मुलायम की 'छोटी बहू' की गोशाला में भूखी मर रही हैं गायें

मुलायम की 'छोटी बहू' की गोशाला में भूखी मर रही हैं गायें

गोशाला चलाने वाली संस्था के जयकेश त्रिपाठी ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि हर दिन पांच गायें मर जाती हैं. सरकारी अनुदान नहीं मिलने से गायों के लिए खाने का इंतजाम नहीं हो पा रहा है.

By: | Updated: 09 Oct 2017 10:56 PM

लखनऊ: गायों का मुद्दा जोर शोर से उठाने वाली बीजेपी के राज में ही गायें भूखी मर रही हैं. ये खबर यूपी की राजधानी लखनऊ से है, जहां कान्हा उपवन के गोशाला में पिछले 6 महीनों में ही एक हज़ार गायें मर चुकी हैं. खबर तो ये है कि यहां हर रोज चार से पांच गायें अपना दम तोड़ रही हैं.


प्रतीक यादव और अपर्णा यादव इस संस्था से जुड़े हैं


लखनऊ की ये गोशाला जीवाश्रय संस्था चलाती है. मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव और बहू अपर्णा यादव इस संस्था से जुड़े हैं. दोनों ने सोमवार दोपहर को सीएम योगी आदित्यनाथ से भी भेंट की. जब से यूपी में बीजेपी की सरकार बनी है गोशाला को एक भी पैसा नहीं मिला है. बिना सरकारी मदद के गोशाला की हालत ख़राब हो रही है. इसी सिलसिले में अपर्णा यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद योगी आदित्यनाथ इस गोशाला का दौरा भी कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने गायों को चारा भी खिलाया था.


गोशाला को नहीं मिल रहा है सरकारी अनुदान


गोशाला चलाने वाली संस्था के जयकेश त्रिपाठी ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि हर दिन पांच गायें मर जाती हैं. सरकारी अनुदान नहीं मिलने से गायों के लिए खाने का इंतजाम नहीं हो पा रहा है. त्रिपाठी ने कहा कि चीफ सेक्रेटरी से लेकर सभी अफसरों को इस बात की जानकारी दी जा चुकी है. बता दें कि अखिलेश यादव के राज में 50 रुपये प्रति गाय के हिसाब से सरकार पैसे देती थी.


हर दिन गोशाला में आती हैं 40 से 45 गायें 


इस गोशाला में हर दिन 40 से 45 गायें आती हैं. पिछले ही महीने योगी सरकार ने सभी जिलों खास तौर से बुंदेलखंड में गोशाला खोलने का एलान किया था. यूपी में अब तक योजना आयोग तो नहीं बना लेकिन गोसेवा आयोग का गठन गो चुका हैं. ऐसे हालात में भूख से गाय के मरने से राज्य सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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