UPSC विवाद: एडमिट कार्ड जारी होने के बाद बवाल, संसद भवन का घेराव करने वाले छात्रों की पिटाई

By: | Last Updated: Friday, 25 July 2014 2:12 AM
UPSC aspirants clash with police, burn vehicles including a police jeep in North Delhi

नई दिल्ली: यूपीएससी में सिविल सेवा परिक्षा का सिलेबस बदलने की मांग को लेकर उठा विवाद बढ़ गया है. सड़क से लेकर संसद तक हंगामा हो रहा है. परीक्षा के लिए कल एडमिट कार्ड जारी होने के बाद से ही बवाल शुरू हो गया है.

आज छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे लेकिन पुलिस ने छात्रों को रोक दिया.  पुलिस छात्रों को हिरासत में ले रही है. इसी के साथ संसद मार्ग की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कुछ छात्रों की जबरन पिटाई की गई है. एक छात्र को तो बस में खुद एडिशनल एसीपी एसबीएस त्यागी ने पीटा है.  त्यागी ने कानून हाथ में लेते हुए छात्र की पिटाई की है.

 

एडिशनल सीपी एसबीएस त्‍यागी ने बताया कि यूपीएससी विवाद में प्रदर्शनकारियों को रेल भवन जाने से रोका गया. करीब 100 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. हमने तीन मेट्रो स्‍टेशन बंद करने की अपील की है.

 

इस मसले पर संसद के दोनों सदनों में भी हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.  केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने यूपीएससी मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक पीएम ने यूपीएससी मामले पर चिंता जाहिर की. पीएम ने कहा कि सरकार इस मामले में फिर से यूपीएससी से संपर्क करेगी और एक बार फिर संघ लोक सेवा आयोग से बात की जाएगी.

 

केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा कि, ”पीएम यूपीएससी मामले को लेकर गंभीर हैं. जांच कमेटी की रिपोर्ट अभी नहीं आई है. रुटीन के तहत काम हो रहा है और रिपोर्ट आने के बाद अंतिम फैसला होगा. एडमिट कार्ड बंटने से सरकार के फैसले पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.”

 

क्यों हुआ विवाद:

यूपीएससी ने आगामी 24 अगस्त को होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को गुरुवार से एडमिट कार्ड जारी करना शुरू कर दिया. जिसके बाद यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने राजधानी के रिंग रोड पर खूब हंगामा किया.

उग्र छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों को आग लगा दी. उग्र भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया है. छात्रों को हिरासत में लिये जाने के खिलाफ गांधी विहार इलाके में प्रदर्शन किया गया है. छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने लड़कियों की भी पिटाई की है.

 

नाराज छात्रों का कहना है कि सरकार ने यूपीएससी प्रवेश परीक्षा में सी सैट हटाने को लेकर लिखित में आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार इससे पलट गई और यूपीएससी ने एडमिट कार्ड जारी कर दिया. इससे पहले पीएमओ में राज्य मंत्री ने कहा था कि इस मामले में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें आगे की कार्यवाही की जाएगी.

 

आपको बता दें कि यूपीएससी स्वायत्त संस्थान है. सरकार सिर्फ यूपीएससी  को सिफारिश कर सकती है. उस पर अमल करने या ना  करने का अधिकार सिर्फ यूपीएससी को है.

 

यूपीएससी द्वारा जारी किए जा रहे एडमिड कार्ड के अनुसार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पूर्वनिर्धारित 24 अगस्त को ही होगी.

 

क्या है छात्रों की मांग?

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले हिंदीभाषी छात्र पिछले कई दिनों से इस परीक्षा के बदले हुए पैटर्न को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इन छात्रों की मांग है कि सी-सैट यानी सिविल सर्विसेज एप्टिट्यूड टेस्ट को खत्म कर परीक्षा में पुराने पैटर्न को लागू किया जाए. इन छात्रों का कहना है कि सी-सैट के आने से हिंदी भाषी छात्रों के लिए परीक्षा पास करने में काफी मुश्किलें आ रही हैं. अंग्रेजी को पास करने की अनिवार्यता हिंदी भाषी छात्रों के लिए परीक्षा पास करने में रोड़े अटका रही है.