UPSC विवाद: सरकार के एलान से संतुष्ट नहीं विपक्ष और छात्र, आज संसद से सड़क तक हो सकता है हंगामा

By: | Last Updated: Tuesday, 5 August 2014 1:31 AM
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नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा के सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सी-सैट) को खत्म करने की छात्रों की मांग के बीच केंद्र ने सोमवार को संसद में सीसैट पैटर्न में मामूली बदलाव की घोषणा की. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र सरकार के इस कदम से नाखुश हैं और वे सी-सैट पूरी तरह खत्म करने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं. सी-सैट के मुद्दे पर आज भी संसद में हंगामा हो सकता है. यूपीएससी से सीसैट को नहीं हटाए जान के फैसले का विपक्ष जमकर विरोध कर रहा है.

 

यूपीएससी की परीक्षा से सी-सैट को नहीं हटाए जाने के फैसले का कई राजनीतिक दल भी विरोधकर रहे हैं. कांग्रेस, एनसीपी और आम आदमी पार्टी समेत कई और दल सरकार के फैसले के विरोध में हैं. कांग्रेस ने केंद्र सरकार के फैसले को टू लिटिल टू लेट करार दिया है. कांग्रेस ने कहा है कि अगर अंग्रेजी को मेरिट लिस्ट में नहीं जोड़ा जाएगा तो अंग्रेजी की परीक्षा लेने का क्या औचित्य?

 

वहीं यूपीएससी के छात्र सीसैट को पूरी तरह से हटाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं. खबर है कि आज दोपहर छात्र बीजेपी दफ्तर या गृहमंत्री राजनाथ सिंह के घर का घेराव कर सकते हैं.

 

सरकार ने खत्म नहीं किया सीसैट लेकिन सिविल सर्विसेज परीक्षा में 20 नंबर के अंग्रेजी पेपर पर तय नहीं होगी मेरिट

 

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में ऐलान किया कि प्रारंभिक परीक्षा के सी-सैट प्रश्न-पत्र में अंग्रेजी के सवालों के अंकों को ग्रेडेशन या मेरिट में शामिल नहीं किया जाएगा. सरकार ने यह घोषणा भी की कि 2011 की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए छात्रों को 2015 की परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका दिया जाएगा. सीसैट 2011 से ही लागू हुआ था.

 

सी-सैट के मुद्दे पर आज संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने भी खूब हंगामा किया.

 

जानें, यूपीएससी विवाद की 10 बड़ी बातें?

 

छात्रों की दलील है कि सी-सैट के जरिए अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के साथ-साथ उन्हें तवज्जो दी जा रही है जो विज्ञान, इंजीनियरिंग या प्रबंधन पृष्ठभूमि के परीक्षार्थी हैं.

 

इस बीच, नेपाल के दो दिवसीय दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरूण जेटली और कार्मिक राज्य मंत्री जीतेंद्र सिंह से मुलाकात की और इस मुद्दे से जुड़ी ताजा जानकारी हासिल की.

 

सरकार ने संसद में सोमवार को जो घोषणा की उससे जुड़ी अधिसूचना कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी की जाएगी और फिर यूपीएससी उसे लागू करेगी.

 

आक्रोशित परीक्षार्थियों को शांत करने की कोशिशों के तहत सिंह ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा के सीसैट प्रश्न-पत्र में अंग्रेजी कॉम्प्रिहेंशन के सवालों के अंकों को ग्रेडेशन या मेरिट में शामिल नहीं किया जाएगा. एक संक्षिप्त बयान में सिंह ने यह भी कहा कि 2011 की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुए छात्रों को 2015 की परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका दिया जाएगा.

 

पिछले कई दिनों से इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामा हो रहा था और कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी . बहरहाल, प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के बयान को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें सीसैट खत्म किए जाने से कम पर कुछ भी मंजूर नहीं है .

 

प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे सिविल सेवा परीक्षार्थी पवन ने कहा, ‘‘सी-सैट को लेकर कार्मिक राज्य मंत्री जीतेंद्र द्वारा लोकसभा में दिए गए बयान से हम बिल्कुल संतुष्ट नहीं हैं. हम सी-सैट को पूरी तरह खत्म करने की मांग करते हैं. हमने जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है.’’

 

पवन ने कहा, ‘‘सरकार ने आज जो घोषणा की, वह छात्रों की कभी मांग रही ही नहीं. हमने बीजेपी सरकार से कभी नहीं कहा था कि सीसैट पैटर्न में संशोधन किया जाए. इसकी बजाय, हमारी मांग थी कि हिंदी माध्यम में पढ़े लाखों छात्रों के हित में सीसैट को खत्म किया जाए.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘चुनावों से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि वह सीसैट खत्म करेगी. बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार ने उन लाखों यूपीएससी परीक्षार्थियों को धोखा दिया है जिन्हें उम्मीद थी कि नई सरकार उनकी मांगें मानेगी.’’ इस बीच, यूपीएससी ने कहा कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा अपने निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आगामी 24 अगस्त को ही होगी. यूपीएससी ने यह भी कहा कि सरकार ने संसद में आज जो घोषणाएं की हैं, उन्हें लागू किया जाएगा.

 

प्रारंभिक परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की भी मांग कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों ने अब मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना अभियान जारी रखने का फैसला किया है. पिछले करीब 25 दिन से वे उत्तर दिल्ली के मुखर्जी नगर में प्रदर्शन कर रहे थे. 

 

विपक्ष ने की सरकार की आलोचना

कांग्रेस ने यूपीएससी परीक्षा पर सरकार की प्रतिक्रिया को खारिज कर दिया और इसे आंख में धूल झोंकने वाला करार दिया और कहा कि सभी लोगों के साथ परामर्श करके एक ‘सर्वसम्मति समाधान’ खोजा जाए.

 

सी-सैट-2 में अंग्रेजी का अंक ग्रेडेशन या मेरिट में नहीं जोड़े जाने और 2011 के अभ्यर्थियों को अगले साल परीक्षा में बैठने देने का एक और मौका दिये जाने के निर्णय का मजाक उड़ाते हुये पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसके अंक नहीं जोड़े जाने पर अंग्रेजी परीक्षा की प्रासंगिकता और एक और मौका देकर समस्या का समाधान होने को लेकर सवाल उठाया.

 

यूपीएससी को लेकर जारी विवाद पर सरकार को घेरते हुए विपक्षी राजद ने कहा कि सी-सैट को हटाने की मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है.

 

राजद के सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा, ‘‘यह घोषणा आज की कार्यवाही की सूची में भी नहीं थी. हमें लगता है कि सरकार हिंदी समेत भारतीय भाषाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है. सी-सैट हटाने के लिए संसद में मांग उठी थी और सड़कों पर भी विद्यार्थियों ने मांग की.’’ हालांकि राकांपा नेता तारिक अनवर ने कहा, ‘‘अधिकतर मुद्दों पर ध्यान दिया गया है और मौजूदा हालात में जो किया जा सकता था, किया गया है. लेकिन भविष्य में कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी पक्षों को विश्वास में लिया जाना चाहिए.’’

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