वायरल सच: इस मैसेज की सच्चाई क्या है?

By: | Last Updated: Thursday, 3 March 2016 10:18 PM
viral sach: truth of this message

नई दिल्ली: देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हुए जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया को कल कोर्ट ने जमानत दे दी. इधर कन्हैया को जमानत मिली और उधर सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल होने लगा. इस मैसेज में वो बाते लिखीं है जो कोर्ट ने जमानत देते वक्त कहीं. लेकिन मैसेज में लिखी ये बातें कितनी सच हैं इसकी पड़ताल करते हैं.

19 दिन बाद कन्हैया को कोर्ट से जमानत मिल गई है कन्हैया को जमानत मिलने के बाद से सोशल मीडिया पर ये मैसेज वायरल हो रहा है. इस मैसेज में कुछ बातें लिखी हैं दावा ये है कि ये सारी बातें कोर्ट ने कन्हैया को 6 महीने की अंतरिम जमानत देते हुए कही. हम बारी-बारी मैसेज की बातें भी बताएंगे और उनका सच भी.

मैसेज में सबसे पहली बात लिखी है कि कोर्ट ने कहा कि जेएनयू छात्र संघ का अध्यक्ष होने के नाते कैंपस में किसी भी तरह के देश विरोधी कार्यक्रम की जिम्मेदारी कन्हैया की होनी चाहिए. देश के हर नागरिक को भारत के संविधान के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखने की आजादी दी गई है. वो किसी भी राजनीतिक दल की विचारधारा से जुड़ा हो सकता है लेकिन संविधान के दायरे में रहकर.

मैसेज में लिखी पहली बात सच है.

मैसेज में दूसरा दावा ये है कि जज ने कहा कि छात्रों में एक तरह का संक्रमण फैल रहा है उसे वक़्त रहते न रोका गया तो वो एक महामारी का रूप ले सकती है. वहां के शिक्षकों की भी ये जिम्मेदारी है कि वो छात्रों को सही गलत की जानकारी दें.

तीसरी बात ये कि कोर्ट ने कहा कि न्यायिक हिरासत में रहते हुए कन्हैया ने जो कुछ हुआ उस बारे में आत्मचिंतन किया होगा.

दूसरा और तीसरा दावा भी बिल्कुल सही है.

चौथी बात- ऐसे नारे उन शहीदों का अपमान हैं जो खुद शहीद होकर हमारी रक्षा करते हैं ये अपमान है उन परिवार वालो का जिनके अपनों के तिरंगे में लिपटे शरीर घर वापस लौटते हैं.

पांचवीं बात- जेएनयू जैसे सुरक्षित कैंपस में जो छात्र ऐसे नारे लगा रहे हैं वो इस वजह से क्योंकि हमारे देश के जवान सियाचिन और कच्छ के रण के मुश्किल हालातों में देश की रक्षा कर रहे हैं जहां ऑक्सीजन भी ठीक से नहीं होती. अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की फोटो सीने से चिपकाए देश के खिलाफ नारे लगाने वाले ये लोग एक घंटे भी ऐसे हालातों में खड़े नहीं हो सकते.

एबीपी न्यूज की पड़ताल में चौथा और पांचवां दावा भी सच साबित हुआ है. कोर्ट ने कन्हैया की जमानत पर फैसला सुनाते हुए ये सारी बातें कही थीं जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं यानि ये वायरल मैसेज बिल्कुल सही साबित हुआ है.

अगर आपके पास भी ऐसा कोई वायरल मैसेज फोटो या वीडियो है जिसके सही होने पर आपको शक है तो एबीपी न्यूज को viralsach@abplive.in पर भेज दीजिए. हम उस वायरल खबर की पड़ताल करेंगे.

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