हो गया. सिंचाई और पीने के पानी की किल्लत इससे पूरी तरह से दूर हो गयी.

 

इस सफलता के कारण गाँव के कूओं में पानी का जलस्तर 70 से 80 फुट ऊपर आ गया. इस सफलता ने गाँव में नयी ऊर्जा पैदा कर दी थी. गाँव वालों के ड्रिप इरिगेशन प्रोजेक्ट के कारण उगामेडी गाँव की करीबन 2000 हेक्टर जमींन पर सिंचाई का लाभ मिल रहा है. उगामेडी की इस मेहनत का परिणाम इस गाँव को ही हरित नहीं कर रहा है बल्कि आस पास के करीबन 10 गाँव का जलस्तर में बड़ा सुधार ला दिया है.

 

गाँव वालों की मेहनत, एकजुटता और लगन से खेती अनाज उगल रही है तो प्रगति देखकर धनी दानकर्ता भी सामने आ गए है. इसी में से एक हैं लालजी भाई, जो पेशे से हीरा व्यापारी हैं. लालजी पटेल ने उगामडी गाँव को 11 करोड़ का अतिरिक्त दान करने का निश्चय किया है. किल्लत से समृद्धि की ओर बढ़ रहे गाँव के किसान जहाँ लाख रुपये मुश्किल से खेती से निकल पाते थे आज उनकी आमदनी कई गुना बढ़ गयी है.

 

जिससे वह खुद भी ग्रामविकास के लिए अपनी आमदनी में से पचास हज़ार से एक लाख रुपये जमा करा रहे हैं. उगामेडी विकास की राह पर चलकर सम्पन्नता हासिल करने जा रहा है जिसके साथ ही उसका लक्ष्य अब गाँव में शिक्षा, स्वच्छता, कुपोषण उन्मूलन, लाइब्रेरी जैसे 37 विकास योजनाओं पर है.  सफलता की इस डगर पर गाँव की मदद के लिए स्थानीय संसद मनसुखभाई मांडवीया आगे आ गए हैं.

 

गांव ने सम्पूर्ण विकास के लिए जिन 37 कार्यों का चयन किया है उसमें कुल खर्च 30 करोड़ रुपये का होगा.  जिस के लिए संसद आदर्श ग्राम योजना निधि, राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजना से धन संग्रह की मदद ली जाएगी. सांसद मनसुखभाई मांडवीया ने आदर्श ग्राम के रूप में विक्सित करने के लिए इस गाँव को गोद लिया है.

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