धार्मिक हिंसा पर लंबी खामोशी के बाद पीएम मोदी ने आज तोड़ी चुप्पी

By: | Last Updated: Tuesday, 17 February 2015 8:17 AM
We can not accept violence against any religious group: Modi

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद सांप्रदायिक हिंसा की बढती घटनाओं पर खामोश रहने वाले प्रधानमंत्री ने अपनी लंबी चुप्पी तोड़ी है. विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि धर्म के आधार पर हिंसा को बर्दाशत नहीं किया जाएगा.

 

मोदी ने कहा, “हम किसी भी धार्मिक समूह के खिलाफ हिंसा को बर्दाशत नहीं करेंगे. हमारी सरकार इस तरह की हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी. मैं इस तरह की हिंसा की घोर निंदा करता हूं.”

 

मोदी ने आगे कहा, “मेरी सरकार किसी भी धार्मिक समूह को, बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक को खुलकर या छिपकर इस बात की इजाजत नहीं देगी कि वो किसी भी धर्म के खिलाफ नफरत फैलाएं.”

 

मोदी ने स्वामी विवेकानंद के कथन की नकल करते हुए कहा, “हम न सिर्फ वैश्विक सहनशीलता में यकीन रखते हैं, बल्कि हम सभी धर्मों को सच्चा मानते हैं.”

 

मोदी ने यहां ईसाई धर्मगुरुओं के सम्मेलन में कहा, “मेरी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आस्था की पूर्ण स्वतंत्रता हो. हर किसी के पास किसी तरह की जोर जबरदस्ती या अनुचित प्रभाव के बिना किसी भी धर्म को अपनाने या पालन करने का अधिकार हो.”

 

आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी की इस बात को लेकर जबरदस्त आलोचना हो रही थी कि वो सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दे पर बिलकुल खामोश रहते हैं. भारत दौरे पर आए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी देश में बढ़ते सांप्रदायिक हिंसा को मुद्दा बनाया था.

 

अब मोदी के सामने बड़ा सवाल ये है इन दिनों जिन लोगों ने देश में धार्मिक उन्माद को बढ़ावा दिया है वो उनकी विचारधारा के ही लोग हैं. खुद सत्ताधारी बीजेपी के कई नेताओं ने भड़काऊ बयान दिए हैं. सवाल ये भी क्या मोदी आरएसएस को काबू में कर पाएंगे, क्योंकि बीते दिनों आरएसएस ने ऐसे अनेक बयान दिए हैं जिनमें सांप्रदायिक नफरत की झलक दिखती है.

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Web Title: We can not accept violence against any religious group: Modi
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