VHP के अशोक सिंघल ने कहा- हम धर्मांतरण के लिए नहीं, दिल जीतने के लिए निकले, मुस्लिमों और ईसाईयों को बताया विश्व युद्ध के लिए जिम्मेदार

By: | Last Updated: Sunday, 21 December 2014 7:06 AM
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नई दिल्ली: धर्म परिवर्तन पर वीएचपी के वरिष्ठ नेता नेता अशोक सिंघल का बयान आया है. सिंघल ने कहा है कि, ”हम धर्म परिवर्तन के लिए नहीं, लोगों के दिल जीतने के लिए निकले हैं.”

 

सिंघल ने आगे  कहा, ”इस्लाम और ईसाई जो कर रहे हैं उससे लग रहा है कि दुनिया युद्ध के सामने खड़ी है. अशोक सिंघल ने आरोप लगाया है कि इस्लाम, ईसाई औऱ कम्युनिस्ट विश्व युद्ध के खिलाड़ी हैं. उन्होंने कहा कि हम इसमें शामिल नहीं हैं.”

 

इसके साथ ही सिंघल ने कहा कि यह सरकार हिंदू की रक्षा करने वाली है.

 

गुजरात के वलसाड में VHP के कार्यक्रम में 300 लोग ईसाई से हिंदू बने, कल RSS प्रमुख भागवत ने कहा था-जिन्हें एतराज हो वो बनाएं कानून 

 

विकास के वादे पर सत्ता में आई मोदी सरकार अब संघ और अपने सांसदों की बयानबाजी से मुश्किल में हैं. खबरें आई थी कि धर्मांतरण विवाद पर बीजेपी सांसदों की बयानबाजी से नाराज होकर पीएम मोदी ने उन्हें सख्त लहजे में चुप रहने की हिदायत दी थी. लेकिन अब संघ प्रमुख आगे बढ़कर धर्मांतरण की वकालत कर रहे हैं और पीएम चुप हैं. ऐसे में बड़ा सवाल ये कि क्या मोदी की रफ्तार पर लग गया है भागवत ब्रेक?

 

धर्मांतरण के मुद्दे पर संसद में पहले से ही घिरी सरकार की मुश्किल संघ प्रमुख के इस बयान से बढ़नी तय है.

 

कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद के सम्मेलन में मोहन भागवत ने न सिर्फ धर्मांतरण को जायज ठहराया, बल्कि सरकार से उस पर कानून तक बनाने की मांग कर दी.

 

धर्मांतरण के मुद्दे पर विपक्ष ने संसद को ठप कर रखा है. पीएम से बयान देने की मांग की जा रही है. वहीं मोदी की चुप्पी पर बीजेपी तर्क दे रही है कि जब जरूरत पड़ेगी पीएम बोलेंगे.

 

इस पूरे विवाद ने संसद में कई महत्वपूर्ण बिलों के पास होने का रास्ता रोक रखा है. अगर धर्मांतरण का मुद्दा नहीं छिड़ा होता तो शायद अटके बिलों पर संसद की मुहर लग चुकी होती.

 

मई में सत्ता संभालने के बाद मोदी सरकार के फैसलों ने आम जनता में नई उम्मीदें जगाई थीं. विकास के वादे पर चुनकर सत्ता में आए पीएम मोदी घूम-घूम कर दुनिया में भारत का डंका भी बजा आए.

 

लेकिन अब धर्मांतरण के मुद्दे पर अपने ही लोगों के कारण वो सवालों के घेरे में हैं. संघ प्रमुख के तेवर और पीएम की चुप्पी से सवाल उठ रहे हैं कि क्या मोदी की रफ्तार पर लग गया है भागवत का ब्रेक?

 

पीएम मोदी को घेरने में जुटा विपक्ष उन्हें विकास के वादों की याद दिला रहा है. जाहिर है ऐसे में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के ताजा बयान के बाद पीएम मोदी के लिए चुप रहना, सबका साथ, सबका विकास वाले नारे पर ही सवाल खड़ा करता नजर आएगा.

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