संसद में काले धन पर TMC सांसदों ने काली शॉल ओढ़कर जताया विरोध

By: | Last Updated: Thursday, 27 November 2014 7:28 AM
TMC_Blackmoney

नई दिल्ली: काले धन पर सरकार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का विरोध जारी है. आज लोकसभा में तृण मूल सांसद काली शॉल डालकर काले धन पर विरोध जताने  पहुंचे.  तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने दो दिन पहले काले छातों से लोकसभा के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया था.

सुबह अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की सदन में ठीक आसन के सामने वाले गलियारे से तृणमूल कांग्रेस के 15 से अधिक सदस्य काले शाल ओढ़े हुए एक कतार में अंदर आए और काफी मंद स्वर में केवल दो बार ‘काला धन वापस लाओ’ कहा. इसके बाद ये सदस्य विपक्ष की ओर अपनी निर्धारित सीटों पर जाकर बैठ गए.

 

तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा काले धन के मुद्दे को उठाने के लिए मंगलवार को सदन में काले छाते खोलकर अध्यक्ष के आसन के समक्ष नारेबाजी करने से आक्रोशित सुमित्रा महाजन ने सदस्यों को चेतावनी दी थी कि वे उन्हें कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर न करें.

 

इन काले छातों पर लिखा था, ‘काला धन वापस लाओ.’ उन्होंने कहा था, ‘अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए प्रावधान हैं. हमें आदर्श लोगों की तरह दिखना चाहिए. मुझे कार्रवाई के लिए मजबूर न करें. कोई कार्रवाई किए बिना मुझे सुचारू रूप से सदन को चलाने दें.’ अध्यक्ष ने यह भी कहा था कि सदस्य हर रोज विरोध करने के नए नए तरीके निकालते हैं, यह उचित नहीं है.

काले धन मुद्दे पर आज लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली सवालों के जवाब देंगे. कल उन्होंने राज्यसभा में भी सवालों के जवाब दिए थे. उन्होंने कहा था कि सरकार विदेशी खातेदारों के नाम अभी नहीं बता सकती. राज्यसभा में वित्त मंत्री ने कहा था कि विदेश में हुए समझौते की वजह से अभी नाम नहीं बताया जा सकता. उन्होंने आगे बताया था कि जब सबूत के साथ चार्जशीट होगी तब विदेशी खातेदारों के नाम सामने आ जाएंगे.

 

वित्त मंत्री ने राज्यसभा में बताया था कि कुल 427 विदेशी खातों की जांच हो रही है. 250 लोगों ने विदेश में खातों की बात कबूली है. उन्होंने साथ ही कहा कि अगर अभी विदेशी खातेदारों के नाम बता दिए गए तो स्विट्जरलैंड और जर्मनी जैसे देश जांच में सहयोग नहीं करेंगे. जेटली ने कल राज्यसभा में काले धन के मुद्दे पर कानूनी अड़चनें भी गिनवाईं.

 

काले धन पर वित्तमंत्री अरुण जेटली के जवाब से कांग्रेस और टीएमसी संतुष्ट नहीं हैं. दोनों पार्टियों ने मामले पर सदन से वॉक आउट कर दिया था.