अजीज़ कुरैशी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस, 6 हफ्ते में मांगा जवाब

By: | Last Updated: Thursday, 21 August 2014 4:40 AM

नई दिल्ली: राज्यपाल के पद से हटाए जाने के संकेत के बीच उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज़ कुरैशी की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से 6 हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है.

 

दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने इस केस को पांच जजों की संविधान पीठ को भेज दिया है.

 

अजीज के मुताबिक गृह सचिव ने फोन कर उन्हें राज्यपाल का पद छोड़ने के लिए कहा था.

 

गौरतलब है यूपीए की सरकार में नियुक्त किए गए कई राज्यपालों को मोदी सरकार बनने के बाद गृसचिव ने उन्हें अपने पद से हटने के लिए कहा गया था. लेकिन अज़ीज़ ने मोदी सरकार की इस बात पर नाराजगी जताई है.

 

यूपी के राज्यपाल का इस्तीफा, असम और कर्नाटक के गवर्नर का इनकार

 

इससे पहले मिजोरम की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल को भी भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर मोदी सरकार ने बर्खास्त कर दिया था और इसे लेकर काफी बवाल भी मचा था.

 

गुजरात के राज्यपाल के रूप में  बेनीबाल और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिश्ते कड़वाहट भरे थे. लोकायुक्त की नियुक्ति और कुछ अन्य विधेयकों को लेकर दोनों के बीच टकराव हुआ था.

 

क्या है संविधान पीठ

 

संविधान पीठ सुप्रीम कोर्ट के उस पीठ का नाम है जिसमें कम से कम सुप्रीम कोर्ट के पांच जज होते हैं. किसी अहम फैसले पर इस पीठ (बेंच) की नियुक्ति की जाती है. खास तौर पर इस बेंच का गठन तब किया जाता है जब सविंधान और कानून से जुड़ी पेचीदगियों का मतलब निकालने में दिक्कत आ रही हो. सविंधान के अनुच्छेद 143 (3) में इस बेंच को मान्यता दी गई है. भारत के प्रधान न्यायाधीश को इस बेंच के गठन और उसे मामले सौंपने का अधिकार है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: uttarakhand_governer
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Governer Modi Sarkar uttarakhand
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017