योगी सरकार बनते ही दो बूचड़खाने बंद, अफसर बता रहे दूसरी वजह!

योगी सरकार बनते ही दो बूचड़खाने बंद, अफसर बता रहे दूसरी वजह!

By: | Updated: 20 Mar 2017 09:08 PM

नई दिल्ली: योगी सरकार के एजेंडे में अवैध बूचड़खाने बंद करवाना प्राथमिकता है लेकिन सरकार में मंत्रियों के विभाग बंटने और कैबिनेट की पहली बैठक होने से पहले ही इलाहाबाद में दो बूचड़खाने बंद करा दिए गए. नगर निगम की टीम ने पुलिस को साथ लेकर शहर के अटाला और नैनी इलाके के दो बूचड़खानों को बंद करवाकर ताला जड़ दिया है.


हालांकि प्रशासन कह रहा है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दस महीने पहले ही इन बूचड़खानों को बंद करने का आदेश दिया था. पिछले साल ही इस पर कार्रवाई हुई थी लेकिन दबंग ताला तोड़कर काम शुरू कर दिया करते थे अब एक बार फिर इसे बंद कर दिया गया है.


हालांकि इन बूचड़खानों से जुड़े रोजगार पाने वाले लोग सरकारी अमले की कार्रवाई को सत्ता में बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं. इनका कहना है कि पुरानी सरकार में बंदी के आदेश के बावजूद लोग काम कर लेते थे नई सरकार अगर इसे बंद कर रही है तो रोजगार के लिए कोई और इंतजाम करना पड़ेगा.

उत्तर प्रदेश में सिर्फ चालीस वैध बूचड़खाने हैं जिसे केंद्र सरकार से लाइसेंस मिला हुआ है लेकिन राज्य में 316 अवैध बूचड़खाने हैं. अवैध बूचड़खाने वो जगह होती हैं जहां तय मानक से ज्यादा पुश काटे जाते हैं और राज्य सरकार के प्रदूषण बोर्ड और पर्यावरण विभाग का लाइसेंस नहीं होता. दो साल पहले एनजीटी ने इन बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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