कोस्ट गार्ड के ऑपरेशन पर उठे सवाल, नाव में आतंकी थे या कोई और?

By: | Last Updated: Saturday, 3 January 2015 12:31 PM
there may be smugller in the boat

नई दिल्ली: 31 दिसंबर की रात गुजरात के पोरबंदर से करीब साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर कोस्टगार्ड के घेर में आकर पाकिस्तान की जिस नाव से खुद को विस्फोटकों से उड़ा लिया था अब उस पर सवाल खड़े होने लगे हैं. कांग्रेस जांच की मांग कर रही हैं.

 

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है ‘जो नाव समुद्र में तबाह हुई थी उसमें स्मगलर हो सकते हैं.’

 

इंडियन एक्सप्रेस अखबार में सामरिक मामलों के संपादक प्रवीण स्वामी ने ही इस ऑपरेशन पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि, “फिशिंग बोट का इंजन इतना पावरफुल नहीं हो सकता कि कोस्ट गार्ड के जहाज को एक घंटे तक समंदर में उसके पीछे भागना पड़े. मतलब ये कि कोस्ट गार्ड का जहाज आसानी से नाव के करीब पहुंच सकता था.”

 

तस्वीरों में जो आग दिखाई दे रही थी वो जहाज के सबसे निचले हिस्से से उठ रही थी नाव पर हथियार होने की बात कही गई है लेकिन नाव पर अगर बारूद और हथियार मौजूद होता तो उसमें आग नहीं लगती बल्कि नाव के परखच्चे उड़ गए होते

 

इस तरह सात घंटे तक चले कोस्ट गार्ड के ऑपरेशन पर इंडियन एक्सप्रेस ने चार बड़े सवाल खड़े किए हैं 

 

पहला सवाल

फिशिंग बोट के करीब कोस्ट गार्ड का जहाज आसानी से पहुंच सकता था जबकि एक घंटे का वक्त लगा?

 

दूसरा सवाल

बोट में विस्फोटक होते तो परखच्चे उड़ जाते जबकि नाव के निचले हिस्से से आग उठ रही थी?

 

तीसरा सवाल

खराब मौसम की वजह से कोस्ट कुछ बरामद नहीं कर सकी जबकि मौसम विभाग के मुताबिक तब आसमान साफ था? 

 

चौथा सवाल

एनटीआरओ को मिली सूचना कोस्टगार्ड से साझा की जबकि खुफिया सूत्रों को जानकारी देने का नियम है?

 

हालांकि कोस्ट गार्ड अब भी दावा कर रहा है कि नाव में सवार लोग कहीं से मछुआरे नहीं लग रहे थे.

 

पहले ये खबर आई थी कि नाव में सवार चार लोग मारे गए थे लेकिन सूत्रों से जानकारी मिली है कि इनमें से दो संदिग्ध लाइफ जैकेट पहनकर समंदर में कूद गए थे जिनकी तलाश अब भी जारी है और मलबा भी तलाशा जा रहा है.

 

इंडियन एक्सप्रेस के सवालों पर सरकार का दावा है कि बोट में सवार आतंकी ही थे.

 

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी इसे आतंकी हमला बताते हुए कोस्ट गार्ड के ऑपरेशन पर बधाई दी है 

 

कोस्ट गार्ड के ऑपरेशन को दो दिन बीत चुके हैं और अभी तक मलबा या सबूत सामने नहीं आया है. सरकार के दावों के बीच बड़ा सवाल ये है कि क्या नाव में आतंकी सवार थे या कोई और?