बिहार : पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य शौचालय की शर्त खत्म

By: | Last Updated: Wednesday, 3 February 2016 11:06 AM
toilet in the house not mandatory in bihar panchayat polls

पटना: बिहार सरकार ने अपने ही पूर्व के फैसले को बदलते हुए पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने के लिए घर में शौचालय की अनिवार्यता को खत्म करने का निर्णय लिया है.

बिहार कैबिनेट (मंत्रिपरिषद) की मंगलवार को हुई बैठक में बिहार पंचायत राज (संशोधन) अध्यादेश, 2016 को मंजूरी दी गई. बैठक के बाद मंत्रिपरिषद सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

उन्होंने बताया कि बैठक में बिहार राज्य पंचायत राज अधिनियम 2006 में किए गए उस प्रावधान को हटा दिया गया है, जिसमें मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, पंचायत सदस्य और जिला परिषद के सदस्यों को चुनाव लड़ने के लिए उनके घरों में शौचालय होना अनिवार्य कर दिया गया था.

राज्य सरकार ने माना है कि पंचायत राज अधिनियम 2006 में इस प्रावधान के कारण कमजोर वर्ग के लोगों को पंचायत चुनाव में उम्मीदवार बनने में कठिनाई होगी, क्योंकि बड़ी संख्या में कमजोर वर्ग के लोगों के घरों में अभी भी शौचालय नहीं है.

मेहरोत्रा ने बताया कि बैठक में डीजल और पेट्रोल पर अधिभार बढ़ाने के प्रस्तव को भी मंजूरी दी गई. नए प्रस्ताव के तहत राज्य में तेल कंपनियों से 20 प्रतिशत के बजाय अब 30 फीसदी अधिभार वसूला जाएगा.

कैबिनेट की बैठक में ‘बिहार विकास मिशन’ के लिए 46 पदों का सृजन किए जाने पर भी सहमति दी गई है. बैठक में शिक्षा विभाग के अंतर्गत वर्तमान वित्तवर्ष में 114 नए प्राथमिक विद्यालय भवनों के लिए 6़31 करोड़ रुपये व्यय करने की अनुमाति प्रदान की गई.

 

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Web Title: toilet in the house not mandatory in bihar panchayat polls
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