यूपी: बीजेपी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मुरादाबाद प्रशासन को दी खुलेआम धमकी

By: | Last Updated: Saturday, 12 July 2014 8:42 AM
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नई दिल्ली: मुरादाबाद पहुंचे यूपी बीजेपी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आज खुलेआम जिला प्रशासन के अधिकारियों को धमकी दी. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने साफ-साफ कहा कि जब तक वो बदला नहीं ले लेते चुप नहीं बैठेंगे.

 

प्रशासन को धमकाते हुए लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ये भी भविष्यवाणी कर दी कि यूपी की समाजवादी पार्टी की सरकार तीन साल से ज्यादा नहीं चलने वाली लेकिन सबसे बड़ी बात ये कि प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन के अफसरों के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया उसे सही नहीं ठहराया जा सकता.

 

लक्ष्मीकांत मुरादाबाद जेल में बंद कार्यकर्ताओं से मिलने गए थे लेकिन शनिवार होने की वजह से उन्हें नहीं मिलने दिया गया. उसके बाद उन्होंने प्रेस कॉंफ्रेंस बुलाया और ये बाते कहीं.

 

लक्ष्मीकांत ने कहा, “कप्तान साहब के ये बात ध्यान देनी चाहिए कि इतने मदांध ना हों,  सपा की सरकार अधितकतम तीन साल रहेगी. भगवान की मार धीरे से चिपकती है पता नहीं लगता कब चिपक जाएगी,  परिवार में किस पर चिपक जाएगी. हम संविधान की मर्यादा में रहकर कोई गैर-संवैधानिक काम नहीं करेंगे. बीजेपी ने इस कप्तान की हरकतों से आहत होकर इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाया है. और ये मान के चले कप्तान, सपा की चाकरी कर रहा है करे. बीजेपी नागिन की तरह आँख में उतार लिया है, दोस्ती और दुश्मनी बहुत दूर तक निभाएंगे. जब तक कार्यकर्ता के इस अपमान का बदला नहीं आएगा तब तक बीजेपी चुप बैठने वाली नहीं है. हमें करना कुछ भी पड़ेगा हम उसको करके दिखाएंगे.

 

इसके बाद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा, “कार्यकर्ता के साथ जो गैर-संवैधानिक कार्य कप्तान ने कराया और एएसपी अनिल कुमार ने किया है उसे नागिन ने अपनी आँखों में उतार रखा है वक्त का इंतजार करूंगा. कप्तान ने जो किया है उसकी सजा उसे मिलेगी.”

 

क्या था पूरा मामला:

आपको बता दें कि मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र के कुमार फिलिंग स्टेशन के सामने 27 जून को एक धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर उतरवाने को लेकर ग्रामीणों व पुलिस में जमकर संघर्ष हुआ था. एक सिपाही ने बेवजह एक युवक की पिटाई कर दी, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और पथराव कर दिया.

 

इसके बाद मुरादाबाद के एसएसपी धर्मवीर ने मुरादाबाद में हुए हंगामे के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया था. पुलिस का कहना था कि उपचुनाव होने हैं इसलिए बीजेपी ने लाउडस्पीकर हटाने को मुद्दा बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी.

 

उसके बाद पंचायत में शामिल होने जा रहे तीन सांसद व विधायक समेत 120 भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया था. तीन सांसद नेपाल सिंह, सतपाल सैनी, कंवर सिंह तंवर व विधायक संगीत सोम को भी हिरासत में लिया गया. बाद में पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया गया.