जानें- उत्तर प्रदेश में मोहर्रम के लिए दुर्गा पूजा पर पाबंदी का वायरल सच

जानें- उत्तर प्रदेश में मोहर्रम के लिए दुर्गा पूजा पर पाबंदी का वायरल सच

क्या मोहर्रम के चक्कर में इस बार दुर्गा पूजा पर पाबंदियां लगा दी गई हैं? क्या मुसलमानों के मोहर्रम के लिए हिंदुओं की दुर्गा पूजा पर प्रशासनिक पाबंदी की तलवार लटक रही है? क्या एक एक अक्टूबर को मोहर्रम की वजह से दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए दशहरे की तारीख तय कर दी गई है?

By: | Updated: 27 Sep 2017 09:55 PM
नई दिल्ली: देश मां दुर्गा की भक्ति के लिए नवरात्र के रंग में डूबा हुआ है, लेकिन रंग में भंग डालने का काम कर रहा है वो दावा जिसके मुताबिक मोहर्रम के लिए दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन पर पाबंदी लगा दी गई है. यूपी में दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन पर पाबंदी का दावा किया जा रहा है. चलिए पता लगाते हैं आस्था को कानून की बेड़ियों में जकड़ने का ये दावा आखिर कितना सच्चा है?

क्या मोहर्रम के चक्कर में इस बार दुर्गा पूजा पर पाबंदियां लगा दी गई हैं? क्या मुसलमानों के मोहर्रम के लिए हिंदुओं की दुर्गा पूजा पर प्रशासनिक पाबंदी की तलवार लटक रही है? क्या एक एक अक्टूबर को मोहर्रम की वजह से दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए दशहरे की तारीख तय कर दी गई है?

उत्तर प्रदेश में मोहर्रम के लिए दुर्गा पूजा पर दीपक शर्मा नाम का एक शख्स पाबंदी का दावा कर रहा है. सोशल मीडिया पर हिंदुओं के ठेकेदार बनकर सामने आए दीपक शर्मा का दावा है कि उन्नाव का जिला प्रशासन मोहर्रम के चक्कर में हिंदुओं की आस्था को दबाने की कोशिश कर रहा है.

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ये शख्स कह रहा है, ‘’हमारे हिंदू भाईयों ने खासकर वाल्मीकी भाईयों ने ज्वाला जी जाकर वहां से अखंड ज्योति जलाकर सफीपुर में आयोजित करने का प्रायोजन 29 तारीख को किया, जिस दिन नवरात्र का अंतिम दिन हैय उसके लिए आयोजन करने के लिए अनुमति मांगी. लेकिन ये कहकर इंकार कर दिया गया कि आप पूजा नहीं कर सकते क्योंकि उस दिन वहां पर ताजिया निकलना है, जुलूस निकलना है मुसलमानों का मुहर्रम का.’’

हिंदुओं के हक की लड़ाई लड़ने का ढकोसला करने सोशल मीडिया पर उतरे दीपक शर्मा ने यहां तक कह दिया की उत्तर प्रदेश में ज्वाला जी की जोत नहीं जलाने देकर सरकार यूपी में भी पश्चिम बंगाल जैसे स्थिति बनाना चाहती है. लेकिन इन्हें अपने मुख्यमंत्री योगी जी पर पूरा भरोसा है कि वो ऐसा नहीं होने देंगे.

दीपक शर्मा नाम का शख्स कह रहा है, ‘’उत्तर प्रदेश में जो हमारे मंत्री है वो सर्वधर्म सम्भाव की बात करते हैं उनकी सरकार में प्रशासन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है और माहौल बिगाड़ने के बात बोल कर पूजा पर रोक लगा रहा है.प्रशासन समझ ले अब ये अखिलेश सरकार नहीं है इस तरह की घटिया बातें नहीं चलेगी, ये योगी जी की सरकार है. निवेदन आप लोग ये शेयर करें ताकि प्रशासन तक ये बात पहुंचे कि किस तरीके से दुर्गा पूजा को उत्तर प्रदेश में रोका जा रहा है , किस तरह से हमारी आस्था से साथ खेला जा रहा है, किस तरह से पूजन को सिर्फ एक समाज की वजह से आगे-पीछे करवाने की कोशिश की जा रही है, आखिर क्यों?’’

लेकिन सवाल ये है कि दीपक शर्मा किस आधार पर सोशल मीडिया पर गला फाड़ कर ये दावे कर रहे हैं? क्या सच में उन्नाव में ऐसा कुछ हुआ है जिसमें प्रशासन ने मोहर्रम की ताजिया के लिए हिंदुओं की धार्मिक आस्था पर पाबंदी लगाई है? जवाब के लिए पड़ताल जरूरी थी इसलिए एबीपी न्यूज़ तहकीकात शुरू की.

हिंदुओं को अखंड जोत नहीं जलाने देने का मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के सफीपुर तहसील का बताया जा रहा था इसलिए पड़ताल के लिए एबीपी न्यूज सीधे सफीपुर पहुंचा.  सफीपुर में जब हमने लोगों को वायरल वीडियो दिखाया और पूछा की क्या मोहर्रम की वजह से उनके दुर्गा पूजा आयोजन पर कोई पाबंदी लगाई गई है?

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इसके जवाब में एक स्थानीय निवासी ने बताया, ‘’29 को होने वाला था, लेकिन प्रशासन ने कहा की 27 को कर लेना क्योंकि 28-29 को ताजिया निकलने वाली है, अनुमति मिल गई है.’’ लोगों की माने तो एक ही दिन ताजिया और वाल्मीकि समाज के लोगों को अखण्डज्योति कार्यक्रम करने को लेकर विवाद तो हुआ था, लेकिन प्रशासन ने समझदारी से इसका हल निकाल लिया है.

प्रशासन ने ये साफ किया कि किसी भी धर्म के लोगों को उनके पर्व त्योहार मनाने पर पाबंदी नहीं लगाई गई है. मतलब हिंदू 29 सितंबर यानी नवमी के दिन अखंड जोत जलाने का क्रार्यक्रम रखना चाहते थे और उसी दिन मुहर्रम के लिए भी एक जुलूस निकलने वाला था इसलिए दोनों समुदाय का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के लिए प्रशासन ने अखंड जोत के कार्यक्रम को 27 तारीख को रखने को कहा और तजिया 28-29 को निकलेगी. ये फैसला भी प्रशासन ने खुद नहीं लिया बल्कि दोनो समुदाय के लोगों को बैठाकर आपसी विचार-विमर्श के बाद समझदारी दिखाते हुए ये फैसला लिया गया है.

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दीपक शर्मा जैसे लोगों को किसी की वकालत करने की जरूरत नहीं है. क्योंकि जिस बात को मुद्दा बनाकर वो सांप्रदायिक भेदभाव फैलाने की कोशिश कर रहे थे उस मुद्दे का समाधान हिंदू और मुसलमान भाईयों ने प्रशासन के सहयोग से आपस में मिलकर निकाल लिया है. हमारी पड़ताल में उत्तर प्रदेश में मोहर्रम के लिए दुर्गा पूजा पर पाबंदी का दावा झूठा साबित हुआ है.

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