कांग्रेस के 16 सचिवों ने कहा, राहुल के खिलाफ बयानबाजी नहीं रुकी तो सोनिया से होगी शिकायत

By: | Last Updated: Wednesday, 3 September 2014 11:05 AM

नई दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कांग्रेस के भीतर से उठ रही आवाज को लेकर पार्टी में एक खेमा राहुल के बचाव में खुलकर सामने आ गया है. पार्टी के 16 सचिवों ने साझा बयान जारी कर रहा है कि राहुल के खिलाफ बयानबाजी नहीं रुकी तो इसकी शिकायत सोनिया गांधी से की जाएगी . राहुल गांधी के खिलाफ एक के बाद एक नेता मोर्चा खोल चुके हैं. शुरुआत राहुल के करीबियों में से एक मिलिंद देवड़ा ने राहुल की टीम पर सवाल उठाकर की थी . पिछले दिनों एक अखाबर को दिये इंटरव्य़ू में महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में राहुल की वजह से हार हुई .

 

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हो रहे बयानों पर कांग्रेस में हलचल मच रही है. आज राहुल गांधी के समर्थन में 16 सचिव सामने आए. इन लोगों ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ बयानबाजी नहीं रूकी तो सोनिया गांधी से शिकायत होगी.

 

इस मुद्दे पर पार्टी के 16 सचिवों ने आपस में मुलाकात की है. इन सचिवों का मानना है कि राहुल गांधी को बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ बयानबाजी की जा रही है. इन नेताओं ने मांग की है कि ऐसी बयानबाजी बंद होनी चाहिए. ये लोग अपनी इस मांग के बारे में सोनिया गांधी को चिट्ठी भी लिख सकते हैं.

 

लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से ही कांग्रेस पार्टी के भीतर राहुल गांधी के नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठती रही है. हाल ही में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी इंडियन एक्सप्रेस को दिए बयान में कहा था कि राहुल गांधी की खामोशी भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हारने की एक वजह है.

 

राहुल गांधी पर किन नेताओं ने उठाए सवाल?

 

दिग्विजय सिंह

 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस की वापसी के लिए ये जरूरी है कि राहुल गांधी को ज्यादा दिखें और उन्हें ज्यादा सुना जाए. देश के लोग जानना चाहते हैं कि राहुल गांधी की सोच क्या है, ब्रैंड राहुल गांधी क्या है.

 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण ये रहा कि 63 साल के नेता ने युवाओं को अपनी ओर खींच लिया जबकि 44 साल के नेता ऐसा नहीं कर पाए. अगर राहुल गांधी लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करते तो उन्हें उन मुद्दों को उठाने का मंच मिलता जिसे वो देश के लिए अहम समझते हैं. उन्हें मंच जरूर चुनना चाहिए ताकि देश के लोगों को पता चले कि उनकी सोच क्या है.

 

जगमीत सिंह बराड़

 

कांग्रेस कार्यसमिति के पूर्व सदस्य और पंजाब में कांग्रेस के बड़े नेता जगमीत सिंह बराड़ ने कहा था कि पार्टी की हार के बाद अब अगर सोनिया और राहुल दो साल के लिए छुट्टी ले लें तो कोई हर्ज नहीं है. बराड़ का ये भी कहना है कि पार्टी को करारी हार के बाद ही सभी सचिवों से इस्तीफे लेकर नए नेताओं के हाथ में कमान सौंप देनी चाहिए थी.

 

गुफरान आजम

 

मध्य प्रदेश से कांग्रेस के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता गुफरान आजम ने कहा था कि राहुल गांधी को कोई पप्पू कहता है कोई मुन्ना. वह ये सुन सुनकर थक चुके हैं. गुफरान आजम ने कहा कि राहुल को दस साल का मौका दिया गया अगर वो नहीं कर पा रहे कुछ तो उन्हें छोड़कर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने साफ किया कि राहुल गांधी नेता नहीं बन सकते.  गुफरान ने सोनिया गांधी को इसके लिए चिट्ठी भी लिखी है.

 

भंवर लाल शर्मा

 

राजस्थान के सरदार शहर से कांग्रेस के विधायक भंवर लाल शर्मा ने कहा था कि पार्टी पर नेता थोपा नहीं जाना चाहिए बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से नेता का चुनाव होना चाहिए. बीएल शर्मा ने कहा, ‘प्रियंका लाओ, राहुल लाओ.. कुछ और भी सोच लो, और भी सीनियर नेता हैं.’

 

टी एच मुस्तफा

 

केरल के पूर्व मंत्री टी एच मुस्तफा ने कहा था कि प्रचार के दौरान राहुल अपने नजदीकी लोगों से घिरे रहे. उन्होंने कहा कि चुनावों में ‘जोकर की तरह काम करने’ से कोई फायदा नहीं होने वाला. मुस्तफा ने कहा था, ‘उन्हें पार्टी से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्हें पद पर नहीं बने रहना चाहिए. अगर वह स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं देते तो उन्हें हटा दिया जाना चाहिए. उन्होंने (चुनाव प्रचार के दौरान) जोकर की तरह काम किया.’

 

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Web Title: top five congress leaders who comment on rahul gandhi
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