प्रेस कॉन्फ्रेंस: राम मंदिर बनाने का ये तरीका बता रही हैं उमा भारती?

By: | Last Updated: Saturday, 23 January 2016 11:23 PM
uma bharati in press confrence

एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम में फायर ब्रांड बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती हर तीखे सवाल का जवाब दीं.
सवाल. 10 नवम्बर 2004 ग्यारह साल बाद वे तेवर कहा चले गए वो जो एक फायर ब्रांड उमा भारती इस तरह से आडवाणी जी उस समय के लौह पुरुष उनके सामने से आप कहती हुई चली गई थी.

उत्तर. फायर ब्रांड तो आप लोगों का दिया हुआ नाम है. उस दिन क्योंकि कैमरे मौजूद थे तो आप को लगा कि पहली बार हुआ अन्यथा मैं इस तरह बोलती रही हूं पहले भी अभी भी मैं बोल देती हूं जब जरूरत पड़ती है तो अपनी बात कह देती हूं. बाकि तेवर क्यों बदल गए है उसका कारण है कि पहले फायर ब्रांड थी मगर मोदी जी ने वॉटर ब्रांड बना दिया है. जल संसाधन मंत्री हूं तो तरल हो गई हूं.

सवाल. पर ये बदलाव आया है जरुर उमा भारती में ऐसा लगता है पहले आप नेता थी अब एक तरह से नौकरी सी करती हैं. ये बदलाव की वजह क्या है?
उत्तर. मुझे लगता है कि आप ने जिस शब्द का प्रयोग किया है नौकरी करना. मैं इसका मतलब नहीं समझी हूं नौकरी करने की न बात पहले थी न आज है. मुझे पता नहीं आप ने मेरे लिए इस शब्द का प्रयोग क्यों किया.

सवाल. वो जो जोश था वो जो गर्मी थी वो जो एक टसक थी उमा भारती होना उसका एक मतलब था.
उत्तर. वो टसक तो आज भी है लेकिन गंगा का काम ऐसा है कि इसकी गहराई में जा करके इसकी समस्याओं को समझना पड़ा है और ये इतना चुनौतियों से भरा काम है. इस काम में समस्या की विविधता है कि इसमे एक से डेढ़ साल जिस तरह से मुझे अपने आप को खपाना पड़ा है उसके बाद में आपको ऐसा लग रहा होगा. लेकिन मूल जो चीज व्यक्ति की टशक होती है वो तो कभी जाती नही है वो तो बेसिक क्वालिटि होती है.

PC uma bharti 1सवाल. आजकल आप एकदम से गायब हो गई हैं. कहीं कोई बयान नहीं कोई भाषण नहीं. कोई प्रेस कॉफ्रेस नहीं तो कारण क्या है. आप को पार्टी की ओर से कहा गया है चुप रहने को कि आप ने खुद फैसला लिया है.
उत्तर. जब में मंत्री बनी तो मुझे अनुमान नहीं था कि एक मंत्रालय का नोटिफिकेशन होगा गंगा के नाम का और उस चीज ने मुझे इतना अभिवीत किया और मैं इतनी आनंद में डूब गई कि मेरे जिंदगी का सबसे अच्छा समय है. इसीलिए मैं आप लोगों के उकसाने पर नही आने वाली हूं कि मैं निदरता का जबरदस्ती कोई प्रदर्शन करने लग जाऊं वो मैं नहीं करूंगी. मैं परम आनंद में हूं. अगर मैं गंगा को निर्मल कर सौंप सकी देश को तो मैं ये मानूंगी हजार जिंदगीयों से एक बड़ा काम है वो मैने कर दिया.

सवाल. पर उमा जी क्या लगता है कि ये एक गंभीरता है वो उम्र सिखाती है एक बात?
उत्तर. आपका कहना है एकदम सही है उम्र के साथ स्वभाव में गंभीरता आना वो तो परिवर्तन आया है मेरे अंदर मैं उस परिवर्तन को नोट करती हूं. वो मुझे अच्छा लगता है जब मैं अपने आप को मॉनिटर करती हूं “मॉनिटर माई सेल्फ” उसमें मैं देखती हूं कि मेरे स्वभाव में भी परिवर्तन आ रहा है. और वो परिवर्तन मुझे बहुत अच्छा लग रहा है.

