क्या नेताजी और वाजपेयी को मिलेगा भारत रत्न?

By: | Last Updated: Monday, 11 August 2014 11:12 AM
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नई दिल्ली: ऐसी अटकलें तेज हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिल सकता है.

 

गृह मंत्रालय द्वारा पांच भारत रत्न पदकों का आर्डर दिये जाने से अटकलें बढी हैं. भाजपा नेता पूर्व में अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किये जाने की मांग उठा चुके हैं.

 

भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार के प्रमुख नरेन्द्र मोदी  मुमकिन है इस बारे में फैसला कर सकते हैं और अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में इसकी घोषणा कर सकते हैं. भारत रत्न के लिए जिन अन्य लोगों के नामों की चर्चा चल रही है उनमें सुभाष चन्द्र बोस शामिल हैं.

 

ये सवाल चर्चा में इसलिए हैं क्योंकि सरकार ने भारत रत्न के पांच मेडल बनाने का ऑर्डर दिया है . सूत्रों के मुताबिक सरकार ने आरबीआई मिंट यानी टकसाल को पांच मेडल बनाने के आदेश दिए हैं. इससे अब ये चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या सरकार एक से ज्यादा लोगों को भारत रत्न सम्मान देगी.

 

सुभाष चंद्र बोस

 

सूत्रों के मुताबिक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिल सकता है. हालांकि, इससे पहले भी बोस को भारत रत्न अवार्ड देने की कोशिश की गई थी, लेकिन उनके परिजनों की आपत्ति के बाद उसे लौटा दिया गया.

 

इन अटकलों के बीच सुभाष चंद्र बोस के नाती सुगाता बोस ने कहा है कि नेताजी भारत रत्न जैसे अवार्डस से ऊपर हैं और अगर उन्हें कोई अवार्ड दिया जा सकता है कि वह विश्व रत्न हो सकता है. सुगाता बोस ने आगे कहा कि सुभाष चंद्र बोस का कद राष्ट्र पिता गांधी जी के बराबर का है.

 

अटल बिहारी वाजयेपी

 

सूत्र बता रहे हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी का नाम सबसे ऊपर है जिन्हें ये सम्मान मिल सकता है. अटल बिहारी वाजपेयी एनडीए के शासन काल में प्रधानमंत्री थे. मई 1996 में वाजपेयी 13 दिन के लिए पीएम बने थे फिर 1998 में 13 महीने के लिए पीएम बने. इसके बाद 1998 से 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे. वाजपेयी के ही कार्यकाल में भारत ने परमाणु परीक्षण किया और देश को परमाणु शक्ति वाले देश के रूप में पहचान दिलाई.

 

मदन मोहन मालवीय

 

वाजपेयी के अलावा भारत रत्न सम्मान पाने वालों में मदन मोहन मालवीय के नाम की भी चर्चा है. मदन मोहन मालवीय ने ही बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी. लोकसभा चुनाव में वाराणसी से चुनाव लड़ने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस के चुनावी अभियान की शुरुआत बीएचयू से ही की थी जहां उन्होंने मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर फूल भी चढ़ाया था. 25 दिसंबर 1861 को जन्मे मदन मोहन मालवीय इंडियन नेशनल कांग्रेस के चार बार अध्यक्ष भी रहे थे. 12 नवंबर 1946 को 84 साल की उम्र में मदन मोहन मालवीय का निधन हुआ था.

 

चित्रकार राजा रवि वर्मा

 

भारत रत्न सम्मान के लिए चित्रकार राजा रवि वर्मा के नाम की भी चर्चा है . 29 अप्रैल 1848 को केरल के ट्रावनकोर में जन्मे राजा रवि वर्मा को याद किया जाता है उनकी  पेंटिग्स के लिए. महाभारत और रामायण जैसे कई पौराणिक ग्रंथों के पात्र राजा रवि वर्मा की चित्रकारी की खासियत थे . इसके अलावा भारतीय और यूरोपीयन शैली की चित्रकारी के फ्यूजन की झलक भी इनकी पेंटिंग्स में बखूबी दिखती है. 2 अक्टूबर 1906 को 58 साल की उम्र में राजा रवि वर्मा का निधन हुआ .

 

मेजर ध्यानचंद

 

इनके अलावा हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम की भी चर्चा है . यूपी के इलाहाबाद में 29 अगस्त को 1905 को जन्मे ध्यानचंद को हॉकी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कहा जाता है . कहा जाता है कि ध्यानचंद की हॉकी स्टिक के पास गेंद आने का मतलब गोल होना तय है . ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भीरत को गोल्ड मेडल दिलवाया . अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में ध्यानचंद ने 400 से ज्यादा गोल किए. 3 दिसंबर 1979 को 74 साल की उम्र में ध्यानचंद का निधन हुआ . 

 

हालांकि अभी ना तो नाम तय है और ना ही ये तय है कि कितनी हस्तियों को मिलेगा भारत रत्न सम्मान लेकिन माना जा रहा है कि अवार्ड पाने वालों में एक से ज्यादा हस्तियां हो सकती हैं.

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