'16 दिसंबर' के तीन साल बाद भी दिल्ली 'बेशर्म'

By: | Last Updated: Wednesday, 16 December 2015 2:17 PM
Three years of Nirbhaya Case : Reality Check

नई दिल्ली : ’16 दिसंबर’ की घटना के तीन साल बीत चुके हैं. लेकिन, दिल्ली सहित पूरे देश को शर्मसार कर देने वाली निर्भया की दर्दनाक चीखें समय के साथ कमजोर होती नजर आ रही हैं. तमाम नए कानूनों, दावों और कथित बदलाव के बीच भी दिल्ली ‘बेशर्म’ नजर आ रही है. यह जानने के लिए आपके चैनल एबीपी न्यूज ने ‘रियलटी चेक’ किया. इसमें जो तथ्य सामने आया वह राजधानी का डरावना सच ही पेश कर रहा है.

हमने जानने की कोशिश की कि दिल्ली के पॉश एरिया में एक अकेली लड़की जब दिल्ली की सड़कों पर रात के सन्नाटे में अपने घर जाने के लिए किसी बस या कैब का इंतजार करती है तो क्या होता है. असल में रियलटी चेक में हमारी रिपोर्टर जब बस स्टैंड पर खड़ी थी तो उसे लोग घूर-घूर कर देखने लगे. यही नहीं उससे गंदे सवाल भी किए जाने लगे.

एक व्यक्ति ने तो हद ही कर दी. वह सीधे लड़की के पास आया और उसे पैसे ऑफर करने लगा. इसके साथ ही उसे छोड़ने के लिए कहने लगा. यहां तक की जब लड़की ने उसे मना किया तो भी वह बार-बार स्कूटी घुमाकर उसके पास मंडराता रहा. ऐसे ही कुछ और लोग भी आए जिन्होंने मदद के नाम पर बात की और फिर तुरंत ही अपनी गंदी नीयत सामने रख दी.

एक स्कूटर वाले ने आते ही कहा चले आपको छोड़ देते हैं, जब अकेली लड़की ने कहा कि कहां और क्यों तो बोले.. मेरे अपने ऑफिस तक, फिर कहने लगा, पैसे लो, पूछा गया क्यों तो जवाब मिला, 10 हज़ार ले लो, फिर पूछा गया क्यों तो बोला 20 हज़ार ले लो.. एक बार नहीं, दो बार नहीं, तीन बार नहीं, पूरे पांच बार वो लड़की का पीछा करता रहा… ये हाल है दिल्ली का.

तीन साल पहले दिल्ली की निर्भया भी बस वाले शैतानों के बिछाए जाल में फंस गई थी. उन्होंने भी पहले मदद का जाल बिछाया था और फिर दरिंदों ने गैंगरेप के बाद उसे मौत के अंजाम तक पहुंचा दिया. इसके बाद देशभर में काफी हंगामा हुआ. सरकार ने कानूनों में बदलाव किए, निर्भया फंड भी बनाया गया. लेकिन, जमीन की हकीकत भयानक और बेदर्द बनी हुई है. राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है.

एबीपी न्यूज संवाददाता फराह खान इस तहकीकात के लिए दिल्ली की सड़कों पर निकली थीं की आखिर यहां महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं. अपने खुफिया कैमरे और टीम के दूसरे साथियों के साथ पहचान छुपाकर फराह सबसे पहले पहुंची दिल्ली के पॉश इलाके डिफेंस कॉलोनी में. रात के करीब 9 बजे थे. फराह डिफेंस कॉलोनी मार्केट के पास खडी थीं. कुछ पल ही बीते थे कि अचानक स्कूटी पर सवार अधेड़ उम्र का एक शख्स वहां आया. और, फिर लिफ्ट देने के बहाने उसने एबीपी न्यूज संवाददाता फराह खान से बदतमीजी शुरु कर दी.

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Web Title: Three years of Nirbhaya Case : Reality Check
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