वायरल सच: इस तस्वीर की सच्चाई जानिए!

By: | Last Updated: Wednesday, 24 February 2016 8:10 PM
viral sach: truth behind this picture

नई दिल्ली: वायरल सच में आज पड़ताल एक तस्वीर की. अखबारों में खबर छपी थी कि एक विधवा महिला के ढाबे को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जला दिया गया. लेकिन सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ढाबे के आगे बैठी महिला की वो तस्वीर झूठी है. तो आईए करते हैं तस्वीर के सच की पड़ताल.

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ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक तरफ जलती हुई दुकान के आगे एक महिला बैठी है एक तस्वीर ये कहानी बता रही है कि दो बेटियों की मां और एक विधवा महिला के ढाबे को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया गया.

जबकि दूसरी तस्वीर के जरिए ये दावा किया जा रहा है कि महिला की ये तस्वीर झूठी है रेवड़ी की दुकान के आगे रखी मेज को पहले आग लगाई और फिर महिला को वहां बिठाकर फोटो खींची गई.

मीडिया को दोषी ठहराते हुए ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. एबीपी न्यूज ने सोशल मीडिया पर वायरल होती इस तस्वीर की पड़ताल की.

तस्वीर की हकीकत जानने के लिए एबीपी न्यूज रोहतक में उस दुकान तक पहुंचा जिसके सामने से फोटो ली गई थी. पड़ताल में सामने आया कि वहां एक ढाबा है जिसे चंचल नाम की महिला चलाती हैं. चंचल के पति की मौत हो चुकी है और उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं. और जहां तक रेवड़ी की दुकान की बात है तो वहां रेवड़ी की दुकान भी है जो चंचल के ढाबे से बिल्कुल सटी हुई है.

एबीपी न्यूज की पड़ताल में वायरल हो रहा ये मैसेज झूठा साबित हुआ है.

अगर आपके पास भी ऐसा कोई वायरल मैसेज फोटो या वीडियो है जिसके सही होने पर आपको शक है तो एबीपी न्यूज को viralsach@abplive.in पर भेज दीजिए. हम उस वायरल खबर की पड़ताल करेंगे.

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Web Title: viral sach: truth behind this picture
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