'मनमोहन सिंह को थी 2जी घोटाले की जानकारी, कमलनाथ ने भी किया था आगाह'

By: | Last Updated: Friday, 12 September 2014 6:23 AM
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नई दिल्ली: पूर्व नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) विनोद राय ने दावा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को टू जी घोटाले की खबर पहले से थी. लेकिन वे इस पर चुप्पी साधे रहे. राय ने यह भी दावा किया है कि मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले को लेकर भी पहले से सतर्क किया गया था.

 

राय ने यह भी खुलासा किया है कि कांग्रेस नेता संजय निरुपम, अश्वनी कुमार और संदीप दीक्षित ने कैग की ऑडिट रिपोर्टों में तत्कालीन पीएम मनमोहिन सिंह के नाम को बाहर रखने के लिए दवाब बनाया था.

 

सत्ता में रहना चाहते थे मनमोहन सिंह?

इसके साथ ही राय ने मनमोहन सिंह के नेतृत्ल में गठबंधन की राजनीति की आलोचना करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह की ज्यादा रुचि सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए ही थी. गौरतलब है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में ही टू-जी स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले हुए थे. उस समय कैग प्रमुख विनोद राय थे और इन घोटालों में हुए नुकसान के अनुमानों को लेकर तब यूपीए सरकार काफी दवाब में आ गई थी.

 

राय ने 2जी घोटले को लकेर मनमोहन सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. राय के मुताबिक सिंह को 2जी घोटाले की पल-पल की जानकारी थी और अगर चाहते तो तत्कालान टेलीकॉम मंत्री ए.राजा. को रोक सकते थे.

 

राय के अनुसार कांग्रेस नेता कमलनाथ समेत कुछ दूसरे मंत्रियों ने भी 2जी घोटाले को लेकर पीएम को जानकारी दी थी. राय ने कमलनाथ की उस चिट्ठी को भी सार्वजनिक किया है जिसमें कमलनाथ ने मनमोहन सिंह को अलर्ट किया है. लेकिन राय का कहना है कि कमलनाथ की इस चेतावनी को पूर्व प्रधानमंत्री ने नजरअंदाज कर दिया.

 

टाइम्स नाउ को दिए इंटव्यू में राय ने कहा कि कोयला ब्लॉक घोटाले को लेकर भी पूर्व पीएम को पहले ही सजग कर दिया गया था. पूर्व कोयला सचिव ने भी पूर्व कैग राय के इन दावों का समर्थन किया है.

 

हालांकि कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने राय के इन आरोपों को निराधार और झूठा बताया है. वहीं राय के इन खुलासों को पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने सिरे से खारिज किया है. 

 

कोर्ट का फैसला

2जी स्पेक्ट्रम पर 2008 में लिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने एकतरफा, असंगत, मनमानी और विरोधाभासी करार देते हुए सभी 122 लाइसेंसों को रद्द कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि यह निर्णय लोगों के हितों के खिलाफ है और समानता के सिद्धांतों का उल्लघंन करता है.

 

इस केस में सीबीआई ने ए.राजा समेत उनके सीनियर अधिकारियों और उद्योगपतियों को आरोपी बनाकर 1.76 लाख करोड़ घोटाले में आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया था. कैग ने इस घोटाले में लगभग 1.76 लाख करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया था.

 

देश के पूर्व कैग राय बतौर कैग अपने कार्यकाल पर एक किताब लिख रहे हैं. उनका मानना है कि यूपीए सरकार ने उनका फोन टैप किया. उनके मुताबिक 2जी के पहले आओ पहले पाओ और कोयला ब्लॉकों के बिना नीलामी आवंटन के फैसले में मनमोहन सिंह की भी भागीदारी थी.

 

राय ने मनमोहन सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2जी और कोयला मामलों में वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते. 2-जी केस में तत्कालीन टेलीकॉम मंत्री ए.राजा ने उन्हें जितनी भी चिट्ठी लिखीं उन सबका सिंह ने जवाब दिया. लेकिन मेरी लिखी किसी चिट्ठी का जवाब हमें नहीं मिला.

 

मनमोहन सिंह की आलोचना

टाइम्स नाउ को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व कैग ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ईमानदारी केवल पैसे की नहीं होती बल्कि बौद्धिक और पेशेवराना स्तर पर भी होती है आपने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली है.

 

एक बुजुर्ग राजनेता के तौर पर पूर्व पीएम की सोच के बारे में जब पूर्व कैग की राय पूछी गई तो उन्होंने कहा, ”देश को सरकार के अधीन और राजनीतिक पार्टियों को गठबंधन के अधीन नहीं रखा जा सकता. यूपीए सरकार के समय यह कहा जा रहा था कि अच्छी राजनीति, अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छी होती है पर क्या अच्छी राजनीति का मतलब सत्ता में बने रहना होता है?”

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