सवाल. ऐसा है कि गंगा के प्रभाव में बहुत सारे tributaries मिलते हैं और उन में से कई ऐसे ट्रिब्यूटरिज हैं जिनमें बहुत भयंकर पॉल्यूशन है तो क्या आप के मंत्रालय के पास कोई प्रोग्राम है जिसमें उन ट्रिब्यूटरिज में क्लीनिंग का भी ध्यान रखा गया है?
उत्तर. आप ने बिल्कुल सही प्रश्न किया है और ये सच्चाई है कि गंगा में यद्दपी यमुना मिलती है, लेकिन यमुना जब गंगा में मिलती तो चम्बल आ जाती है यमुना में वे चम्बल का पानी इतने बेक में आता है कि यमुना जब गंगा में मिलती है तब शुद्ध हो चुकी होती है. लेकिन राम, गंगा और काली और और दो तीन नदियां हैं जो पूरे भयानक गंदगी के साथ गंगा में मिलती है और बिजनौर से लेकर कानपुर के बीच का जो सबसे ज्यादा प्रदूषित माना गया है और इस में ही दोनों ट्रिब्यूटरिज है जो मिलती है. दोनों ट्रिब्यूटरिज को अगर हम ट्रिब्यूट नहीं करेंगे तो हम गंगा को निर्मल नहीं कर पाएंगे. इसीलिए दोनों ट्रिब्यूटरिज को हमने लिया हुआ है. हम इस पर काम कर रहें हैं. हमने एनाउन्समेंट भी किए हैं और हमारा जो मिशन गंगा का पहला फेज है, उस में ही हमने लिया हुआ है .

देखें पूरे कार्यक्रम का वीडियो-http://abpnews.abplive.in/videos/uma-bharti-in-press-conference-4-320621/

सवाल. राम मंदिर पर आपके एक सहयोगी है उनके सुर हैं कि तारीख नहीं बताएंगे मंदिर हम बनाएंगे(संजय राउत). ये जो बात कह रहे हैं आप के सहयोगी, नीतिश कुमार भी इसी बात को कह रहे हैं. भाई आप लोग कह रहे हैं कि मंदिर बनाएंगे पर तारीख नहीं बताएंगे. इस पर आपको क्या कहना है?
उत्तर. मुझे बहुत अच्छा लगा कि नीतिश भी तारीख जानना चाहते हैं तो हम विश्व हिन्दु परिषद के लोगों को कहेंगे कि वे नीतिश कुमार को बुला लें तारीख तय कर लें. और पहली कार सेवा नीतिश ही करें अयोध्या में आकर के ये तो आप ने मुझे अच्छी खबर सुनाई है. अभी जाकर ही मैं नीतिश को फोन करूंगी. मुझे तो पता ही नहीं था कि नीतिश कुमार भी डेट जानना चाहते हैं मंदिर के निर्माण के लिए.

सवाल. पर उनकी आशा यही है कि आप यही कहते रहते हैं कि हर बार राम मंदिर कि बात करते रहते हैं, सत्ता में आ जाते हैं तब वो ठण्डे बस्ते में चला जाता है. उनका आशय ये है?
उत्तर. आप मेरे को उनसे पूछने तो दीजिए अगर वे मंदिर का निर्माण चाहते हैं तो पहली कार सेवा वही कर दे. वो तो बहुत अच्छा रहेगा. अगर ऐसा कर दोगे तो बहुत शांति हो जाएगी. मैं आपको बताउं अयोध्या का सबसे अच्छा समाधान यही होगा कि मुलायम सिंह और नीतिश कुमार जैसे लोग इस समस्या को प्रस्तुत करें, और अगर वो प्रस्तुत करेंगे तो वाकई पूरी गंभीरता के साथ इसका समाधान हो जाएगा. यह जो पक्ष है विरोध करता रहा है और यही समर्थन करे और रास्ता निकाले आपस में बातचित के जरिए. क्योंकि मामला subjudice है. और इस काम को वाकई नीतीश कुमार और मुलायम सिंह जैसे लोग जितना अच्छा कर सकते हैं क्योंकि हमें तो आप करने नहीं दोगे, मीडिया वाले हमें करने नहीं देंगे आप, आप लोग तो हू……करोगे आप लोग हम करेंगे तो.

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