राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ेंगी जयललिता!

TN govt decides to release all rajiv convicts, Writes to centre seeking its opinion

नई दिल्ली: चुनाव से पहले तमिलनाडु मुख्यमंत्री जयललिता ने मारा है मास्टरस्ट्रोक. तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने के लिए गृहमंत्रालय को चिट्टी लिखी है. इस चिट्ठी में जिक्र किया गया है कि राजीव गांधी के हत्यारों ने 24 साल से ज्यादा की सजा काट ली है. ऐसे में उन्हें जेल से रिहा कर देना चाहिए.

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब चुनाव से पहले तमिलनाडू सरकार ने ऐसा मास्टरस्ट्रोक लगाया हो. इससे पहले जयललिता ने केंद्र सरकार से लोकसभा चुनाव के दौरान राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने की इजाजत मांगी थी. लेकिन उस वक्त केन्द्र का कहना था कि ऐसे फैसले लेने से पहले सलाह मशविरा होना चाहिए.

तमिलनाडु सरकार ने सीआरपीसी की धारा 435 के तहत सजा माफी की बात कही थी इस पर उस वक्त कहा गया कि कानून में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि केन्द्र से सलाह मशविरा किए बिना राज्य सरकार ऐसे अधिकारों का इस्तेमाल नहीं करेगी. और अब फिर एक बार तमिलनाडू सरकार ने राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने के लिए गृहमंत्रालय को चिट्ठी लिख कर उनसे इस पर राय मांगी है.

राजीव गांधी हत्यारो की रिहाई का मामला अब केवल राजनीति का सिक्का बनकर रह गया है. जिसे जब मन किया पलट दिया जाता है. हालहीे में अपने पिता की मौत के बाद पेरोल पर 12 घंटे के लिए बहार आई नलिनी ने सरकार से ये गुहार ज़रूर लगाई थी, कि उन सभी ने 24 साल की सजा काट ली है. अब उनकी रिहाई हो. हालांकि जयललिता के इस कदम के खिलाफ तमिलनाडु में कोई भी पार्टी नहीं आ सकती. यहां तक कि खुद कांग्रेस के लिए भी ये किसी असमंजस से कम नहीं.

दरअसल 2014 में जब जया सरकार ने रिहाई का फैसला किया था तब उनका ये मास्टरस्ट्रोक उन्ही पर बैकफायर कर गया. राजीव गांधी हत्याकांड में मौत की सजा से राहत पाने वाले सभी दोषियों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के फैसले के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था.

राज्य सरकार ने राजीव गांधी हत्याकांड में मौत की सजा से राहत पाने वाले सभी दोषियों संथन, मुरुगन, पेरारीवलन और उम्रकैद की सजा काट रहे नलिनी श्रीहरन, रॉबर्ट पायस, रविचंद्रन और जयकुमार को रिहा करने का आदेश दिया था. लेकिन, इसके खिलाफ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि मामले की जांच सीबीआई ने की थी और इस केस में केंद्रीय कानून के तहत सजा सुनाई गई. ऐसे में रिहा करने का अधिकार केंद्र का है.

सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता सरकार के फैसले पर रोक लगाकर मामले को 5 जजों की संविधान पीठ को भेज दिया था. कोर्ट ने सारे राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और फैसला आने तक उम्रकैद के कैदियों को रिहा न करने के आदेश दिए थे.

ऐसे में फिर एक बार जया सरकार ने वही कदम उठाते हुए इन्हें रिहा करने का फैसला कर केंद्र से राय मांगी है. हालांकि चुनाव से पहले जयललिता को ये कितना फायदा पहुंचाएगा ये कहना मुश्किल होगा, लेकिन इतना तय है कि चुनाव से पहले फिर एक बार राजीव गांधी हत्यारो को मोहरा बनाकर पार्टियां दांव ज़रूर खेलेगी.

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Web Title: TN govt decides to release all rajiv convicts, Writes to centre seeking its opinion
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