फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा- कन्हैया के सात में से दो वीडियो फर्जी

By: | Last Updated: Wednesday, 2 March 2016 9:36 AM
Two JNU videos manipulated: forensic report

नई दिल्ली: जेएनयू विवाद में चौकाने वाला खुलासा हुआ है. ये खुलासा जेएनयू में नौ फरवरी को देशद्रोही नारेबाजी के आरोपी कन्हैया कुमार से जुड़े वीडियो को लेकर है.

दिल्ली सरकार के आदेश पर जेएनयू के विवादास्पद कार्यक्रम के वीडियो क्लिपिंग के सेट की फारेसिंक जांच से पता चला है कि दो वीडियो में ‘जोड़ तोड़’ हुईऔर इस क्लिप्स में जो व्यक्ति मौजूद नहीं थे उनकी आवाज जोड़ी गई थी.

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा हैदराबाद स्थित ट्रूथ लैब को भेजे गए सात वीडियो में से दो में जोड़ तोड़ पाया गया जबकि बाकी असली है. उन्होंने कहा, ‘‘हेरफेर किये गए क्लिप्स में वीडियो को एडिट किया गया और आवाजों को जोड़ दिया गया. पूरक के साथ मुख्य रिपोर्ट दिल्ली सरकार को सौंपी गयी है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या जिन आवाजों को जोड़ा गया वे व्यक्ति छेडछाड़ किये क्लिप्स में नजर नहीं आए, उन्होंने कहा ‘बेशक’.

अरविंद केजरीवाल नेतृत्व वाली सरकार ने जेएनयू कैंपस में नौ फरवरी को कथित देशविरोधी नारेबाजी की घटना की तफ्तीश के लिए 13 फरवरी को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये थे.

वीडियो को लेकर कटघरें में दिल्ली पुलिस

कन्हैया पर सुनावई के दौरान सोमवार को अदालत के पुलिस से ये पूछने पर कि क्या उनके पास कन्हैया के ख़िलाफ़ कोई सीसीटीवी फ़ुटेज या अन्य सबूत है, दिल्ली पुलिस ने कहा था कि वीडियो में कन्हैया नारे लगाते हुए नहीं दिख रहे हैं, लेकिन ऐसे गवाह मौजूद हैं जिन्होंने उन्हें नारे लगाते हुए देखा है. कन्हैया की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की जांच प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा कर दिया था. कोर्ट ने पूछा था जब 9 फरवरी को नारेबाजी के वक्त सादे कपडों मे पुलिस मौके पर मौजूद थी तो फिर 11 फरवरी को एक न्यूज चैनल की फुटेज के आधार पर FIR क्यों दर्ज की गई ? अदालत ने ये भी पूछा कि क्या कन्हैया ने ही 9 फरवरी के कार्यक्रम का आयोजक था और अगर नारे लगाने वाले लोग बाहर से आये थे तो उसके लिए कन्हैया को ज़िम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है?

दिल्ली सरकार के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के सामने कन्हैया को जमानत दिए जाने पैरवी की थी. कन्हैया कुमार की ओर से दलील दी गई थी कि ना तो वो 9 फरवरी के कार्यक्रम का आयोजक था और ना ही उसने देश विरोधी नारे लगाए, वो तो वहां दो पक्षों के बीच झगड़े को सुलझाने के लिए गया था. नारेबाजी बाहर से आए लोगों ने की थी

नौ फ़रवरी को जेएनयू में एक कार्यक्रम में कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में पुलिस ने कन्हैया को गिरफ़्तार किया था और वो राष्ट्रदोह के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं.

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Web Title: Two JNU videos manipulated: forensic report
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